सेंसेक्स 135 अंक फिसला, 75,183 पर बंद; आईटी-एफएमसीजी पर दबाव, वैश्विक संकेत कमजोर

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सेंसेक्स 135 अंक फिसला, 75,183 पर बंद; आईटी-एफएमसीजी पर दबाव, वैश्विक संकेत कमजोर

सारांश

कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशियाई तनाव के बीच सेंसेक्स 135 अंक टूटकर 75,183 पर बंद हुआ। आईटी और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली हावी रही, जबकि रियल्टी और सीमेंट ने बाजी मारी। RSI 44 पर, 24,000 बड़ा अवरोध।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 21 मई को 135.03 अंक (0.18%) गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 4.30 अंक (0.02%) की गिरावट के साथ 23,654.70 पर बंद।
निफ्टी आईटी , एफएमसीजी और फाइनेंशियल सर्विसेज सर्वाधिक दबाव में; रियल्टी और सीमेंट आगे रहे।
BSE का कुल बाजार पूंजीकरण ₹461 लाख करोड़ से बढ़कर ₹462 लाख करोड़ ; निवेशकों को करीब ₹1 लाख करोड़ का लाभ।
तकनीकी स्तर पर 23,700–23,800 मजबूत प्रतिरोध; 23,500–23,600 अहम सहारा; RSI (14) फिलहाल 44 पर।
कच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों से महंगाई व रुपए की कमजोरी की चिंता बढ़ी।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स गुरुवार, 21 मई को 135.03 अंक या 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,183.36 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत टूटकर 23,654.70 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कड़ी टिप्पणियों के बाद कमजोर पड़े वैश्विक संकेतों ने आईटी और एफएमसीजी शेयरों पर बिकवाली का दबाव बनाए रखा।

मुख्य बाजार आँकड़े

सेंसेक्स आज 75,732.42 पर खुला और दिन के कारोबार में 75,945.79 का इंट्रा-डे हाई तथा 74,996.78 का लो बनाया। वहीं, निफ्टी50 23,830.05 पर खुलकर 23,859.90 के उच्च और 23,596.60 के निचले स्तर को छूकर 23,654.70 पर बंद हुआ।

व्यापक बाजारों में मिला-जुला रुख रहा — निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज हुई।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तकनीकी शेयरों से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी50 में ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज ऑटो, ट्रेंट, BEL, HDFC लाइफ, मैक्सहेल्थ, हिंडाल्को और विप्रो के शेयर सर्वाधिक लाभ में रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस, HUL, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फिनसर्व, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारती एयरटेल सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में रहे।

निवेशकों की संपत्ति और बाजार पूंजीकरण

BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹461 लाख करोड़ से बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हो गया, जिससे निवेशकों को इस सत्र में करीब ₹1 लाख करोड़ का लाभ हुआ। यह आँकड़ा उल्लेखनीय है क्योंकि सूचकांक गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी से कुल मूल्यांकन बढ़ा।

विशेषज्ञों की राय और तकनीकी दृष्टिकोण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आने से महंगाई, रुपए की कमजोरी और कंपनियों की लागत बढ़ने को लेकर चिंताएँ दोबारा उभरी हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के प्रयासों के बावजूद भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तरों के आसपास बना हुआ है, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह पर दबाव की आशंका बनी हुई है।

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, 23,700 और 23,800 का स्तर फिलहाल बाजार के लिए मजबूत प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है, जबकि 24,000 का स्तर सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक अवरोध माना जा रहा है। नीचे की तरफ 23,500–23,600 का दायरा महत्वपूर्ण सहारा (सपोर्ट) है — यदि बाजार 23,600 के नीचे जाता है तो तेज बिकवाली का दौर फिर शुरू हो सकता है।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI (14) फिलहाल 44 के आसपास है, जो दर्शाता है कि बाजार में अभी मजबूत तेजी के संकेत नहीं हैं और निकट भविष्य में सीमित दायरे में कमजोर रुख बना रह सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता सीमित बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संकेत गहरे हैं — निफ्टी50 का 23,800 के ऊपर टिक न पाना यह बताता है कि बाजार में खरीदारों का आत्मविश्वास अभी भी डगमगाया हुआ है। गौरतलब है कि RSI 44 पर होना और ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली एक ऐसे बाजार की तस्वीर पेश करती है जो दिशा तय करने के लिए किसी ठोस घरेलू या वैश्विक उत्प्रेरक का इंतजार कर रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कड़ी नीति और रुपए की कमजोरी एक साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लिए भारतीय बाजार को कम आकर्षक बना सकती है — यह जोखिम मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर कम आँका जाता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 मई को सेंसेक्स कितना गिरा और क्यों?
21 मई को सेंसेक्स 135.03 अंक (0.18%) गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों से कमजोर हुए वैश्विक संकेत इसकी मुख्य वजह रहे।
आज निफ्टी50 किस स्तर पर बंद हुआ?
निफ्टी50 आज 4.30 अंक (0.02%) की गिरावट के साथ 23,654.70 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने दिन में 23,859.90 का हाई और 23,596.60 का लो बनाया।
आज किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही?
निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज आज सबसे अधिक दबाव में रहे। वहीं निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी के लिए अहम तकनीकी स्तर क्या हैं?
विश्लेषकों के अनुसार 23,700 और 23,800 मजबूत प्रतिरोध स्तर हैं, जबकि 24,000 सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक अवरोध है। नीचे की तरफ 23,500–23,600 का दायरा अहम सहारा है; इसके नीचे जाने पर तेज बिकवाली का खतरा है।
आज BSE का कुल बाजार पूंजीकरण कितना रहा?
BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹461 लाख करोड़ से बढ़कर ₹462 लाख करोड़ हो गया। इससे निवेशकों को इस सत्र में करीब ₹1 लाख करोड़ का लाभ हुआ, भले ही प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए।
राष्ट्र प्रेस
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