28 अक्टूबर 2026
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राजनाथ सिंह ने सेबू में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री मार्ल्स से की द्विपक्षीय वार्ता, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर जोर

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राजनाथ सिंह ने सेबू में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री मार्ल्स से की द्विपक्षीय वार्ता, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर जोर

सारांश

सेबू में एडीएमएम-प्लस के इतर राजनाथ सिंह की ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री मार्ल्स और अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ से हुई वार्ता दर्शाती है कि भारत हिंद-प्रशांत में अपनी रक्षा कूटनीति को एक साथ कई मोर्चों पर आगे बढ़ा रहा है — द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय, तीनों धुरी पर।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को सेबू, फिलीपींस में ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय रक्षा वार्ता की।
बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी , सैन्य तालमेल और हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर दिया गया।
राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी मुलाकात की; 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचे की प्रगति की समीक्षा हुई।
रक्षा तकनीक, सूचना-साझाकरण और संयुक्त उत्पादन को भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग के मुख्य स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया।
राजनाथ सिंह 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक ( 28-29 अक्टूबर ) में भाग लेने सेबू दौरे पर हैं, जिसमें आसियान और उनके 8 संवाद साझेदार शामिल हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय बैठक की। 13वीं एडीएमएम-प्लस (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के रक्षा मंत्रियों की विस्तारित बैठक) के इतर हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत अपनी बहुपक्षीय रक्षा भागीदारियों को नई ऊर्जा दे रहा है।

बैठक के प्रमुख बिंदु

राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद कहा कि दोनों पक्षों के बीच अत्यंत उपयोगी वार्ता हुई, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा बनाने तथा दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि एडीएमएम-प्लस जैसे बहुपक्षीय मंच पर मार्ल्स से मिलने का यह अवसर अत्यंत सार्थक रहा।

रक्षा मंत्री ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को अत्यधिक महत्व देता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य तालमेल

बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य गतिविधियों और अभियानों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया। गौरतलब है कि हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया पहले से ही Malabar और अन्य द्विपक्षीय अभ्यासों के माध्यम से सहयोग करते आए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश क्वाड (Quad) के सदस्य के रूप में पहले से ही रणनीतिक समन्वय में सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एडीएमएम-प्लस जैसे बहुपक्षीय मंचों का उपयोग करते हुए द्विपक्षीय बैठकें करना भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के अनुरूप है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री से भी हुई महत्वपूर्ण वार्ता

सेबू दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की। दोनों नेताओं ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचे के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।

राजनाथ सिंह ने बताया कि यह बैठक बेहद सकारात्मक रही। भारत और अमेरिका ने रक्षा तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को और आगे बढ़ाने पर बल दिया।

एडीएमएम-प्लस में भारत की भूमिका

राजनाथ सिंह 28 और 29 अक्टूबर को सेबू में आयोजित 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक में हिस्सा लेने के लिए फिलीपींस दौरे पर हैं। इस मंच पर भारत सहित आसियान देशों और उनके आठ संवाद साझेदारों के रक्षा मंत्री रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

भारत इस मंच का उपयोग क्षेत्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करने और हिंद-प्रशांत में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कर रहा है। इन बैठकों से आने वाले महीनों में भारत की बहुपक्षीय रक्षा कूटनीति की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नतीजे हैं। 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचे के तहत 'संयुक्त उत्पादन' की बात पिछले कई वर्षों से दोहराई जा रही है, जबकि मूर्त परिणाम अभी भी सीमित हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ Quad की साझा सदस्यता के बावजूद द्विपक्षीय रक्षा व्यापार अभी भी क्षमता से कहीं नीचे है। जब तक ये बैठकें ठोस अनुबंधों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सत्यापन-योग्य सैन्य अभ्यासों में नहीं बदलतीं, तब तक ये कूटनीतिक संकेत तो हैं, रणनीतिक छलाँग नहीं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्ल्स की बैठक कहाँ और क्यों हुई?
यह बैठक 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक के इतर हुई। इसका उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग की समीक्षा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य तालमेल बढ़ाने पर चर्चा करना था।
एडीएमएम-प्लस बैठक क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
एडीएमएम-प्लस (ASEAN Defence Ministers' Meeting Plus) आसियान देशों और उनके आठ संवाद साझेदारों — जिनमें भारत भी शामिल है — के रक्षा मंत्रियों का बहुपक्षीय मंच है। भारत इस मंच के ज़रिए क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत स्थिरता को बढ़ावा देता है।
राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की बैठक में क्या हुआ?
राजनाथ सिंह ने सेबू दौरे के दौरान ही अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढाँचे की प्रगति, रक्षा तकनीक, सूचना-साझाकरण और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा की।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय ढाँचा है, जो रक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्रों को समाहित करता है। दोनों देश Quad के सदस्य भी हैं और हिंद-प्रशांत में साझा सुरक्षा हितों को लेकर नियमित संवाद बनाए रखते हैं।
इस दौरे से भारत की हिंद-प्रशांत नीति पर क्या असर होगा?
सेबू में एक साथ ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के रक्षा प्रमुखों से वार्ता भारत की बहु-संरेखण रणनीति को मज़बूत करती है। विशेषज्ञों के अनुसार इन बैठकों से भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को नई गति मिलती है, हालाँकि दीर्घकालिक प्रभाव ठोस समझौतों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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