दिल्ली GRAP-1: फर्जी नो-एंट्री परमिट पर 3 कमर्शियल वाहनों के खिलाफ FIR, थाना अलीपुर व समयपुर बादली में मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नॉर्दर्न रेंज ने 27 अक्टूबर 2026 को बॉर्डर क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 3 कमर्शियल वाहनों के खिलाफ फर्जी नो-एंट्री परमिशन (NEP) के इस्तेमाल पर FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़ी की गई निगरानी के तहत हुई।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह विशेष जाँच अभियान डीसीपी ट्रैफिक (नॉर्दर्न रेंज) डॉ. सचिन कुमार सिंघल, IPS के निर्देश पर संचालित किया गया। दिल्ली में GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) चरण-1 के सक्रिय होने के बाद सीमा-क्षेत्रों से गुज़रने वाले कमर्शियल वाहनों के दस्तावेज़ों की गहन जाँच अनिवार्य कर दी गई है। नो-एंट्री परमिशन प्रणाली दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करती है, और फर्जी परमिट का उपयोग इस पूरी व्यवस्था को कमज़ोर करता है।
तीनों मामलों का विवरण
पहले मामले में वाहन नंबर DL1LSC3219 के चालक विक्रम (आयु 38 वर्ष) के खिलाफ NEP नंबर 221120255308406 फर्जी पाया गया। इस मामले में थाना अलीपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) के तहत FIR दर्ज की गई।
दूसरे मामले में वाहन नंबर DL1LQU4160 के चालक/मालिक संतोष द्वारा प्रस्तुत NEP नंबर 10112025S295772 फर्जी निकला। यह मामला भी थाना अलीपुर में BNS धारा 318(2) के तहत दर्ज किया गया।
तीसरे मामले में वाहन नंबर DL1LAG4982 के चालक गौरव कुमार के पास NEP नंबर 19012023S165940 फर्जी पाया गया। इस मामले में थाना समयपुर बादली में BNS की धारा 318(2)/340(2) के तहत FIR दर्ज की गई। तीनों वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित व्यक्तियों समेत स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
GRAP-1 और प्रदूषण नियंत्रण का संदर्भ
गौरतलब है कि GRAP-1 तब लागू होता है जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खराब' श्रेणी में पहुँचता है। इस चरण में पुराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले डीज़ल कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक रहती है। फर्जी NEP का चलन इस प्रतिबंध को दरकिनार करने का एक ज़रिया बन रहा है, जो प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों को सीधे नुकसान पहुँचाता है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण तेज़ी से बढ़ रहा है।
पुलिस की प्रतिबद्धता और अपील
नॉर्दर्न रेंज ट्रैफिक टीम ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक नियमों को कड़ाई से लागू करने और लक्षित अभियान जारी रखने की प्रक्रिया आगे भी बनी रहेगी। पुलिस ने वाहन चालकों और मालिकों से आग्रह किया है कि वे फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा न लें और GRAP व नो-एंट्री नियमों का पूर्ण पालन करें। फर्जी परमिट के उपयोग पर BNS की धाराओं के तहत दर्ज FIR गंभीर कानूनी परिणाम सुनिश्चित करती है।