मलासन योग: रोज़ सुबह खाली पेट करें यह आसन, जकड़न और पाचन की समस्या से मिलेगी राहत

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मलासन योग: रोज़ सुबह खाली पेट करें यह आसन, जकड़न और पाचन की समस्या से मिलेगी राहत

सारांश

मलासन सिर्फ एक स्क्वाट नहीं — यह भारतीय योग परंपरा का वह आसन है जो जकड़न, पाचन और मूलाधार चक्र तीनों को एक साथ साधता है। आयुष मंत्रालय की सिफारिश के साथ यह आसन आधुनिक गतिहीन जीवनशैली के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

मलासन एक स्क्वाट-आधारित योगासन है जिसे आयुष मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।
इसे सुबह खाली पेट करने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और जकड़न दूर होती है।
यह नितंब, जाँघ, पिंडलियों, कूल्हों और रीढ़ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए पेल्विक फ्लोर मज़बूती में सहायक, लेकिन पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी।
घुटने, टखने या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द या हालिया सर्जरी वाले लोग इससे परहेज़ करें ।

मलासन भारतीय योग परंपरा का एक प्राचीन और प्रभावशाली आसन है, जो शरीर की जकड़न दूर करने, पाचन तंत्र को सक्रिय करने और निचले शरीर को मज़बूत बनाने के लिए जाना जाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह 'स्क्वाट' मुद्रा पर आधारित योगासन है, जिसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है।

मलासन क्या है और इसे कैसे करें

आयुष मंत्रालय के अनुसार, मलासन में घुटनों को मोड़कर और कूल्हों को ज़मीन की ओर लाकर स्क्वाट की मुद्रा में बैठा जाता है। इसके लिए पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना फैलाकर धीरे-धीरे नीचे आना होता है। मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे संतुलित कदमों का सहारा लिया जाता है। यह आसन शरीर को स्थिरता देता है और मन को एकाग्र रखने में सहायक है।

शारीरिक लाभ

मलासन के नियमित अभ्यास से नितंब, जाँघ, पिंडलियों और कूल्हों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं। यह कूल्हों, कमर, पीठ के निचले हिस्से और टखनों में खिंचाव लाकर अकड़न कम करता है। लंबे समय तक बैठने से उत्पन्न शारीरिक जकड़न को दूर करने में यह विशेष रूप से कारगर माना जाता है। इसके साथ ही यह रीढ़ की हड्डी को मज़बूत करता है और शरीर की मुद्रा तथा श्वास-क्रिया में बेहतर तालमेल बनाता है।

पाचन और ऊर्जा पर प्रभाव

यह आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करने में सहायक है, इसीलिए इसे सुबह खाली पेट करने की सलाह दी जाती है। योग परंपरा के अनुसार, मलासन मूलाधार चक्र को सक्रिय करता है, जिससे मन में सुरक्षा, संतुलन और जागरूकता की भावना बढ़ती है। शरीर के ऊर्जा प्रवाह को संतुलित रखने में भी यह प्रभावी माना गया है।

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सुझाव

गर्भवती महिलाओं के लिए मलासन पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मज़बूत करने वाला एक उपयोगी अभ्यास माना जाता है। हालाँकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्भावस्था में इसे शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें

सावधानियाँ और किसे बचना चाहिए

जिन लोगों को घुटने, टखने या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द की समस्या है, उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, यदि हाल ही में पेट या कूल्हे की कोई सर्जरी हुई हो, तो भी मलासन से परहेज़ करना उचित है। किसी भी नए योगाभ्यास को शुरू करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की राय लेना हमेशा बेहतर होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि सामान्यीकृत सलाह हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होती। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और सर्जरी के बाद के मरीज़ों के लिए व्यक्तिगत चिकित्सकीय परामर्श अनिवार्य है — यह बात मीडिया कवरेज में अक्सर पर्याप्त ज़ोर से नहीं कही जाती।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलासन योगासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
मलासन एक स्क्वाट-आधारित योगासन है जिसमें पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना फैलाकर घुटने मोड़ते हुए कूल्हों को ज़मीन की ओर लाया जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे संतुलित कदमों का सहारा लिया जाता है।
मलासन करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मलासन को सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है। यह दिन की शुरुआत में शरीर की जकड़न दूर करने में भी सहायक है।
मलासन से शरीर को क्या-क्या फायदे होते हैं?
मलासन नितंब, जाँघ, पिंडलियों और कूल्हों की मांसपेशियों को मज़बूत करता है और कमर व पीठ के निचले हिस्से की अकड़न कम करता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, रीढ़ की हड्डी को मज़बूत बनाता है और मूलाधार चक्र को सक्रिय कर मानसिक संतुलन भी बेहतर करता है।
क्या गर्भवती महिलाएँ मलासन कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाओं के लिए मलासन पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मज़बूत करने में सहायक माना जाता है। हालाँकि, इसे शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है।
मलासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
घुटने, टखने या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द की समस्या वाले लोगों को मलासन से बचना चाहिए। इसके अलावा, हाल ही में पेट या कूल्हे की सर्जरी हुई हो तो भी यह आसन नहीं करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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