राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की सेबू में बैठक, भारत-अमेरिका 10 वर्षीय रक्षा ढाँचे की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के बीच 10 वर्षीय रक्षा ढाँचे के तहत हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई। यह बैठक 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के इतर आयोजित हुई, जो सेबू में 28 और 29 अक्टूबर को चल रही है।
बैठक में क्या हुआ
वार्ता के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि पीट हेगसेथ के साथ यह बैठक 'बेहद अच्छी' रही। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका 10 वर्षीय रक्षा ढाँचे के अंतर्गत अब तक की प्रगति का आकलन किया। इस ढाँचे का मूल उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को संरचनात्मक और दीर्घकालिक आधार देना है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
राजनाथ सिंह ने बताया कि सैन्य तकनीक, सूचनाओं के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल लगातार बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में ठोस सहयोग भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को व्यावहारिक रूप देता है।
हिंद-प्रशांत और एक्ट ईस्ट नीति
रक्षा मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत और अमेरिका की मजबूत साझेदारी एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जोड़ा कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब इस क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर विभिन्न देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नीति के अंतर्गत भारत आसियान देशों के साथ संबंध सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने को प्राथमिकता देता है।
ADMM-Plus में भारत की भूमिका
ADMM-Plus क्षेत्रीय देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा का एक प्रमुख बहुपक्षीय मंच है। इस मंच पर भारत न केवल एक भागीदार देश के रूप में, बल्कि आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
गौरतलब है कि इस दौरे में राजनाथ सिंह विभिन्न भागीदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं, जिनमें भारत के मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के अवसरों पर विचार-विमर्श हो रहा है।
आगे की राह
इस बैठक के नतीजे भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों की अगली कड़ी तय करेंगे। संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में ठोस समझौतों की संभावनाएँ बन रही हैं, जो भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा लक्ष्यों के साथ भी जुड़ती हैं।