बेगूसराय में एएसआई चंदन कुमार झा रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की 2026 में 116वीं ट्रैप कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बेगूसराय जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 3 नवंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए साहेबपुर कमाल थाने में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) चंदन कुमार झा को ₹29,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि झा ने शराब से भरी एक गाड़ी से जुड़े मामले में एक व्यक्ति का नाम हटाने के बदले यह राशि माँगी थी। ब्यूरो की टीम ने उन्हें प्रखंड कार्यालय साहेबपुर कमाल के गेट के सामने सड़क किनारे से पकड़ा।
मामले का पूरा घटनाक्रम
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, साहेबपुर कमाल निवासी अमित कुमार ने पटना स्थित ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि साहेबपुर कमाल थाना कांड संख्या 279/26 के तहत एक शराब लदी हुंडई आई-20 गाड़ी पकड़ी गई थी। यह मामला 16 अक्टूबर 2026 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) के अंतर्गत दर्ज किया गया था।
परिवादी का कहना है कि उन्होंने वह गाड़ी पहले ही ₹1,000 के स्टांप पेपर पर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी थी, फिर भी आरोपी एएसआई उनका नाम मामले से हटाने के लिए रिश्वत की माँग कर रहा था। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत माँगे जाने की पुष्टि हुई, और इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 127/26 दर्ज किया गया।
धावादल का गठन और गिरफ्तारी
अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार के अनुरोध पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक गौतम शरण ओमी के नेतृत्व में धावादल गठित किया गया। सोमवार को धावादल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई चंदन कुमार झा को रिश्वत की राशि के साथ प्रखंड कार्यालय के गेट के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ के बाद उन्हें निगरानी के विशेष न्यायालय, भागलपुर में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जाँच जारी है।
2026 में भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाइयों की स्थिति
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 127वीं प्राथमिकी है। एक कांड अन्य जिले से स्थानांतरित होने के कारण ब्यूरो अब कुल 128 मामलों का अनुसंधान कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी इस वर्ष रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया 116वाँ अभियुक्त है।
ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दर्ज 116 ट्रैप कांडों में रिश्वत के रूप में कुल ₹40 लाख 48 हजार 400 बरामद किए गए हैं। इसके अलावा ₹37,000 मूल्य की एक नई वाशिंग मशीन भी जब्त की गई है। तुलनात्मक रूप से, पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे, जिनमें ₹37 लाख 80 हजार 300 की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।
व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि 2026 में ट्रैप कांडों की संख्या 2025 की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जो यह दर्शाता है कि ब्यूरो अपनी कार्रवाइयों को और अधिक सक्रिय रूप से अंजाम दे रहा है। आने वाले दिनों में न्यायालय में पेशी के बाद मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।