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दिल्ली LG तरनजीत संधू ने CAQM प्रमुख राजेश वर्मा से की वायु प्रदूषण पर अहम बैठक

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दिल्ली LG तरनजीत संधू ने CAQM प्रमुख राजेश वर्मा से की वायु प्रदूषण पर अहम बैठक

सारांश

दिल्ली LG तरनजीत संधू और CAQM प्रमुख राजेश वर्मा की 1 जून की बैठक महज औपचारिकता नहीं — GRAP चरण-I की पाबंदियाँ हटने के ठीक बाद यह समन्वय बैठक संकेत देती है कि राजधानी की वायु गुणवत्ता अभी भी कड़ी निगरानी में है।

मुख्य बातें

दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू और CAQM अध्यक्ष राजेश वर्मा ने 1 जून 2026 को लोक निवास में वायु प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा की।
29 मई को CAQM उप-समिति ने GRAP चरण-I की सभी पाबंदियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थीं।
बैठक में अंतर-एजेंसी समन्वय और दीर्घकालिक पर्यावरणीय रणनीतियों पर जोर दिया गया।
CPCB , राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सभी निर्देशों का पालन अनिवार्य।
CAQM उप-समिति IMD और IIT-M के पूर्वानुमानों के आधार पर वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी जारी रखेगी।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सोमवार, 1 जून 2026 को लोक निवास, नई दिल्ली में मुलाकात की और राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दिल्ली-एनसीआर में GRAP (श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना) के चरण-I की पाबंदियाँ हाल ही में वापस ली जा चुकी हैं।

बैठक में क्या हुआ

लोक निवास की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने वायु प्रदूषण को कम करने और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय को मज़बूत करने पर व्यापक विचार-विमर्श किया। बयान में कहा गया कि जन स्वास्थ्य की सुरक्षा और राजधानी के लिए स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करना एक अत्यावश्यक प्राथमिकता है। साथ ही, दीर्घकालिक पर्यावरणीय रणनीतियों पर भी जोर दिया गया।

GRAP चरण-I की पाबंदियाँ वापस

इससे पहले 29 मई को, GRAP पर CAQM उप-समिति ने सर्वसम्मति से एनसीआर में GRAP अनुसूची के चरण-I के तहत सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया था। यह फैसला वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेतों के आधार पर लिया गया। गौरतलब है कि GRAP एक आपातकालीन ढाँचा है जो दिल्ली-एनसीआर में AQI के स्तर के अनुसार प्रतिबंध लागू करता है।

एजेंसियों को सख्त निर्देश

CAQM ने स्पष्ट किया कि चरण-I की पाबंदियाँ हटने के बावजूद, एनसीआर की सभी संबंधित राज्य सरकारों और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकारी एजेंसियों को आयोग के सभी वैधानिक निर्देशों, सलाहों और आदेशों का कड़ाई से पालन करना होगा। एजेंसियों को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के नियमों व दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है।

निगरानी जारी रहेगी

CAQM उप-समिति ने स्पष्ट किया कि वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और IMD तथा IIT-M द्वारा दिए गए मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर समय-समय पर स्थिति की समीक्षा होगी। बयान में कहा गया कि वायु गुणवत्ता को 'खराब' श्रेणी में जाने से रोकने के लिए ये उपाय अनिवार्य हैं। आने वाले हफ्तों में वायु गुणवत्ता के रुझान यह तय करेंगे कि GRAP के अगले चरण की पाबंदियाँ दोबारा लागू करनी पड़ेंगी या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी सुधार नदारद रहता है। CAQM के निर्देशों की 'कड़ाई से पालन' की अपील तब तक अर्थहीन है जब तक उल्लंघन पर जवाबदेही का ठोस तंत्र न हो। गर्मियों की अपेक्षाकृत साफ हवा असली परीक्षा नहीं है — अक्टूबर-नवंबर की पराली का धुआँ ही बताएगा कि यह बैठक नीति में बदली या सिर्फ कागज़ों में रही।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली LG और CAQM प्रमुख की बैठक किस विषय पर हुई?
1 जून 2026 को लोक निवास में हुई इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतर-एजेंसी समन्वय और दीर्घकालिक पर्यावरणीय रणनीतियों पर चर्चा हुई।
GRAP चरण-I की पाबंदियाँ क्यों हटाई गईं?
CAQM उप-समिति ने 29 मई को सर्वसम्मति से GRAP चरण-I की सभी कार्रवाइयाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दीं, क्योंकि वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिले थे। हालाँकि, एजेंसियों को सभी मौजूदा निर्देशों का पालन जारी रखने की सलाह दी गई है।
CAQM क्या है और यह दिल्ली में क्या भूमिका निभाता है?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिम्मेदार केंद्रीय वैधानिक निकाय है। यह GRAP लागू करने, एजेंसियों को निर्देश देने और प्रदूषण स्तर की निगरानी का काम करता है।
आगे वायु गुणवत्ता की निगरानी कैसे होगी?
CAQM उप-समिति IMD और IIT-M के मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर वायु गुणवत्ता की लगातार समीक्षा करेगी और AQI के स्तर के अनुसार GRAP के अगले चरणों को लागू या वापस लेने का निर्णय लेगी।
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कौन-सी एजेंसियाँ जिम्मेदार हैं?
दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी CAQM, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, पर्यावरण मंत्रालय और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में साझा है।
राष्ट्र प्रेस
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