दिल्ली AQI 250 के पार: मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अपील — GRAP-1 के दौरान प्रदूषणकारी वाहन न चलाएं
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 23 अक्टूबर 2026 को राजधानीवासियों से आग्रह किया कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-1) के प्रभावी रहने तक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों पर न लाएं और सरकार की मुहिम में सक्रिय सहयोग दें। दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इस समय करीब 250 के आसपास बना हुआ है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।
मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति
सिरसा ने स्पष्ट किया कि हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, 'स्थिति अच्छी नहीं है। GRAP-1 की पाबंदियाँ लागू होने के बावजूद अब तक कोई बड़ा सुधार नहीं आया है।' दशहरे के बाद से तापमान में क्रमिक गिरावट ने प्रदूषण की समस्या को और गहरा किया है। मंत्री ने बताया कि शुक्रवार को भी कोहरा दिखाई दिया, जो आगे चलकर घनी धुंध में तब्दील हो सकता है।
दोपहिया वाहनों पर विशेष चिंता
सिरसा ने दोपहिया वाहन मालिकों को विशेष रूप से सचेत किया। उन्होंने कहा, 'खासकर दोपहिया वाहन बिना वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंप पर जा रहे हैं और वहाँ विवाद हो रहा है। दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है।' उन्होंने ऐसे वाहन मालिकों से GRAP पाबंदियों के दौरान अपने वाहन घर पर ही रखने की अपील की, अन्यथा वायु प्रदूषण और बढ़ेगा तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ गंभीर होंगी।
सरकार की नीतिगत कार्रवाइयाँ
इससे पहले रेखा गुप्ता सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' नीति का प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। 1 नवंबर 2026 से गैर-दिल्ली पंजीकृत वे वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें निर्धारित छूटों के अधीन दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।
भारी वाहनों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
मंत्री सिरसा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कमिश्नर से सीधी बात की है, ताकि GRAP-1 पाबंदियों के दौरान भी राजधानी में चल रहे अवांछित भारी वाहनों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि ऐसे किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों की दस्तक के साथ पराली जलाने और वाहन उत्सर्जन का संयुक्त असर AQI को और खतरनाक स्तर तक पहुँचा सकता है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली-एनसीआर का AQI तेज़ी से बिगड़ता है और GRAP के उच्चतर चरण — GRAP-2, GRAP-3 तथा GRAP-4 — लागू होने की नौबत आती है। अधिकारियों के अनुसार, यदि AQI में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और कड़ी पाबंदियाँ लगाई जा सकती हैं। आम जनता की भागीदारी और प्रशासनिक सख्ती, दोनों मिलकर ही इस संकट से उबरने का रास्ता तय करेंगी।