एपेक शिखर सम्मेलन में पुतिन-शी जिनपिंग की अहम बैठक तय, क्रेमलिन ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने 2 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। पेसकोव ने स्पष्ट किया कि रूस शीर्ष स्तरीय चीन-रूस संवाद का सदैव स्वागत करता है और इस मुलाकात की प्रतीक्षा है।
बैठक की पुष्टि और तैयारी
पेसकोव के अनुसार, एपेक में राष्ट्रपति पुतिन के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का काम अभी जारी है। उन्होंने बताया कि रूस लगातार शिखर सम्मेलन के आयोजकों और चीनी पक्ष दोनों के साथ संपर्क में है। यह बैठक रूस-चीन रणनीतिक साझेदारी की कड़ी में एक और महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
त्रिपक्षीय बैठक पर अनिश्चितता
पेसकोव ने यह भी स्पष्ट किया कि एपेक में पुतिन, शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित त्रिपक्षीय बैठक को लेकर फिलहाल कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने हाल ही में इस तरह की तीन-पक्षीय वार्ता की इच्छा जताई थी।
ट्रंप ने कहा था, 'मैं यह बैठक करने को तैयार हूँ, लेकिन यूक्रेन के लिए नहीं। हम इसे परमाणु निरस्त्रीकरण पर बात करने के लिए करेंगे।' इस बयान ने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ी थी।
ब्रिक्स की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पुतिन और शी जिनपिंग हाल ही में भारत की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक साथ नजर आए थे। उस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोनों नेताओं की संयुक्त तस्वीर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बनी थी।
भू-राजनीतिक महत्त्व
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन संघर्ष और परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर वैश्विक कूटनीति तेज़ गति से बदल रही है। रूस-चीन की बढ़ती निकटता और अमेरिका की त्रिपक्षीय वार्ता की इच्छा — तीनों मिलकर एपेक को इस बार एक असाधारण भू-राजनीतिक मंच बनाते हैं।
आने वाले दिनों में एपेक कार्यक्रम-सूची के अंतिम रूप लेने के साथ यह स्पष्ट होगा कि पुतिन-शी बैठक में किन द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी और क्या त्रिपक्षीय वार्ता की कोई संभावना बनती है।