2 नवंबर 2026
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दिल्ली का AQI 324 पर पहुँचा, CAQM ने पूरे NCR में GRAP-2 तत्काल लागू किया

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दिल्ली का AQI 324 पर पहुँचा, CAQM ने पूरे NCR में GRAP-2 तत्काल लागू किया

सारांश

दिल्ली का AQI महज दो दिनों में 117 से उछलकर 324 पर पहुँच गया। CAQM ने पूरे NCR में GRAP-2 तत्काल लागू कर दिया है — पार्किंग शुल्क बढ़ेगा, सरकारी कार्यालयों का समय बदलेगा और नागरिकों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

CPCB के अनुसार 2 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 324 — 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज।
AQI 31 अक्टूबर को 117 था, जो दो दिनों में 207 अंक उछलकर 324 पर पहुँचा।
CAQM ने पूरे दिल्ली-NCR में GRAP चरण-II तत्काल प्रभाव से लागू किया; GRAP चरण-I भी जारी रहेगा।
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव होगा।
पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा; नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील।
IMD/IIT-M पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है।

नई दिल्ली में 2 नवंबर 2026 को वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 दर्ज किया गया — जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II को लागू करने का निर्णय लिया है।

तीन दिनों में AQI का तीव्र उछाल

CAQM की GRAP उप-समिति ने बैठक में भारतीय मौसम विभाग (IMD) और IIT-M द्वारा दिए गए पूर्वानुमानों की समीक्षा की। आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI 31 अक्टूबर को 'मध्यम' श्रेणी में 117 था, जो 1 नवंबर को 'खराब' श्रेणी में 261 पर पहुँच गया और 2 नवंबर को प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते 324 तक जा पहुँचा। यह महज दो दिनों में 207 अंकों की छलांग है — जो शांत हवाओं और गिरते तापमान के संयोग से आई है। IMD/IIT-M के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बने रहने की संभावना है।

GRAP चरण-II के तहत क्या होगा

CAQM की उप-समिति ने सर्वसम्मति से पूरे NCR में GRAP-2 लागू करने का फैसला किया। पहले से लागू GRAP चरण-I भी जारी रहेगा। एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि चिन्हित सड़कों पर रोज़ाना मशीनी और वैक्यूम स्वीपिंग तथा पानी का छिड़काव किया जाए। पीक ट्रैफिक से पहले धूल को दबाने वाले पदार्थों का छिड़काव अनिवार्य किया गया है।

NCR के सभी प्रदूषण हॉटस्पॉट पर केंद्रित कार्रवाई होगी। निर्माण और विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की जाँच के लिए निरीक्षण बढ़ाए जाएँगे। इसके साथ ही निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी भी की जाएगी।

सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव

दिल्ली सरकार (GNCTD) और NCR राज्य सरकारें दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय को अलग-अलग करेंगी, ताकि पीक-ट्रैफिक के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब NCR में शीतकालीन धुंध का मौसम शुरू हो चुका है।

नागरिकों से अपील

CAQM ने नागरिकों से GRAP चरण-I और चरण-II के नागरिक चार्टर में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करें और निजी वाहनों का उपयोग घटाएँ। तकनीक की मदद से कम भीड़भाड़ वाले रास्ते चुनें, वाहनों के एयर फिल्टर नियमित रूप से बदलें और खुले में ठोस कचरे या बायोमास को न जलाएँ।

जो लोग घर से काम करने में सक्षम हैं, उन्हें वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी गई है। CAQM ने कहा है कि वह स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है और आने वाले दिनों में नियमित रूप से वायु गुणवत्ता की समीक्षा करता रहेगा।

आगे क्या

गौरतलब है कि दिल्ली में हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन और मौसमी कारकों के मेल से AQI तेज़ी से बिगड़ता है। यदि अगले कुछ दिनों में AQI 'गंभीर' श्रेणी यानी 400 से ऊपर पहुँचता है, तो CAQM GRAP के और सख्त चरणों — चरण-III और चरण-IV — को भी लागू कर सकता है, जिनमें स्कूल बंद करने और ट्रक प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे कड़े कदम शामिल हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार की रफ्तार बेहद धीमी रही है। असली सवाल यह है कि पार्किंग शुल्क और वैक्यूम स्वीपिंग जैसे अल्पकालिक उपाय तब तक कितने कारगर हैं, जब तक पराली जलाने पर ठोस नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन का मज़बूत विस्तार नहीं होता। GRAP एक आपातकालीन ढाँचा है, न कि स्थायी समाधान — और इसे हर साल 'तत्काल' लागू करने की ज़रूरत ही यह बताती है कि रोकथाम की नीति कितनी कमज़ोर है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली का AQI 2 नवंबर 2026 को कितना था और यह किस श्रेणी में है?
CPCB के दैनिक बुलेटिन के अनुसार 2 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 324 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। AQI 300-400 के बीच होने पर स्वस्थ लोगों को भी साँस लेने में परेशानी हो सकती है।
GRAP चरण-II क्या है और इसके तहत क्या पाबंदियाँ लगती हैं?
GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) वायु प्रदूषण से निपटने की एक चरणबद्ध व्यवस्था है। चरण-II के तहत सड़कों पर मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर कड़ा निरीक्षण, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव शामिल हैं।
GRAP-2 से NCR के किन शहरों पर असर पड़ेगा?
CAQM ने पूरे दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू किया है, जिसमें दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर शामिल हैं। इन सभी शहरों में सरकारी कार्यालयों के समय को भी अलग-अलग किया जाएगा।
क्या आगे GRAP के और सख्त चरण लागू हो सकते हैं?
IMD/IIT-M के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी AQI 'बहुत खराब' बना रह सकता है। यदि AQI 400 के पार 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचता है, तो CAQM GRAP चरण-III या चरण-IV लागू कर सकता है, जिसमें स्कूल बंद करने और ट्रक प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे कड़े कदम हो सकते हैं।
नागरिक प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
CAQM ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, निजी वाहन कम चलाने, खुले में कचरा या बायोमास न जलाने और जहाँ संभव हो वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है। वाहन चालकों को एयर फिल्टर नियमित रूप से बदलने और कम भीड़भाड़ वाले रास्ते अपनाने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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