इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर रैली को कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन, एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन द्वारा 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली को कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए विपक्षी अभियान के साथ खड़े होने का निर्णय लिया है।
समर्थन की घोषणा
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार जनता को चुने।' दिपके ने स्पष्ट किया कि यह समर्थन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से दिया जा रहा है।
एसआईआर प्रक्रिया पर आपत्तियाँ
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की आशंकाएँ पैदा हुई हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि नागरिकों के लिए मतदान को सरल बनाने के बजाय इस प्रक्रिया ने लोगों में मतदाता सूची से बाहर किए जाने का भय उत्पन्न किया है।
पार्टी ने चुनाव आयोग (ECI) की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि उसका दायित्व प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना है, न कि उसके मार्ग में बाधाएँ खड़ी करना।
संवैधानिक तर्क
पार्टी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का हवाला देते हुए कहा कि संविधान ने देश के हर वयस्क नागरिक को — चाहे उसकी जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो — समान मतदान अधिकार दिया है। पार्टी का तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करना है, न कि उन्हें इससे बाहर करना।
इंडिया गठबंधन की तैयारी
इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग को लेकर कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। इनमें एक मॉक संसदीय सत्र और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विशाल रैली शामिल है। विपक्ष इसे चुनावी मुद्दों पर जनता की नाराज़गी को व्यापक जनसमर्थन में बदलने के अवसर के रूप में देख रहा है।
सत्तापक्ष और पार्टी की सीमाएँ
सत्तापक्ष ने इस तरह की माँगों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी का संगठनात्मक आधार सीमित है और उसकी चुनावी उपस्थिति भी व्यापक नहीं है। फिर भी उसके समर्थन को विपक्षी अभियान को मिलने वाले अतिरिक्त सहयोग के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी ने यह भी घोषणा की कि वह देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए संघर्ष करने वाले सभी संगठनों का समर्थन जारी रखेगी। 1 नवंबर की रैली से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ होती जा रही हैं।