29 सितंबर 2026
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भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और लेफ्टिनेंट जनरल वॉवेल की इंडो-पैसिफिक पर अहम बैठक

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भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और लेफ्टिनेंट जनरल वॉवेल की इंडो-पैसिफिक पर अहम बैठक

सारांश

भारत-अमेरिका रक्षा संवाद सिर्फ औपचारिकता नहीं था — इंडो-पैसिफिक की बदलती चुनौतियों के बीच सेना प्रमुखों की बैठक, रक्षा सचिव की अमेरिकी सांसदों से मुलाकात और 'युद्ध अभ्यास 2026' की सफलता मिलकर एक बड़े सामरिक संदेश की ओर इशारा करते हैं।

मुख्य बातें

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 28 सितंबर 2026 को यूएसएआरपीएसी के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी.
वॉवेल से नई दिल्ली में मुलाकात की।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की।
'युद्ध अभ्यास 2026' राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित हुआ, जहाँ दोनों सेनाओं ने संयुक्त प्रशिक्षण लिया।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अभ्यास को भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मज़बूती का प्रतीक बताया।
बैठकों में रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग को विशेष प्राथमिकता दी गई।

भारत और अमेरिका ने 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बदलते सुरक्षा हालात पर उच्च स्तरीय चर्चा की और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करने के रास्तों पर विचार साझा किए। यह बैठक ऐसे समय हुई जब दोनों देशों की सेनाएँ राजस्थान में 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत संयुक्त प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं।

मुख्य बैठक: जनरल सेठ और लेफ्टिनेंट जनरल वॉवेल

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमेरिकी सेना की पैसिफिक कमांड (यूएसएआरपीएसी) के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वॉवेल से मुलाकात की। भारतीय सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'दोनों सैन्य अधिकारियों ने इंडो-पैसिफिक में बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा की और कई क्षेत्रों में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के मौकों पर बात की।' बातचीत में संयुक्त ट्रेनिंग और सैन्य अभ्यासों के ज़रिए दोनों सेनाओं की साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया गया।

रक्षा सचिव की अमेरिकी सांसदों से मुलाकात

इसी दिन रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों प्रमुख दलों के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बातचीत भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हो रहे बदलावों पर केंद्रित रही, जिसमें रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग पर विशेष ज़ोर दिया गया।

'युद्ध अभ्यास 2026' की सफलता और संयुक्त प्रशिक्षण

पिछले हफ्ते राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने कई तरह के प्लेटफॉर्म और अभियानगत परिस्थितियों में एक साथ प्रशिक्षण लिया। दोनों सेनाओं ने एक-दूसरे की रणनीति, तकनीक और काम करने के तरीकों को करीब से समझा और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मज़बूत किया। भारतीय सेना ने कहा कि 'युद्ध अभ्यास' की सफलता ने स्पष्ट किया है कि दोनों सेनाएँ संयुक्त सैन्य अभियानों में बेहतर तालमेल से काम कर सकती हैं।

अमेरिकी राजदूत की प्रतिक्रिया

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का दौरा करने के बाद एक्स पर लिखा, 'अमेरिका और भारत के सैनिकों को एक साथ ट्रेनिंग करते देखना शानदार रहा। यह अभ्यास हमारी रक्षा साझेदारी की ताकत को दिखाता है, जिसमें भरोसा, तैयारी, साथ मिलकर काम करने की क्षमता और साझा उद्देश्य शामिल हैं।' गोर ने यह भी कहा कि दोनों सेनाएँ मिलकर जो हासिल कर रही हैं उस पर गर्व है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि यह उच्चस्तरीय संपर्क ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और क्वाड जैसे बहुपक्षीय ढाँचों में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग पर ज़ोर देना यह संकेत देता है कि दोनों देश केवल अभ्यासों से आगे बढ़कर औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी को भी नई ऊँचाई देना चाहते हैं। आने वाले महीनों में इस साझेदारी की दिशा और गहराई और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी घोषणाएँ पहले भी होती रही हैं — असली परीक्षण यह होगा कि रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग में ठोस समझौते कितने जल्द ज़मीन पर उतरते हैं। क्वाड और द्विपक्षीय ढाँचों के बीच भारत की संतुलन-नीति इस साझेदारी की गहराई को परिभाषित करती रहेगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और अमेरिका के बीच 28 सितंबर 2026 को कौन-सी रक्षा बैठक हुई?
28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और यूएसएआरपीएसी के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वॉवेल के बीच बैठक हुई। दोनों अधिकारियों ने इंडो-पैसिफिक के बदलते सुरक्षा हालात और रक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
'युद्ध अभ्यास 2026' क्या है और यह कहाँ हुआ?
'युद्ध अभ्यास' भारत और अमेरिका का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। 2026 का संस्करण राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित हुआ, जहाँ दोनों देशों के जवानों ने कई प्लेटफॉर्म और अभियानगत परिस्थितियों में साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अमेरिकी सांसदों से बैठक किस विषय पर हुई?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बातचीत भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, विशेष रूप से रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग पर केंद्रित रही।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 'युद्ध अभ्यास 2026' पर क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का दौरा करने के बाद कहा कि यह अभ्यास भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास, तैयारी, साथ काम करने की क्षमता और साझा उद्देश्य को इस साझेदारी के मूल आधार बताया।
इंडो-पैसिफिक में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
इंडो-पैसिफिक में बदलते सामरिक समीकरणों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के मद्देनज़र भारत और अमेरिका का रक्षा सहयोग दोनों देशों की साझा प्राथमिकता बन चुकी है। संयुक्त अभ्यास, रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग और उच्चस्तरीय सैन्य संवाद इस साझेदारी को व्यावहारिक रूप देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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