केमिस्टों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर, ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा विकल्प को बताया फायदेमंद

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केमिस्टों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला-जुला असर, ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा विकल्प को बताया फायदेमंद

सारांश

ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की माँग को लेकर AIOCD की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर मिला-जुला रहा — विलुप्पुरम में 1,100 और चित्तौड़गढ़ में 850 दुकानें बंद रहीं, पर ग्राहक और UP मंत्री दोनों ऑनलाइन विकल्प के पक्ष में खड़े नज़र आए।

मुख्य बातें

AIOCD के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी केमिस्ट हड़ताल का तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मिला-जुला असर रहा।
विलुप्पुरम जिले में 1,100 और चित्तौड़गढ़ में लगभग 850 थोक व खुदरा दुकानें बंद रहीं।
दिल्ली में अस्पतालों के निकट कुछ केमिस्टों ने मरीजों की सुविधा के लिए दुकानें खुली रखीं।
ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा खरीद को सस्ता, सुविधाजनक और बिना अतिरिक्त शुल्क का विकल्प बताया।
UP मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने हड़ताल को 'बिल्कुल गलत' करार देते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री का समर्थन किया।

अखिल भारतीय रसायनज्ञ और औषधि विक्रेता संगठन (AIOCD) के आह्वान पर ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की माँग को लेकर हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नई दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में मिला-जुला असर देखने को मिला। अधिकतर केमिस्टों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जबकि कुछ स्थानों पर — विशेषकर अस्पतालों के निकट — दुकानें खुली रहीं। इस बीच आम ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा खरीद को अधिक सुविधाजनक और किफायती बताया।

मुख्य घटनाक्रम

तमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले में 1,100 मेडिकल दुकानें बंद रहीं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केमिस्टों की एक दिवसीय हड़ताल के चलते लगभग 850 थोक और खुदरा दुकानें प्रभावित हुईं। उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी बड़े पैमाने पर दुकानें बंद रहीं, हालाँकि राजधानी के कुछ इलाकों में स्थिति अलग रही।

अस्पताल के बाहर खुली रहीं दुकानें

दिल्ली में अस्पतालों के निकट स्थित कुछ केमिस्टों ने हड़ताल से खुद को अलग रखा। एक केमिस्ट ने बताया, 'हमारी दुकान अस्पताल के बाहर है। हमें बताया गया कि मरीजों को परेशानी हो रही है, इसलिए हमने दुकान खोले रखी।' एक अन्य केमिस्ट ने कहा, 'हमारी शॉप चौबीसों घंटे खुली रहती है, क्योंकि दूर-दूर से मरीज आते हैं। अगर सभी दुकानें बंद हो जातीं, तो मरीजों के लिए मुसीबत बढ़ जाती।' दोनों केमिस्टों ने ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध जारी रखा।

ग्राहकों की राय

हड़ताल के बीच ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा खरीद का समर्थन किया। एक ग्राहक ने कहा, 'ऑनलाइन दवा खरीद पर छूट मिलती है, समय पर दवा भी पहुँच जाती है और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। आपात स्थिति में ऑफलाइन विकल्प भी है, इसलिए दोनों ऑप्शन ग्राहकों के लिए अच्छे हैं।' यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि डिजिटल फार्मेसी प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं के बीच तेज़ी से स्वीकार्यता पा रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने केमिस्टों की हड़ताल को 'बिल्कुल गलत' करार दिया। उन्होंने कहा, 'ऑनलाइन दवाइयाँ सस्ती भी पड़ती हैं और ग्राहकों को कम परेशानी होती है। केमिस्ट हड़ताल करके गरीबों के साथ गलत कर रहे हैं।' यह बयान संकेत देता है कि सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है।

आगे क्या

AIOCD की माँग है कि सरकार ऑनलाइन दवा बिक्री पर स्पष्ट नियामक ढाँचा तैयार करे। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब डिजिटल फार्मेसी क्षेत्र तेज़ी से बढ़ रहा है और पारंपरिक केमिस्ट अपने कारोबार पर पड़ते दबाव को लेकर चिंतित हैं। हड़ताल का दीर्घकालिक असर और सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो AIOCD के मूल उद्देश्य के विपरीत है। सरकार की ओर से UP मंत्री का बयान संकेत देता है कि नीतिगत समर्थन ऑनलाइन बिक्री के पक्ष में झुका है, लेकिन नकली दवाओं की जाँच और प्रिस्क्रिप्शन सत्यापन जैसे नियामक सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AIOCD की केमिस्ट हड़ताल क्यों बुलाई गई?
अखिल भारतीय रसायनज्ञ और औषधि विक्रेता संगठन (AIOCD) ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की माँग को लेकर यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई। संगठन का तर्क है कि ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म पारंपरिक केमिस्टों के कारोबार को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
हड़ताल से कितनी दुकानें प्रभावित हुईं?
तमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले में 1,100 और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में लगभग 850 थोक व खुदरा दुकानें बंद रहीं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर दुकानें बंद रहीं, हालाँकि अस्पतालों के निकट कुछ दुकानें खुली रहीं।
ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा खरीद पर क्या कहा?
ग्राहकों ने ऑनलाइन दवा खरीद को सस्ता, समय पर उपलब्ध और बिना अतिरिक्त शुल्क का विकल्प बताया। उनका कहना था कि आपात स्थिति में ऑफलाइन और सामान्य स्थिति में ऑनलाइन — दोनों विकल्प उनके लिए उपयोगी हैं।
UP सरकार ने हड़ताल पर क्या रुख अपनाया?
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने हड़ताल को 'बिल्कुल गलत' बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवाएँ सस्ती होती हैं और केमिस्टों की हड़ताल गरीब मरीजों को नुकसान पहुँचाती है।
क्या ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध लगेगा?
फिलहाल सरकार की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध का कोई संकेत नहीं है। सरकारी मंत्रियों के बयान ऑनलाइन बिक्री के समर्थन में हैं, हालाँकि नियामक ढाँचे को लेकर बहस जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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