23 अक्टूबर 2026
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दिल्ली AQI 250 के पार: मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अपील — GRAP-1 के दौरान प्रदूषणकारी वाहन न चलाएं

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दिल्ली AQI 250 के पार: मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अपील — GRAP-1 के दौरान प्रदूषणकारी वाहन न चलाएं

सारांश

दिल्ली का AQI करीब 250 पर 'खराब' श्रेणी में है और GRAP-1 लागू है। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने प्रदूषणकारी वाहन न चलाने की अपील की, ट्रैफिक पुलिस को भारी वाहनों पर सख्ती का निर्देश दिया। 1 नवंबर से BS-VI मानक न मानने वाले बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद होगा।

मुख्य बातें

दिल्ली का AQI 23 अक्टूबर 2026 को करीब 250 — 'खराब' श्रेणी में; GRAP-1 पाबंदियाँ लागू।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नागरिकों से प्रदूषणकारी वाहन सड़क पर न लाने की अपील की।
बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के दोपहिया वाहनों द्वारा पेट्रोल पंप पर विवाद की घटनाएं सामने आई हैं।
रेखा गुप्ता सरकार की 'नो PUC, नो फ्यूल' नीति प्रस्तावित; 1 नवंबर 2026 से गैर- BS-VI बाहरी वाहनों पर प्रवेश प्रतिबंध।
सिरसा ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कमिश्नर से अवांछित भारी वाहनों पर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 23 अक्टूबर 2026 को राजधानीवासियों से आग्रह किया कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-1) के प्रभावी रहने तक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों पर न लाएं और सरकार की मुहिम में सक्रिय सहयोग दें। दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इस समय करीब 250 के आसपास बना हुआ है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।

मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति

सिरसा ने स्पष्ट किया कि हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, 'स्थिति अच्छी नहीं है। GRAP-1 की पाबंदियाँ लागू होने के बावजूद अब तक कोई बड़ा सुधार नहीं आया है।' दशहरे के बाद से तापमान में क्रमिक गिरावट ने प्रदूषण की समस्या को और गहरा किया है। मंत्री ने बताया कि शुक्रवार को भी कोहरा दिखाई दिया, जो आगे चलकर घनी धुंध में तब्दील हो सकता है।

दोपहिया वाहनों पर विशेष चिंता

सिरसा ने दोपहिया वाहन मालिकों को विशेष रूप से सचेत किया। उन्होंने कहा, 'खासकर दोपहिया वाहन बिना वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंप पर जा रहे हैं और वहाँ विवाद हो रहा है। दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है।' उन्होंने ऐसे वाहन मालिकों से GRAP पाबंदियों के दौरान अपने वाहन घर पर ही रखने की अपील की, अन्यथा वायु प्रदूषण और बढ़ेगा तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ गंभीर होंगी।

सरकार की नीतिगत कार्रवाइयाँ

इससे पहले रेखा गुप्ता सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' नीति का प्रस्ताव दिया था, जिसके तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। 1 नवंबर 2026 से गैर-दिल्ली पंजीकृत वे वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें निर्धारित छूटों के अधीन दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।

भारी वाहनों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश

मंत्री सिरसा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कमिश्नर से सीधी बात की है, ताकि GRAP-1 पाबंदियों के दौरान भी राजधानी में चल रहे अवांछित भारी वाहनों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि ऐसे किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों की दस्तक के साथ पराली जलाने और वाहन उत्सर्जन का संयुक्त असर AQI को और खतरनाक स्तर तक पहुँचा सकता है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली-एनसीआर का AQI तेज़ी से बिगड़ता है और GRAP के उच्चतर चरण — GRAP-2, GRAP-3 तथा GRAP-4 — लागू होने की नौबत आती है। अधिकारियों के अनुसार, यदि AQI में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और कड़ी पाबंदियाँ लगाई जा सकती हैं। आम जनता की भागीदारी और प्रशासनिक सख्ती, दोनों मिलकर ही इस संकट से उबरने का रास्ता तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'नो PUC, नो फ्यूल' जैसी नीतियाँ प्रस्ताव से ज़मीन पर कब आएंगी — हर साल अक्टूबर में यही चक्र दोहराया जाता है। GRAP पाबंदियाँ लागू होती हैं, अपीलें होती हैं, लेकिन AQI 400 के पार जाने से पहले ठोस प्रवर्तन नदारद रहता है। 1 नवंबर की BS-VI समयसीमा एक सकारात्मक कदम है, पर बिना पर्याप्त जाँच बुनियादी ढाँचे और जुर्माने की वास्तविक वसूली के, यह भी कागज़ी साबित हो सकती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

GRAP-1 क्या है और इसमें कौन-सी पाबंदियाँ लागू होती हैं?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण तब लागू होता है जब दिल्ली-एनसीआर का AQI 'खराब' श्रेणी (201–300) में पहुँच जाता है। इसमें प्रदूषणकारी वाहनों पर अंकुश, निर्माण-धूल नियंत्रण और डीज़ल जेनसेट के सीमित उपयोग जैसे उपाय शामिल होते हैं।
दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से गैर-BS-VI वाहनों पर क्या नियम लागू होंगे?
1 नवंबर 2026 से गैर-दिल्ली पंजीकृत वे वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें निर्धारित छूटों के अधीन दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह कदम दिल्ली सरकार की GRAP-संबद्ध प्रदूषण नियंत्रण रणनीति का हिस्सा है।
'नो PUC, नो फ्यूल' नीति क्या है?
रेखा गुप्ता सरकार द्वारा प्रस्तावित इस नीति के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाण पत्र के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उन वाहनों को सड़क से दूर रखना है जो उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन करते हैं।
दिल्ली का AQI इस समय कितना है और यह किस श्रेणी में है?
23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का AQI करीब 250 के आसपास है, जो 'खराब' श्रेणी (201–300) में आता है। मंत्री सिरसा के अनुसार GRAP-1 पाबंदियों के बावजूद अब तक कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं आया है।
दिल्ली में हर साल सर्दियों में प्रदूषण इतना क्यों बढ़ जाता है?
अक्टूबर-नवंबर में तापमान गिरने से हवा की गति धीमी होती है और प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहते हैं। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन, निर्माण धूल और दीपावली पटाखों का संयुक्त असर AQI को खतरनाक स्तर तक पहुँचा देता है।
राष्ट्र प्रेस
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