इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रामलीला रैली तय — खड़गे बोले, 'जनता को जगाना हमारा संघर्ष'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 29 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक का विशाल विरोध प्रदर्शन पूरी तरह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन ने 'निरंकुश शासन' के विरुद्ध देश की जनता को जागरूक करने का संकल्प लिया है।
रैली का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने यह 'चलो दिल्ली मार्च' चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर (Special Intensive Revision) अभ्यास में कथित मतदान चोरी और अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं को उनके वास्तविक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मतदान चोरी और चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई गड़बड़ी के कारण हमारा विरोध जारी है। हम इसके खिलाफ विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। सभी दल हमारा समर्थन कर रहे हैं।'
राहुल गांधी का आह्वान
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर हिंदी में एक वीडियो संदेश पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लोगों से रामलीला मैदान में जुटने की अपील की। गांधी ने इस मार्च को 'लोकतंत्र को बचाने, कथित मतदान चोरी को रोकने और संविधान की रक्षा करने का आंदोलन' बताया।
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि यह मार्च किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि 'भारत की आत्मा की रक्षा' के लिए है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों से भी इसमें भाग लेने का आग्रह किया और दावा किया कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता तथा व्यक्तिगत अभिव्यक्ति खतरे में हैं।
व्यापारियों की आपत्ति
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के कई व्यापार संगठनों ने राहुल गांधी से इस रैली को पुनर्निर्धारित करने का अनुरोध किया है। व्यापारियों की आशंका है कि त्योहारी मौसम में इतनी बड़ी रैली से कारोबारी माहौल प्रभावित होगा और उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
इन अनुरोधों के बावजूद खड़गे ने साफ कर दिया कि रैली स्थगित नहीं होगी। उन्होंने दोहराया, 'लोकतंत्र में जब तक आप लड़ेंगे नहीं, लोग जागृत नहीं होंगे। इसीलिए हम यह सब कर रहे हैं।'
सांकेतिक संसद और व्यापक संदर्भ
खड़गे ने यह भी उल्लेख किया कि 30 अक्टूबर को एक 'सांकेतिक संसद' का आयोजन है और 1 नवंबर को देशभर से लोग दिल्ली में एकत्र होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव चरम पर है।
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक लगातार केंद्र सरकार की चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सड़क और संसद दोनों मंचों पर आवाज़ उठाता रहा है। 1 नवंबर की रैली इस सिलसिले की अब तक की सबसे बड़ी कड़ी होने की उम्मीद है।