23 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जादवपुर यूनिवर्सिटी झड़प: टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी को बताया सीधा जिम्मेदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जादवपुर यूनिवर्सिटी झड़प: टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी को बताया सीधा जिम्मेदार

सारांश

जादवपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार-गुरुवार की रात एबीवीपी और एसएफआई के बीच हुई झड़प ने राजनीतिक रंग ले लिया है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी के 'तांडव' वाले बयान को सीधे हिंसा से जोड़ा — और यह टकराव सिर्फ परिसर तक सीमित नहीं रहा।

मुख्य बातें

जादवपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार-गुरुवार की रात एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच दो स्थानों पर झड़प हुई, कई छात्र घायल।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
रॉय ने मुखर्जी के 'पूरी रात तांडव चलेगा' वाले कथित बयान को झड़प से सीधे जोड़ा।
विधायक सरबोरी मुखर्जी ने एबीवीपी को उकसाने के सभी आरोपों से इनकार किया।
रॉय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की जेन-जी आउटरीच कमेटी को भी निरर्थक बताया।

कोलकाता में जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर में एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सरबोरी मुखर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रॉय ने कहा कि इस विवाद से मुखर्जी का सीधा संबंध है और उनके बयानों ने माहौल को भड़काने का काम किया।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार-गुरुवार की रात इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय छात्र संघ (FETSU) की बैठक के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर में दो अलग-अलग स्थानों पर झड़पें हुईं। पहली झड़प 8बी बस स्टैंड क्रॉसिंग पर एसएफआई कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई। इसके बाद दूसरी झड़प विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।

सौगत रॉय के आरोप

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी के इनकार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैंने नहीं देखा, लेकिन भाजपा विधायक ने खुद कहा था कि पूरी रात 'तांडव' चलेगा। चुन-चुनकर दोषियों को पकड़ा जाएगा। इसलिए, एक सीधा लिंक है।' रॉय ने यह भी कहा कि परिसर में हमला करने वाले एबीवीपी से जुड़े हैं, जो आरएसएस का संगठन है और आरएसएस तथा भाजपा व्यावहारिक रूप से एक ही हैं।

भाजपा विधायक का पक्ष

विधायक सरबोरी मुखर्जी ने इससे पहले ही झड़प के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं को भड़काने के किसी भी आरोप से इनकार किया था। उन्होंने परिसर में हुई हिंसा में अपनी किसी भी भूमिका से साफ मना किया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

जेन-जी आउटरीच पर भी निशाना

रॉय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा युवा पीढ़ी (जेन-जी) तक पहुँच बनाने के लिए एक विशेष आउटरीच कमेटी गठित किए जाने पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'वह अपनी पार्टी की तरफ से कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं होगा। जेन-जी को भाजपा पर कोई भरोसा नहीं है।' गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय परिसर लंबे समय से वामपंथी और दक्षिणपंथी छात्र संगठनों के बीच प्रतिद्वंद्विता के केंद्र रहे हैं।

आगे क्या होगा

घायल छात्रों की स्थिति और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नज़र बनी हुई है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में किस तरह की जाँच कराता है और क्या दोनों छात्र संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे महज छात्र विवाद कहना पर्याप्त नहीं होगा। सौगत रॉय का 'तांडव' वाले बयान को हिंसा से जोड़ना एक गंभीर राजनीतिक आरोप है जिसे सत्यापन की जरूरत है — अभी तक कोई स्वतंत्र जाँच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ, भाजपा विधायक का सीधा इनकार भी बिना साक्ष्य के है। असली सवाल यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस इस मामले में किस हद तक निष्पक्ष जाँच करेगी — या यह विवाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगा।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर यूनिवर्सिटी में झड़प कब और कहाँ हुई?
यह झड़प बुधवार-गुरुवार की रात FETSU बैठक के बाद हुई। पहली घटना 8बी बस स्टैंड क्रॉसिंग पर और दूसरी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने हुई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
सौगत रॉय ने भाजपा विधायक पर क्या आरोप लगाए?
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी ने खुद कहा था कि 'पूरी रात तांडव चलेगा', जिससे हिंसा से उनका सीधा संबंध स्थापित होता है। रॉय ने एबीवीपी को आरएसएस और भाजपा से जोड़ते हुए विधायक को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा विधायक सरबोरी मुखर्जी ने आरोपों पर क्या कहा?
विधायक सरबोरी मुखर्जी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी में झड़प के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं को भड़काने के सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने परिसर की हिंसा में अपनी किसी भी भूमिका को नकारा है।
एबीवीपी और एसएफआई में क्या अंतर है?
एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) आरएसएस से संबद्ध दक्षिणपंथी छात्र संगठन है, जबकि एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) वामपंथी छात्र संगठन है जो सीपीआई(एम) से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय परिसरों में इन दोनों के बीच लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह घटना पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई है। सौगत रॉय के आरोप और भाजपा विधायक का इनकार दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव को और गहरा करते हैं, खासकर युवा मतदाताओं को लेकर।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले