सेंसेक्स 826 अंक टूटा, लगातार सातवें दिन गिरावट; IT-बैंकिंग शेयरों पर दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स ने 28 अक्टूबर 2026 को इंट्राडे कारोबार में 826.19 अंक यानी 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,772.48 के दिन के निम्नतम स्तर को छुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 209.05 अंक लुढ़ककर 22,540.70 तक पहुँचा। यह भारतीय शेयर बाज़ार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र की गिरावट है — आईटी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तथा अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता इसके प्रमुख कारण रहे।
बाज़ार का शुरुआती हाल
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स सुबह 345.23 अंक यानी 0.46 प्रतिशत गिरकर 73,253.44 पर खुला। निफ्टी 50 71.75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 22,678.00 पर आया। बैंक निफ्टी 181.65 अंक यानी 0.34 प्रतिशत फिसलकर 53,793.25 पर खुला।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,598.67 से 826.19 अंक टूटकर 72,772.48 के निम्नतम स्तर तक पहुँचा। विश्लेषकों के अनुसार यह पिछले कई हफ्तों की सबसे तीखी इंट्राडे गिरावटों में से एक रही।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, उसके बाद निफ्टी एफएमसीजी में 1.63 प्रतिशत की कमज़ोरी रही। निफ्टी ऑटो एकमात्र सेक्टर रहा जो हरे निशान में टिका, जिसमें 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई।
व्यापक बाज़ारों में मिला-जुला रुख रहा — निफ्टी मिडकैप 100 में 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
वैश्विक बाज़ारों का असर
एशियाई बाज़ारों में तस्वीर भिन्न रही। चीन का शंघाई इंडेक्स 0.87 प्रतिशत और शेन्ज़ेन इंडेक्स 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। जापान का निक्केई 1.26 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.38 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाज़ार पिछली रात हरे निशान में बंद हुए थे — नैस्डैक 1.18 प्रतिशत, एसएंडपी 500 0.6 प्रतिशत और डाउ जोंस 0.03 प्रतिशत ऊपर।
गौरतलब है कि एशियाई बाज़ारों की तेज़ी का लाभ भारतीय बाज़ार नहीं उठा सका, जो घरेलू स्तर पर आईटी कंपनियों की तिमाही आय की चिंताओं और भू-राजनीतिक दबाव की गंभीरता को दर्शाता है।
तकनीकी स्तर और विशेषज्ञ राय
विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,500–22,550 के दायरे में है, जबकि रेज़िस्टेंस 22,850–22,900 पर दिख रहा है। बैंक निफ्टी का सपोर्ट 53,800–54,000 और रेज़िस्टेंस 54,600–54,800 पर है। पिछले सत्र में बैंक निफ्टी 0.72 प्रतिशत गिरकर 53,974 पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की नज़र अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के नीतिगत फैसले और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है, जो पूरे सत्र में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) को प्रभावित कर सकते हैं।
FII-DII प्रवाह
27 अक्टूबर के आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹4,240 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,250 करोड़ के शेयर बेचे। FII की खरीदारी राहत की बात है, परंतु DII की बिकवाली से संकेत मिलता है कि घरेलू संस्थाएँ मुनाफावसूली की राह पर हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बाज़ार पर लगातार सातवें दिन दबाव बना हुआ है और निवेशक फेड के संकेतों का इंतज़ार कर रहे हैं — आगामी कारोबारी सत्र इस गिरावट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।