जयशंकर-एडमिरल पापारो बैठक: हिंद-प्रशांत में भारत-अमेरिका सुरक्षा व समुद्री सहयोग पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यूनाइटेड स्टेट्स पैसिफिक कमांड (INDOPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अहम बैठक में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी उपस्थित रहे। एडमिरल पापारो छह दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर शनिवार, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे थे।
बैठक में क्या हुई चर्चा
जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मिलकर खुशी हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारी सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।' यह बैठक भारत-अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों की बढ़ती गहराई को रेखांकित करती है, जो हाल के वर्षों में रणनीतिक सहयोग की धुरी बन चुकी है।
यात्रा के प्रमुख एजेंडे
एडमिरल पापारो की यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा होने की जानकारी है, उनमें शामिल हैं — डिजिटल रूपांतरण और उभरती तकनीकों का सैन्य उपयोग, हिंद-प्रशांत में रणनीतिक स्थिरता, रक्षा क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा, और तेजी से बदलती तकनीकी प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न चुनौतियाँ। भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा, 'नई तकनीक से लेकर समुद्री सुरक्षा तक, अमेरिका और भारत ऐसी रक्षा साझेदारी तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।'
पिछले हफ्ते की बैठक से जुड़ता है संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब महज एक सप्ताह पहले, 28 सितंबर 2026 को, भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत में बदलते सुरक्षा परिदृश्य और द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार के अवसरों पर चर्चा की थी। गौरतलब है कि युद्ध अभ्यास जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यासों की सफलता को भी दोनों देशों ने रेखांकित किया था।
सेना की संयुक्त क्षमता पर ज़ोर
भारतीय सेना के एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ पब्लिक इंफॉर्मेशन ने एक्स पर बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल वोवेल और जनरल सेठ की बैठक में 'संयुक्त ट्रेनिंग और सैन्य अभ्यासों के ज़रिए दोनों सेनाओं की साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।' अमेरिकी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि एडमिरल पापारो की यात्रा 'हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की दीर्घकालिक उपस्थिति और हितों को दोहराती है।'
क्या होगा आगे
एडमिरल पापारो की छह दिवसीय यात्रा के शेष दिनों में भारतीय रक्षा और सैन्य नेतृत्व के साथ और बैठकें अपेक्षित हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब क्वाड और भारत-अमेरिका रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल (DTTI) जैसे ढाँचों के तहत दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। आने वाले महीनों में इस सहयोग के ठोस नतीजे सामने आने की उम्मीद है।