रामलीला मैदान रैली विवाद: ₹11,000 करोड़ नुकसान के दावे पर सीपीआई सांसद संतोष कुमार का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद पी. संतोष कुमार ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली से जुड़े विवादों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। व्यापारी संगठन द्वारा रैली के कारण ₹11,000 करोड़ के कारोबारी नुकसान के दावे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा रैली की भीड़ दिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार फर्जी तस्वीरें इस्तेमाल करने के आरोप — दोनों को संतोष कुमार ने सिरे से खारिज कर दिया।
व्यापारी संगठन के पत्र पर सवाल
ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन ने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर भविष्य में प्रदर्शन स्थल को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करने की माँग की थी। संतोष कुमार ने इस माँग को बेमानी बताते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में आदेश दे चुका है। उन्होंने कहा, 'रामलीला मैदान सभी के लिए है, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।' उनके अनुसार, यह पत्र रैली की सफलता से खिन्न कुछ लोगों की प्रतिक्रिया है।
सांसद ने स्पष्ट किया कि 'दिल्ली केवल व्यापारियों की जगह नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता की जगह है' — और इसीलिए कुछ संगठनों का इस तरह का आदेश माँगना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन नोटिफिकेशन और डी-नोटिफिकेशन पर नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर टिके होते हैं।
₹11,000 करोड़ नुकसान के दावे पर तंज
दिल्ली के व्यापारी संगठन की ओर से रैली के चलते ₹11,000 करोड़ के कारोबारी नुकसान का दावा किए जाने पर संतोष कुमार ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे दावे करने वाले संगठनों को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित BJP कार्यालय जाकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने BJP नेताओं पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को अपने प्रभाव में रखने का आरोप भी लगाया, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन और सत्तारूढ़ BJP के बीच रैली की भीड़ और उसके प्रभाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गौरतलब है कि रामलीला मैदान राजधानी के केंद्र में स्थित है और ऐतिहासिक रूप से बड़े राजनीतिक जमावड़ों का गवाह रहा है।
AI तस्वीरों के आरोप और रिजिजू पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने रैली में भारी भीड़ दर्शाने के लिए AI से तैयार फर्जी तस्वीरों का सहारा लिया। संतोष कुमार ने इसे 'रिजिजू का मज़ाक' करार देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री को देश में हो रही घटनाओं की बुनियादी जानकारी भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि रैली के दिन दिल्ली में जनसैलाब उमड़ा था — 'पूरी दिल्ली इंसानों के समुद्र में बदल गई थी।'
सांसद ने रिजिजू की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री को संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों और सर्वदलीय बैठकों की वास्तविक स्थिति की भी समझ नहीं है। BJP की ओर से ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
संबित पात्रा के दावे पर प्रतिक्रिया
BJP सांसद संबित पात्रा ने दावा किया था कि रामलीला मैदान में कुर्सियाँ खाली थीं और करीब 40 प्रतिशत जगह रिक्त रही — साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया था कि रैली में आने का दावा किए गए 10 लाख लोग कहाँ थे। इस पर संतोष कुमार ने कहा कि लोग सुबह नौ बजे से ही रैली में पहुँचने लगे थे और दोपहर बाद तीन-चार बजे कुछ लोगों के वापस जाने के बाद भी मैदान के बाहर करीब दो किलोमीटर तक भीड़ मौजूद थी।
संतोष कुमार ने कहा कि मैदान के भीतर कुर्सियों को लेकर चाहे जो दावा किया जाए, बाहर उमड़ी भीड़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक रैली' बताया और कहा कि पूरी दुनिया का ध्यान उस दिन दिल्ली पर था।
आगे क्या
रामलीला मैदान रैली को लेकर राजनीतिक विवाद थमता नहीं दिख रहा। व्यापारी संगठन का उपराज्यपाल को लिखा पत्र और भीड़ के आँकड़ों पर जारी बहस आने वाले दिनों में इंडिया गठबंधन और BJP के बीच तकरार का मुद्दा बने रहने की संभावना है। रैली की वास्तविक उपस्थिति और AI तस्वीरों के दावे की स्वतंत्र जाँच अभी सामने नहीं आई है।