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क्या बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग से जुड़े कर्मियों ने सड़क पर प्रदर्शन किया?

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क्या बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग से जुड़े कर्मियों ने सड़क पर प्रदर्शन किया?

सारांश

बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में सैकड़ों आरएमजी कर्मियों ने फैक्ट्रियों के पुनः उद्घाटन और बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। यह प्रदर्शन और हड़तालें देश में बढ़ते आर्थिक संकट का संकेत हैं, जो कई फैक्ट्रियों को बंद करने पर मजबूर कर रहा है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के गाजीपुर में आरएमजी कर्मियों का प्रदर्शन।
बकाया वेतन की मांग को लेकर हाईवे जाम किया गया।
फैक्ट्रियों के पुनः उद्घाटन की आवश्यकता।
सरकार की प्रतिक्रिया अपर्याप्त रही है।
कपड़ा उद्योग में आर्थिक संकट बढ़ रहा है।

ढाका, 12 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के गाजीपुर जिले में मंगलवार को सैकड़ों रेडीमेड गारमेंट (आरएमजी) कर्मियों ने फैक्ट्रियों के पुनः उद्घाटन और बकाया वेतन के तात्कालिक भुगतान की मांग को लेकर ढाका–मेमेंसिंह हाईवे को जाम कर दिया।

रोवा फैशन्स लिमिटेड के लगभग 200 कर्मचारी बसन थाने के अंतर्गत भोबरा बाईपास फ्लाईओवर के पास इकट्ठा होकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और भारी जाम लग गया।

गाजीपुर औद्योगिक पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वाहिदुज्जमान राजू ने जाम की स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि इसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, इस विरोध के चलते ढाका के चौधुरीबाड़ी क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों को भी बंद करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने जुलाई के महीने का बकाया वेतन देने और फैक्ट्री के स्थानांतरण के निर्णय का विरोध किया।

फैक्ट्री के मालिक इनायत करीम ने श्रम कानून की धारा 13(1) का हवाला देते हुए अशांति और वित्तीय संकट का कारण बताते हुए इकाई को बंद करने का नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा, “मैं जमीन बेचकर भुगतान करने की कोशिश कर रहा हूं। बिक्री पूरी होते ही बकाया चुकता कर दूंगा, मुझे कुछ दिन का समय चाहिए।”

इसी बीच, सोमवार शाम को ढाका के विजयनगर स्थित श्रम भवन में दो गारमेंट फैक्ट्रियों के सैकड़ों कर्मियों ने अधिकारियों को बकाया वेतन और देय राशि के मांग को लेकर घंटों तक बंधक बनाए रखा।

बांग्लादेश गारमेंट्स एंड इंडस्ट्रियल वर्कर्स फेडरेशन (गाजीपुर महानगर इकाई) के अध्यक्ष शफिउल आलम ने कहा, “फैक्ट्री मालिक बार-बार वादा करने के बावजूद भुगतान नहीं कर रहे हैं। सरकार ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

इससे पहले रविवार को भी ढाका में एक निजी कंपनी के कर्मियों ने बकाया वेतन और अन्य लाभों की मांग को लेकर ढाका-मेमेंसिंह हाईवे पर जाम लगा दिया था। यह निजी कंपनी संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश के बीच संयुक्त उद्यम है।

अगस्त 2024 में मोहम्‍मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनने के बाद से ही देश में बकाया वेतन, फैक्ट्री बंदी और बिगड़ते कार्य-परिस्थितियों को लेकर लगातार हड़तालें और प्रदर्शन हो रहे हैं। कई रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि इन प्रदर्शनों के चलते कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं, जबकि कई कर्मियों की मौत हो गई या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, संकट में है। श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि इस संकट का समाधान हो सके और श्रमिकों को उनके अधिकार मिल सकें।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग में क्या समस्याएं हैं?
बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग में बकाया वेतन, फैक्ट्री बंदी और कार्य-परिस्थितियों में बिगड़ने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
कर्मियों ने क्यों प्रदर्शन किया?
कर्मियों ने फैक्ट्रियों के पुनः उद्घाटन और बकाया वेतन के तत्काल भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
सरकार ने इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे श्रमिकों का आंदोलन जारी है।
क्या इस प्रदर्शन का असर फैक्ट्रियों पर पड़ा?
जी हां, इस प्रदर्शन के कारण कई फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ा है।
क्या बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग प्रभावित हो रहा है?
हां, आर्थिक संकट के कारण बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग गंभीर प्रभाव में है।
राष्ट्र प्रेस
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