अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला: आरोपी पति कुशाग्र राणा ने हजारीबाग कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस रिमांड की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी के सरेंडर के बाद पुलिस अब अदालत से रिमांड माँगने की तैयारी में है।
मुख्य घटनाक्रम
22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के गुप्ता कॉम्प्लेक्स स्थित फ्लैट नंबर 304 के भीतर अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव फंदे से लटकी अवस्था में मिला था। मृतका झारखंड हाईकोर्ट में सक्रिय वकील थीं। उनकी रहस्यमय मौत के बाद परिजनों ने पति और उसके परिवार के सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताड़ना तथा हत्या के गंभीर आरोप लगाए और न्याय की माँग की।
घटना के तुरंत बाद कुशाग्र रुद्र राणा और उसके परिवार के सदस्य फरार हो गए थे। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए झारखंड समेत तीन अलग-अलग राज्यों में अपनी टीमें रवाना की थीं। साथ ही आरोपी के पासपोर्ट और हथियार के लाइसेंस को रद्द कराने तथा उसके बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही थी।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपेश कुमार सिंह ने आरोपी के कोर्ट में सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूछताछ के लिए अदालत में रिमांड का आवेदन दाखिल करेगी। उनके अनुसार, मामले की गहन जाँच जारी है और आरोपी से पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट में मृतका के परिजनों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूरे मामले की जाँच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।
आरोपी के सोशल मीडिया पर दावे
सरेंडर से ठीक पहले कुशाग्र रुद्र राणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अनुष्का की मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उसने कथित तौर पर दावा किया कि अनुष्का के पिता उसके कारोबार में अनुचित दखलअंदाजी करते थे और उसे अपनी कंपनी में निदेशक बनाने के लिए मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।
आरोपी ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष की ओर से उस पर आर्थिक दबाव डाला गया और उससे पैसे तथा कीमती सामान ऐंठे गए। उसने वीडियो में रामगढ़ की विधायक ममता देवी के प्रतिनिधि मनोज महतो का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित सेटिंग के नाम पर कंपनी के बैंक खाते से ₹7 लाख और नकद ₹10 लाख ट्रांसफर किए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
विवाद की पृष्ठभूमि
आरोपी ने वीडियो में यह भी दावा किया कि रांची में रहने के दौरान अनुष्का की एक अन्य महिला अधिवक्ता से नजदीकियों को लेकर दोनों के बीच विवाद रहता था। इन दावों को अभी तक पुलिस द्वारा सत्यापित नहीं किया गया है और इन्हें आरोपी का एकतरफा बयान माना जा रहा है।
यह मामला ऐसे समय में और गंभीर हो गया है जब झारखंड में महिला वकीलों की सुरक्षा को लेकर कानूनी बिरादरी पहले से ही चिंतित है। अब जब आरोपी कानून की गिरफ्त में आ गया है, तो अदालत में रिमांड के दौरान पूछताछ से इस उलझे हुए मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
क्या होगा आगे
पुलिस द्वारा रिमांड आवेदन दाखिल किए जाने के बाद अदालत आरोपी को हिरासत में देने पर फैसला करेगी। डीएसपी स्तर के अधिकारी की अगुआई में जाँच जारी रहेगी और हाईकोर्ट भी मामले की निगरानी कर रहा है। आरोपी के वीडियो में लगाए गए प्रति-आरोपों की जाँच भी जाँच एजेंसी के दायरे में आ सकती है।