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सेंसेक्स 541 अंक टूटकर 74,726 पर; कमजोर वैश्विक संकेतों से रियल्टी-बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

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सेंसेक्स 541 अंक टूटकर 74,726 पर; कमजोर वैश्विक संकेतों से रियल्टी-बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

सारांश

कमजोर एशियाई और अमेरिकी बाजारों की मार से बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 75,000 के नीचे आया, रियल्टी और PSU बैंक सबसे ज्यादा दबाव में रहे, जबकि FII ने ₹2,457 करोड़ निकाले और DII ने ₹3,801 करोड़ लगाकर बाजार को संभालने की कोशिश की।

मुख्य बातें

सेंसेक्स बुधवार सुबह 541 अंक (0.72%) गिरकर 74,726 पर; 75,000 का स्तर टूटा।
निफ्टी 155 अंक (0.66%) की गिरावट के साथ 23,462 पर।
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे बड़े लूजर्स; निफ्टी फार्मा और निफ्टी आईटी हरे निशान में।
FII ने मंगलवार को इक्विटी में ₹2,457.49 करोड़ की बिकवाली की; DII ने ₹3,801.68 करोड़ का निवेश किया।
ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर और WTI 103 डॉलर प्रति बैरल पर — दोनों में गिरावट।
टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता सहित अधिकांश एशियाई बाजार लाल निशान में।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 20 मई को शुरुआती कारोबार में 541 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,726 पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 155 अंक यानी 0.66 प्रतिशत लुढ़ककर 23,462 पर था। सुबह 9:24 बजे IST दर्ज इन आँकड़ों के साथ सेंसेक्स 75,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया। कमजोर एशियाई बाजारों और अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को आई गिरावट ने घरेलू निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा दबाव

शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने किया, जो सबसे बड़े लूजर्स रहे। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कमोडिटीज भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी आईटी हरे निशान में बने रहे, जो कुछ राहत की बात रही।

व्यापक बाजार में भी बिकवाली का दबाव

गिरावट केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 285 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,736 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 126 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,738 पर आ गया। यह व्यापक बाजार में बिकवाली के दबाव का संकेत है।

सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, टीसीएस, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा गेनर्स की भूमिका में रहे। वहीं टाटा स्टील, बीईएल, एमएंडएम, मारुति सुजुकी, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, एसबीआई, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एशियन पेंट्स, आईटीसी और कोटक महिंद्रा बैंक लूजर्स में शामिल रहे।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में व्यापक कमजोरी देखने को मिली। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। कच्चे तेल में भी दबाव रहा — डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.58 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल पर था।

एफआईआई और डीआईआई का रुख

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार के सत्र में शुद्ध बिकवाली की और इक्विटी में ₹2,457.49 करोड़ निकाले। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹3,801.68 करोड़ का निवेश कर बाजार को आंशिक सहारा दिया। आगे बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और एफआईआई के रुख पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 के नीचे जाना महज एक तकनीकी घटना नहीं है — यह उस व्यापक वैश्विक अनिश्चितता का प्रतिबिंब है जो अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और कच्चे तेल की अस्थिरता से उपजी है। गौरतलब है कि DII की खरीदारी ने गिरावट को कुछ थामा, लेकिन FII की लगातार बिकवाली यह संकेत देती है कि विदेशी पूंजी अभी भी सतर्क है। रियल्टी और PSU बैंक का एक साथ दबाव में आना चिंताजनक है, क्योंकि ये दोनों घरेलू खपत और सरकारी खर्च के संवेदनशील बैरोमीटर माने जाते हैं। जब तक वैश्विक संकेत स्थिर नहीं होते, बाजार में इस तरह की उठापटक जारी रह सकती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 मई को सेंसेक्स और निफ्टी कितना गिरे?
बुधवार, 20 मई को सुबह 9:24 बजे सेंसेक्स 541 अंक (0.72%) गिरकर 74,726 और निफ्टी 155 अंक (0.66%) गिरकर 23,462 पर था। इस गिरावट से सेंसेक्स 75,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
आज शेयर बाजार में गिरावट के क्या कारण हैं?
कमजोर एशियाई और अमेरिकी बाजार, FII की बिकवाली और कच्चे तेल में दबाव मुख्य कारण रहे। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और जकार्ता सहित अधिकांश एशियाई बाजार लाल निशान में थे।
FII और DII ने मंगलवार को कितनी खरीद-बिक्री की?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार के सत्र में इक्विटी में ₹2,457.49 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹3,801.68 करोड़ का निवेश किया।
आज कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे?
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे बड़े लूजर्स रहे। निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, इंडिया डिफेंस, प्राइवेट बैंक और कमोडिटीज भी लाल निशान में थे, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर और आईटी हरे निशान में रहे।
कच्चे तेल की कीमत आज कितनी है?
WTI क्रूड 0.58% की गिरावट के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.63% की कमजोरी के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल पर था। तेल की कीमतों में यह नरमी वैश्विक माँग को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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