12 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 547 अंक टूटकर 71,924 पर बंद; FMCG, PSU बैंक शेयरों में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 547 अंक टूटकर 71,924 पर बंद; FMCG, PSU बैंक शेयरों में भारी बिकवाली

सारांश

वैश्विक अनिश्चितता, FII की बिकवाली और मध्य पूर्व तनाव के तिहरे दबाव में सोमवार को भारतीय बाजार धराशायी हुए — सेंसेक्स 72,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसला। FMCG और PSU बैंक सबसे ज़्यादा पिटे, जबकि स्मॉलकैप ने उलटी चाल चली।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सोमवार को 547.65 अंक (0.76%) गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ, जो 72,000 के स्तर से नीचे है।
निफ्टी 50 157.10 अंक (0.70%) की गिरावट के साथ 22,363.35 पर आया।
निफ्टी एफएमसीजी (1.67%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.18%) सबसे बड़े हारने वाले सूचकांक रहे।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 272.10 अंक (1.42%) चढ़कर 19,425.80 पर — लार्जकैप से अलग रुझान।
RBI द्वारा दैनिक CRR रखरखाव बढ़ाने और विशेष डॉलर विंडो खोलने से बैंकिंग शेयरों पर दबाव बढ़ा, रुपए में राहत आई।
मध्य पूर्व में हूती हमलों से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बाजार के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई है।

भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में लाल निशान में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 पर और निफ्टी 50 सूचकांक 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 22,363.35 पर बंद हुआ। सत्र की शुरुआत में बाजार ने बढ़त दिखाई, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाधाओं ने तेजी को टिकने नहीं दिया।

किन सेक्टर्स में रही सबसे अधिक गिरावट

बाजार में बिकवाली का सबसे तीखा दबाव एफएमसीजी और सरकारी बैंकिंग क्षेत्र में देखा गया। निफ्टी एफएमसीजी 1.67 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 1.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष हारने वाले सूचकांकों में रहे। निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी आईटी, निफ्टी कंजम्पशन, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी गिरावट में रहे।

इसके विपरीत, निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसई और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में बंद हुए, जो बाजार की मिली-जुली तस्वीर को दर्शाता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में दिखी अलग चाल

लार्जकैप शेयरों के विपरीत, मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में खरीदारी का रुझान रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 272.10 अंक यानी 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,425.80 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 47.25 अंक की मामूली तेजी के साथ 58,834.55 पर रहा। यह विभाजन संकेत देता है कि घरेलू खुदरा निवेशक चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं, जबकि संस्थागत निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

सेंसेक्स पैक: गेनर्स और लूजर्स

बीईएल, एम एंड एम, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और टाइटन सेंसेक्स पैक में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे।

दूसरी ओर, आईटीसी, टेक महिंद्रा, एचयूएल, एलएंडटी, एसबीआई, टीसीएस, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, टाटा स्टील, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, इटरनल और पावर ग्रिड गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

विशेषज्ञों का विश्लेषण

बाजार जानकारों के अनुसार, 10 साल के बॉन्ड यील्ड के तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुँचने और बाहरी अनिश्चितताओं के चलते FII की निरंतर बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमज़ोर किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की डॉलर ज़रूरतों के लिए एक विशेष विंडो खोलने और हेजिंग नियमों को सख्त करने के बाद रुपए में कुछ रिकवरी आई।

बैंकिंग शेयरों पर विशेष दबाव के बारे में जानकारों ने कहा कि RBI द्वारा अतिरिक्त तरलता को सोखने के लिए दैनिक CRR रखरखाव की अनिवार्यता बढ़ाने के बाद इस सेक्टर पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा, निवेशक घरेलू CPI महंगाई के आँकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिनसे मौद्रिक नीति की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

मध्य पूर्व तनाव और कच्चे तेल की चिंता

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बड़ी चिंता बना हुआ है। हूती ताकतों द्वारा सऊदी और क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने और कीमतें ऊँची रहने की आशंका बनी हुई है, जो भारत जैसे तेल-आयात पर निर्भर देश के लिए चालू खाते के घाटे को और बढ़ा सकती है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नज़र महंगाई के आँकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से नीचे जाना महज़ एक संख्या नहीं — यह उस नाजुक संतुलन की परीक्षा है जिसमें RBI घरेलू महंगाई से लड़ते हुए बाहरी झटकों को भी झेलने की कोशिश कर रहा है। CRR कसाव और डॉलर विंडो एक साथ खोलना दर्शाता है कि नीति-निर्माता कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं, जो जटिल है। गौरतलब यह भी है कि FMCG और PSU बैंक — दो ऐसे सेक्टर जो आम उपभोक्ता और सरकारी साख दोनों से जुड़े हैं — का एक साथ टूटना व्यापक आर्थिक दबाव का संकेत है, न कि सेक्टर-विशेष कमज़ोरी। जब तक CPI आँकड़े और मध्य पूर्व की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमवार को सेंसेक्स कितना गिरा?
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स का 72,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आना है।
आज बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?
विशेषज्ञों के अनुसार, 10 साल के बॉन्ड यील्ड के तीन साल के उच्चतम स्तर, FII की लगातार बिकवाली और मध्य पूर्व में हूती हमलों से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका प्रमुख कारण रहे। RBI द्वारा CRR रखरखाव बढ़ाने से बैंकिंग शेयरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
क्या सभी सेक्टर गिरावट में रहे?
नहीं, बाजार में मिली-जुली तस्वीर रही। निफ्टी मीडिया, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में बंद हुए। स्मॉलकैप 100 सूचकांक 1.42 प्रतिशत चढ़ा, जो लार्जकैप के विपरीत रुझान दर्शाता है।
RBI ने रुपए को संभालने के लिए क्या कदम उठाए?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की डॉलर ज़रूरतों के लिए एक विशेष विंडो खोली और हेजिंग नियमों को सख्त किया, जिससे रुपए पर दबाव कम करने में मदद मिली। साथ ही, अतिरिक्त तरलता सोखने के लिए दैनिक CRR रखरखाव की अनिवार्यता भी बढ़ाई गई।
आगे बाजार की दिशा क्या हो सकती है?
जानकारों के अनुसार, निवेशकों की नज़र आने वाले घरेलू CPI महंगाई आँकड़ों पर है, जिनसे RBI की मौद्रिक नीति की अगली दिशा का संकेत मिलेगा। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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