क्या दिल्ली की हवा में घुला है 'जहर'? एक्यूआई 400 के पार, ग्रैप-3 लागू
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 11 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश की राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। यहाँ की हवा इतनी प्रदूषित हो गई है कि लोगों के लिए सांस लेना कठिन हो गया है।
इस स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 लागू करने का निर्णय लिया है। बिगड़ती हवा को ध्यान में रखते हुए यहाँ कई चीज़ों पर पाबंदियाँ लगाई जा सकती हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 10 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 362 था, जबकि 11 नवंबर की सुबह 9 बजे यह बढ़कर 425 तक पहुँच गया, जो कि चिंताजनक स्थिति है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस खतरनाक बढ़ोतरी का कारण शांत हवाएं, स्थिर वातावरण और अनुकूल मौसम की परिस्थितियां हैं। हवा का नहीं बहना और प्रदूषक कणों का जमीन के पास जमा रहना इस स्थिति को और भी गंभीर बना रहा है। ऐसे में ग्रैप के स्टेज 1 और 2 के बाद तुरंत स्टेज 3 लागू करने का निर्णय लिया गया है।
राजधानी की हालात को देखते हुए केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उपसमिति ने एक बड़ा फैसला लिया है। समिति ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के स्टेज-3 को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है। स्टेज-3 तब लागू होता है जब एक्यूआई 401 से 450 के बीच पहुँच जाता है। इसलिए दिल्ली-एनसीआर में तुरंत प्रभाव से ग्रैप-3 लागू किया गया है।
इसका मतलब है कि अब स्टेज-1 और स्टेज-2 के तहत जो पाबंदियाँ पहले से लागू थीं, उनके साथ अब ज्यादा सख्त कदम उठाए जाएंगे। इनमें निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पाबंदी, सड़क पर धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव, डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोक और ट्रक जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त रोक जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, सरकार शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने का भी आदेश जारी कर सकती है।