29 अक्टूबर 2026
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शिक्षकों की राजनीति पर रोक 'अलोकतांत्रिक': सौगत रॉय का सुवेंदु अधिकारी पर तीखा पलटवार

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शिक्षकों की राजनीति पर रोक 'अलोकतांत्रिक': सौगत रॉय का सुवेंदु अधिकारी पर तीखा पलटवार

सारांश

TMC सांसद सौगत रॉय ने सुवेंदु अधिकारी के शिक्षकों पर राजनीतिक बंदिश के बयान को सीधे 'असहमति दबाने की कोशिश' करार दिया। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी की 1 नवंबर की रामलीला रैली में उपस्थिति की पुष्टि कर दी — जो इंडिया गठबंधन के लिए अहम संकेत है।

मुख्य बातें

TMC सांसद सौगत रॉय ने सुवेंदु अधिकारी के शिक्षकों को राजनीति से दूर रखने के बयान को 'अलोकतांत्रिक' और 'असहमति दबाने की कोशिश' बताया।
रॉय ने पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए भाजपा पर TMC नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की विरोध रैली में शामिल होंगी — रॉय ने पुष्टि की।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर 'दिमागी नक्सली' वाली टिप्पणी को रॉय ने 'फर्जी' और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 29 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने हाल ही में नियुक्त स्कूली शिक्षकों को राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोकने की बात कही थी। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने इसे लोकतंत्र के विरुद्ध और असहमति की आवाज़ दबाने का प्रयास करार दिया।

शिक्षकों और लोकतंत्र पर विवाद

सांसद सौगत रॉय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक समाज का एक जागरूक और सक्रिय हिस्सा हैं, और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा शिक्षक समुदाय एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति विवाद राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस के बीच शिक्षा तथा नौकरशाही के सवालों पर लंबे समय से तीखी रस्साकशी जारी है।

इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी पर TMC की प्रतिक्रिया

यूनेस्को टैग विवाद से जुड़े मामले में TMC के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉय ने कहा, 'मुझे इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है कि अंदर की कहानी क्या है, लेकिन यह साफ दिख रहा है कि भाजपा सरकार एक के बाद एक तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।'

रॉय ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बदले की भावना से प्रेरित है।

सुवेंदु अधिकारी के ममता पर आरोपों का जवाब

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा इस मामले में ममता बनर्जी को लाभ पहुँचाने के लगाए गए आरोपों पर रॉय ने कहा, 'मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी क्या बोलते हैं, उसका कोई ठिकाना नहीं है। अगर कोई इस मामले में शामिल है तो कानून के तहत कदम उठाया जाए, लेकिन इस तरह के अनावश्यक बयान देने की क्या जरूरत है?'

ममता की रामलीला रैली में भागीदारी की पुष्टि

इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की उपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद रॉय ने पुष्टि करते हुए कहा, 'जहाँ तक मुझे जानकारी है, ममता बनर्जी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विरोध रैली में शामिल होंगी।'

यह घोषणा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि TMC और इंडिया गठबंधन के बीच के संबंध हाल के महीनों में उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं।

नसीरुद्दीन शाह पर रिजिजू की टिप्पणी का विरोध

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की 'दिमागी नक्सली' वाली टिप्पणी पर रॉय ने कहा, 'किरेन रिजिजू जो बोलते हैं, वह फर्जी बात है। नसीरुद्दीन शाह बहुत बड़े और सम्मानित अभिनेता हैं। उन्होंने अपनी अनुभूति को व्यक्त किया है। भाजपा को इस तरह की स्वतंत्र अभिव्यक्ति पसंद नहीं आती, इसलिए वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं।'

रॉय की यह प्रतिक्रिया भाजपा और विपक्ष के बीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सवाल पर चल रही व्यापक बहस के बीच आई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक तापमान और चढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक पैटर्न का हिस्सा है जिसमें सत्ता पक्ष असहमति को संस्थागत चैनलों के ज़रिए सीमित करने की कोशिश करता है। दूसरी ओर, TMC का 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप भी खुद उसके अपने कार्यकाल में विपक्षी आवाज़ों के साथ हुए बर्ताव के आलोक में परखा जाना चाहिए। ममता की रामलीला रैली में भागीदारी की पुष्टि यह संकेत देती है कि इंडिया गठबंधन में TMC की वापसी हो रही है — जो भाजपा के लिए निकट भविष्य में एक रणनीतिक चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौगत रॉय ने सुवेंदु अधिकारी के किस बयान का विरोध किया?
TMC सांसद सौगत रॉय ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान का विरोध किया जिसमें कहा गया था कि हाल ही में नियुक्त स्कूली शिक्षक राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकते। रॉय ने इसे लोकतंत्र विरोधी और असहमति दबाने की कोशिश बताया।
इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी किस मामले में हुई?
TMC के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन को यूनेस्को टैग विवाद से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। TMC सांसद सौगत रॉय ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार एक के बाद एक TMC नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
ममता बनर्जी 1 नवंबर की रैली में शामिल होंगी?
TMC सांसद सौगत रॉय ने पुष्टि की है कि ममता बनर्जी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की विरोध रैली में शामिल होंगी। यह TMC और इंडिया गठबंधन के बीच नए सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
नसीरुद्दीन शाह विवाद क्या है और रॉय ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'दिमागी नक्सली' कहा था। सौगत रॉय ने इसे 'फर्जी बात' बताते हुए कहा कि नसीरुद्दीन शाह एक सम्मानित कलाकार हैं जिन्होंने अपनी अनुभूति व्यक्त की है, और भाजपा को स्वतंत्र अभिव्यक्ति पसंद नहीं।
पश्चिम बंगाल में शिक्षकों और राजनीति का विवाद क्यों अहम है?
पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा BJP और TMC के बीच लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। शिक्षकों को राजनीति से अलग रखने की कोशिश को विपक्ष अलोकतांत्रिक मानता है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सरकारी कर्मचारियों की तटस्थता के रूप में पेश करता है।
राष्ट्र प्रेस
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