बेगुसराय ASI गिरफ्तार: ₹29,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, शराब तस्करी केस से नाम हटाने का वादा किया था
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बेगुसराय जिले में सतर्कता जांच ब्यूरो ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को साहिबपुर कमल पुलिस स्टेशन में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) चंदन झा को ₹29,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पटना से आई सतर्कता टीम ने ब्लॉक मुख्यालय के निकट एक गुप्त ऑपरेशन में यह कार्रवाई की।
मामले की पृष्ठभूमि
साहिबपुर कमल क्षेत्र के निवासी अमित कुमार ने पटना स्थित सतर्कता जांच ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि ASI चंदन झा ने शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में उनका नाम हटाने के एवज में पैसों की माँग की।
मामले के अनुसार, अमित कुमार के स्वामित्व की एक चार पहिया वाहन शराब तस्करी के एक मामले में जब्त हुई थी। आरोपी ASI ने दावा किया था कि वाहन बेच दिया गया था, किंतु बाद में वही गाड़ी तस्करी के मामले में पकड़ी गई। इसी उलझन का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से रिश्वत माँगी।
ऑपरेशन कैसे हुआ
सतर्कता जांच ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) गौतम शरण ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने प्रारंभिक सत्यापन किया और आरोपों की पुष्टि होते ही सतर्कता पुलिस स्टेशन में मामला संख्या 127/26 दर्ज किया गया।
DSP शरण के अनुसार, ASI ने शुरुआत में ₹30,000 की माँग की थी, लेकिन बातचीत के बाद रकम ₹29,000 पर तय हुई। सोमवार को जाल बिछाया गया और शिकायतकर्ता से कथित तौर पर तय रकम लेते हुए उसे तुरंत दबोच लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पूरी ₹29,000 की राशि आरोपी के पास से बरामद की गई।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई
गिरफ्तारी के पश्चात सतर्कता दल ASI चंदन झा को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के लिए पहले बेगुसराय सर्किट हाउस ले गया। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उसे पटना ले जाने की व्यवस्था की गई।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब बिहार पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पहले से ही बहस चल रही है। गौरतलब है कि यह बिहार में हाल के महीनों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सतर्कता कार्रवाइयों की एक कड़ी में शामिल है।
सतर्कता विभाग का संदेश
DSP गौतम शरण ने स्पष्ट किया कि सतर्कता जांच ब्यूरो रिश्वत माँगने या लेने वाले किसी भी लोक सेवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत को तुरंत दर्ज कराएँ।
मामले में आगे की जाँच जारी है। जिला पुलिस विभाग में ASI की गिरफ्तारी के बाद हलचल मची हुई है और उच्च अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं।