रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की एडमिरल पापारो से मुलाकात, भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पर अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में अमेरिकी पैसिफिक कमांड (INDOPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में भारत-अमेरिका रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के तरीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।
बैठक का विवरण और रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया
बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पुष्टि की कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने पर गहन चर्चा की। यह बैठक एडमिरल पापारो के छह दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे का हिस्सा है, जो 3 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ।
वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात
एडमिरल पापारो ने सोमवार को कई शीर्ष भारतीय रक्षा अधिकारियों से भी बैठकें कीं। इनमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह शामिल रहे।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, 'भारत में एडमिरल सैमुअल पापारो की मेजबानी करना सम्मान की बात है। वह अमेरिकी पैसिफिक कमांड की कमान संभालते हैं, जो देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी भौगोलिक सैन्य कमांड है। इसके तहत दुनिया के लगभग आधे हिस्से में करीब 4 लाख सैन्य और नागरिक कर्मचारी आते हैं।'
जयशंकर से मुलाकात और समुद्री सहयोग पर जोर
एडमिरल पापारो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'अमेरिकी पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मिलकर खुशी हुई। हमने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।'
गौरतलब है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच यह दौरा विशेष महत्व रखता है।
साझा सुरक्षा प्राथमिकताएँ
भारतीय अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में कई साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर सहमति बनी। इनमें डिजिटल परिवर्तन और उभरती तकनीकों का सैन्य उपयोग, क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता बनाए रखना, रक्षा क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ाना और तेज़ी से बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा से निपटना शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका रक्षा संबंध 'मेजर डिफेंस पार्टनर' के दर्जे के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुँच चुके हैं और दोनों देशों के बीच BECA, COMCASA जैसे महत्वपूर्ण समझौते पहले ही लागू हैं।
आगे की संभावनाएँ
राजदूत गोर के अनुसार, इन मुलाकातों ने अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी की बढ़ती ताकत, महत्व और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि एडमिरल पापारो जैसे शीर्ष सैन्य अधिकारी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य संबंधों को और गहरा करेगी और इंडो-पैसिफिक में सहयोग के नए अध्याय खोलेगी।