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बेगुसराय ASI गिरफ्तार: ₹29,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, शराब तस्करी केस से नाम हटाने का वादा किया था

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बेगुसराय ASI गिरफ्तार: ₹29,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, शराब तस्करी केस से नाम हटाने का वादा किया था

सारांश

बिहार के बेगुसराय में सतर्कता जांच ब्यूरो ने साहिबपुर कमल थाने के ASI चंदन झा को ₹29,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने शराब तस्करी मामले से एक शिकायतकर्ता का नाम हटाने के बदले यह रकम माँगी थी। मामला संख्या 127/26 दर्ज कर आगे की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

ASI चंदन झा , साहिबपुर कमल पुलिस स्टेशन, बेगुसराय को 2 नवंबर 2026 को ₹29,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता अमित कुमार के स्वामित्व की जब्त गाड़ी से जुड़े शराब तस्करी मामले से उनका नाम हटाने के बदले रकम माँगी थी।
ASI ने पहले ₹30,000 माँगे थे, बातचीत के बाद राशि ₹29,000 पर तय हुई; ऑपरेशन में पूरी रकम बरामद की गई।
सतर्कता पुलिस स्टेशन में मामला संख्या 127/26 दर्ज किया गया है।
आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के लिए बेगुसराय सर्किट हाउस और फिर पटना ले जाया गया।

बिहार के बेगुसराय जिले में सतर्कता जांच ब्यूरो ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को साहिबपुर कमल पुलिस स्टेशन में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) चंदन झा को ₹29,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पटना से आई सतर्कता टीम ने ब्लॉक मुख्यालय के निकट एक गुप्त ऑपरेशन में यह कार्रवाई की।

मामले की पृष्ठभूमि

साहिबपुर कमल क्षेत्र के निवासी अमित कुमार ने पटना स्थित सतर्कता जांच ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि ASI चंदन झा ने शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में उनका नाम हटाने के एवज में पैसों की माँग की।

मामले के अनुसार, अमित कुमार के स्वामित्व की एक चार पहिया वाहन शराब तस्करी के एक मामले में जब्त हुई थी। आरोपी ASI ने दावा किया था कि वाहन बेच दिया गया था, किंतु बाद में वही गाड़ी तस्करी के मामले में पकड़ी गई। इसी उलझन का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से रिश्वत माँगी।

ऑपरेशन कैसे हुआ

सतर्कता जांच ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) गौतम शरण ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने प्रारंभिक सत्यापन किया और आरोपों की पुष्टि होते ही सतर्कता पुलिस स्टेशन में मामला संख्या 127/26 दर्ज किया गया।

DSP शरण के अनुसार, ASI ने शुरुआत में ₹30,000 की माँग की थी, लेकिन बातचीत के बाद रकम ₹29,000 पर तय हुई। सोमवार को जाल बिछाया गया और शिकायतकर्ता से कथित तौर पर तय रकम लेते हुए उसे तुरंत दबोच लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पूरी ₹29,000 की राशि आरोपी के पास से बरामद की गई।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

गिरफ्तारी के पश्चात सतर्कता दल ASI चंदन झा को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के लिए पहले बेगुसराय सर्किट हाउस ले गया। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उसे पटना ले जाने की व्यवस्था की गई।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब बिहार पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पहले से ही बहस चल रही है। गौरतलब है कि यह बिहार में हाल के महीनों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सतर्कता कार्रवाइयों की एक कड़ी में शामिल है।

सतर्कता विभाग का संदेश

DSP गौतम शरण ने स्पष्ट किया कि सतर्कता जांच ब्यूरो रिश्वत माँगने या लेने वाले किसी भी लोक सेवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत को तुरंत दर्ज कराएँ।

मामले में आगे की जाँच जारी है। जिला पुलिस विभाग में ASI की गिरफ्तारी के बाद हलचल मची हुई है और उच्च अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 जैसी अपेक्षाकृत छोटी रकम के लिए रंगे हाथ पकड़ा जाना यह उजागर करता है कि बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार केवल ऊपरी पदों तक सीमित नहीं, बल्कि निचले स्तर पर भी गहरी जड़ें जमाए है। सतर्कता जांच ब्यूरो की सक्रियता सराहनीय है, किंतु असली सवाल यह है कि ऐसे मामलों में अदालती प्रक्रिया कितनी तेज़ और निर्णायक होती है। शराब तस्करी के मामले में नाम हटाने के लिए रिश्वत माँगना पुलिस की उस पुरानी प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, जहाँ कमज़ोर नागरिक प्रणाली की खामियों के शिकार बनते हैं। जब तक दोषसिद्धि दर नहीं बढ़ती और गिरफ्तारी का अंजाम महज निलंबन नहीं, बल्कि बर्खास्तगी और कारावास होता है, तब तक ऐसे ऑपरेशन भले ही खबर बनें, पर वे निवारक नहीं बन पाएँगे।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेगुसराय ASI गिरफ्तारी का मामला क्या है?
बिहार के बेगुसराय जिले के साहिबपुर कमल पुलिस स्टेशन में तैनात ASI चंदन झा को सतर्कता जांच ब्यूरो ने 2 नवंबर 2026 को ₹29,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी ने शराब तस्करी मामले से शिकायतकर्ता अमित कुमार का नाम हटाने के बदले यह रकम माँगी थी।
ASI चंदन झा ने रिश्वत क्यों माँगी थी?
ASI चंदन झा ने शिकायतकर्ता अमित कुमार की चार पहिया वाहन से जुड़े शराब तस्करी के एक मामले से उनका नाम हटाने के लिए रिश्वत माँगी थी। आरोपी ने पहले ₹30,000 माँगे थे, जो बातचीत के बाद ₹29,000 पर तय हुए।
सतर्कता जांच ब्यूरो ने ASI को कैसे पकड़ा?
अमित कुमार की शिकायत के बाद सतर्कता विभाग ने प्रारंभिक सत्यापन किया और मामला संख्या 127/26 दर्ज कर ब्लॉक मुख्यालय के निकट जाल बिछाया। शिकायतकर्ता से रकम लेते ही ASI को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और पूरी राशि बरामद की गई।
गिरफ्तारी के बाद ASI के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
गिरफ्तारी के बाद ASI चंदन झा को कानूनी औपचारिकताओं के लिए पहले बेगुसराय सर्किट हाउस ले जाया गया और फिर पटना ले जाने की व्यवस्था की गई। मामले में आगे की जाँच सतर्कता जांच ब्यूरो द्वारा जारी है।
बिहार में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सतर्कता कार्रवाई कितनी सक्रिय है?
सतर्कता जांच ब्यूरो के DSP गौतम शरण के अनुसार, विभाग रिश्वत माँगने या लेने वाले किसी भी लोक सेवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला हाल के महीनों में बिहार में पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई सतर्कता कार्रवाइयों की एक नई कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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