19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वोट डिलीशन पर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की हुंकार: गुलाम अहमद मीर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वोट डिलीशन पर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की हुंकार: गुलाम अहमद मीर

सारांश

वोट डिलीशन का मुद्दा अब सड़क पर उतर रहा है। इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करेगा, जिसमें कथित तौर पर 1 करोड़ 13 लाख मतदाताओं को सूची से हटाने और चुनाव आयोग में 'एकतरफा फैसलों' के आरोप केंद्र में रहेंगे।

मुख्य बातें

एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली का ऐलान किया।
यह कार्यक्रम मूलतः जंतर-मंतर पर प्रस्तावित था, किंतु सरकारी प्रतिबंध के बाद स्थल बदला।
कांग्रेस के अनुसार पिछले एक वर्ष में करीब 1 करोड़ 13 लाख मतदाताओं को सूची से हटाया गया।
सबसे अधिक प्रभावित जेन-ज़ी यानी 18 वर्ष के बाद पहली बार मतदान के योग्य होने वाले युवा मतदाता बताए जा रहे हैं।
मीर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'असंवैधानिक और मनमाने' एकतरफा फैसले लेने के आरोप लगाए।
रैली में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ एनजीओ और युवा संगठन भी भाग लेंगे।

एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर ने 19 अक्टूबर 2026 को अनंतनाग में घोषणा की कि 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों का एक बड़ा संयुक्त जन-कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मीर के अनुसार यह कार्यक्रम मूल रूप से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित था, किंतु सरकार द्वारा वहाँ आयोजन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद रामलीला मैदान को वैकल्पिक स्थल के रूप में आवंटित किया गया।

कार्यक्रम का स्वरूप और भागीदारी

मीर ने बताया कि इस रैली में देशभर से ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर के विधायक, पार्टी पदाधिकारी और ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक पार्टी या नेता का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देशभर की 'सच्ची आवाजें' एक मंच पर एकत्रित होंगी।

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन से बाहर के एनजीओ, युवा संगठन और जेन-ज़ी (नई पीढ़ी) को भी शामिल किया जाएगा।

वोट डिलीशन का मुद्दा

मीर ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में करीब 1 करोड़ 13 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है, जिसे उन्होंने 'देश के लिए बेहद घातक' बताया। उनके अनुसार, इस वोट डिलीशन की सबसे बड़ी मार जेन-ज़ी पर पड़ी है — वे नए मतदाता जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पंजीकरण के पात्र थे, उन्हें सूची से सबसे अधिक बाहर रखा गया।

गौरतलब है कि यह मुद्दा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहले भी सार्वजनिक रूप से उठाया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर विस्तार से यह समझाया था कि किस प्रकार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

चुनाव आयोग पर आरोप

मीर ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आयोग के अन्य दोनों सदस्यों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा फैसले लिए हैं, जिन्हें उन्होंने 'असंवैधानिक और मनमाना' बताया। उनके अनुसार स्वयं चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने इन फैसलों पर आपत्ति जताई।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।

राजनीतिक संदर्भ

कांग्रेस के अनुसार यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। मीर ने कहा कि जब किसी 'नाकाम नीति और चोर दरवाजे' का इस्तेमाल किया जा रहा हो, तो जनता को अपनी आवाज़ उठाने का पूरा हक बनता है। यह आयोजन संकेत देता है कि इंडिया गठबंधन वोट डिलीशन के मुद्दे को आगामी दिनों में और तेज़ करने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इसकी न्यायिक या तकनीकी जाँच का कोई ठोस ब्योरा अब तक सामने नहीं आया। जंतर-मंतर पर प्रतिबंध और रामलीला मैदान का आवंटन विपक्ष को एक तैयार नैरेटिव दे देता है — 'सरकार दबाने की कोशिश कर रही है।' मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि मतदाता सूची में संशोधन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया भी है; विवाद उसके दायरे और पारदर्शिता पर है, न उसके अस्तित्व पर।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर है?
यह रैली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत वोट डिलीशन के मुद्दे पर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का आरोप है कि पिछले एक वर्ष में करीब 1 करोड़ 13 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया गया है।
रैली का स्थान जंतर-मंतर से बदलकर रामलीला मैदान क्यों किया गया?
एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर के अनुसार, सरकार ने जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद प्रशासन ने रामलीला मैदान सहित दो अन्य वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराए।
वोट डिलीशन से सबसे ज़्यादा कौन प्रभावित हुआ है?
कांग्रेस के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित जेन-ज़ी यानी वे युवा मतदाता हैं जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पहली बार मतदाता सूची में पंजीकरण के पात्र बने थे। मीर का दावा है कि इन्हें ही सूची से सबसे अधिक बाहर रखा गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
गुलाम अहमद मीर ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आयोग के अन्य दोनों सदस्यों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा फैसले लिए, जो कथित तौर पर असंवैधानिक और मनमाने हैं। उनके अनुसार स्वयं आयोग के दो आयुक्तों ने भी इन फैसलों पर आपत्ति जताई थी।
'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान क्या है?
यह कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का वह अभियान है जिसके तहत मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस अभियान की 1 नवंबर 2026 की रामलीला मैदान रैली एक प्रमुख सार्वजनिक कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले