सेंसेक्स 77,086 पर सपाट खुला, निफ्टी आईटी लाल निशान में; वैश्विक बाजारों में दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स मंगलवार, 23 जून को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मात्र 8.02 अंक की गिरावट के साथ 77,086.05 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 31.60 अंक फिसलकर 24,071.30 पर कारोबार की शुरुआत हुई। आईटी शेयरों में बिकवाली और एशियाई बाजारों की कमजोरी ने घरेलू बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
मुख्य सूचकांकों का हाल
शुरुआती सत्र में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 13 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 62,715 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 12 अंक की बढ़त के साथ 18,915 पर कारोबार कर रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में मिला-जुला रुझान देखा गया।
सेक्टोरल प्रदर्शन
हरे निशान में रहने वाले सूचकांकों में निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई और निफ्टी इन्फ्रा शामिल रहे। दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग लाल निशान में रहे।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, इंडिगो, एक्सिस बैंक, बीईएल और भारती एयरटेल बढ़त में रहे। वहीं, इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एचयूएल, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, आईटीसी, एमएंडएम और बजाज फाइनेंस दबाव में रहे।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखी गई। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार रहा — डाओ जोन्स 0.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों में दबाव की प्रमुख वजह एआई थीम से जुड़े शेयरों में आई गिरावट और इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमले रहे। हालाँकि, स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में प्रगति हुई है, जिसने बाजार की चिंता को कुछ हद तक सीमित किया।
कच्चे तेल की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखी गई। रिपोर्ट लिखे जाने तक डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.24 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.25 डॉलर प्रति बैरल पर था। कच्चे तेल में गिरावट घरेलू बाजार के लिए आंशिक राहत हो सकती है, हालाँकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अनिश्चितता बनाए हुए है।