क्या दिल्ली में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है, कड़े प्रतिबंध क्यों लागू हुए?
सारांश
Key Takeaways
- एक्यूआई का स्तर ४२८ पहुँच गया है।
- स्टेज-IV उपाय लागू किए गए हैं।
- गैर-बीएस-VI वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
- निर्माण गतिविधियों पर रोक है।
- ऑफिस में ५०% वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बेहद खतरनाक ‘गंभीर+’ श्रेणी के नजदीक पहुँचने के बाद एक बार फिर से सबसे सख्त प्रदूषण-निरोधक प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हालात के तेजी से बिगड़ने के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत स्टेज-IV उपायों को फिर से लागू करने की घोषणा की है।
शनिवार शाम ४ बजे दिल्ली का एक्यूआई ४०० दर्ज किया गया था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, महज चार घंटे में यह बढ़कर ४२८ तक पहुँच गया, जो ‘सीवियर+’ श्रेणी (४५० से ऊपर) की दहलीज के बेहद नजदीक है।
अधिकारियों के अनुसार, एक्यूआई में इस तेज उछाल के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियाँ और प्रदूषकों के फैलाव की कमी प्रमुख कारण हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सर्वसम्मति से एहतियाती कदम के तौर पर स्टेज-IV उपाय लागू करने का निर्णय लिया गया है।
दिसंबर २०२५ में पहली बार लागू किए गए स्टेज-IV प्रतिबंधों के अंतर्गत, दिल्ली में गैर-बीएस-VI और दिल्ली पंजीकरण रहित वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है। हालाँकि, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले और स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले ट्रकों को छूट दी गई है।
निर्माण (कंस्ट्रक्शन व डेमोलिशन) गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसमें हाईवे, फ्लाईओवर और पाइपलाइन जैसी सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ भी शामिल हैं।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार और एनसीआर के राज्य कक्षा ६ से ९ और कक्षा ११ तक की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर सकते हैं। कक्षा १० और १२ को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को देखते हुए इस व्यवस्था से छूट दी गई है।
सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों को सलाह दी गई है कि वे कम से कम ५० प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें। ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए अलग-अलग समय (स्टैगर्ड टाइमिंग) भी लागू की जा सकती है।
प्रशासन के पास आपातकालीन विवेकाधीन कदम उठाने का भी अधिकार रहेगा, जिनमें कॉलेजों को बंद करना, गैर-जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाना या ऑड-ईवन वाहन योजना लागू करना शामिल हो सकता है।
हालात और बिगड़ने पर केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी कर सकती है।