जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा पर TMC विधायक कुणाल घोष का BJP पर हमला, पुलिस निष्क्रियता पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने 20 अगस्त को जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसक झड़प के लिए सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि पुलिस ने BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इस घटना को 'जंगल राज' का प्रतीक बताया और कहा कि देश के शीर्ष-10 विश्वविद्यालयों में शामिल संस्थान में इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है।
मुख्य घटनाक्रम
जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) के कैंपस में गुरुवार की सुबह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कैंपस में बाहरी लोगों को लाने का आरोप लगाया। इस झड़प में एक छात्र की मौत हुई और TMC नेता बाबुल सुप्रियो पर भी हमला किया गया।
कुणाल घोष के आरोप
घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि BJP के लोगों ने यूनिवर्सिटी में गुंडागर्दी की और पुलिस को उन्हें तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ छात्रों का रवैया ठीक नहीं है और TMC ऐसे तत्वों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा, 'भाजपा के गुंडों को पुलिस का साथ मिला है' — यह आरोप राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। घोष ने बाबुल सुप्रियो पर हुए हमले और छात्र की मौत दोनों की निंदा की।
वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस के दो पद वाले 'वंदे मातरम' प्रस्ताव पर घोष ने कहा कि यह मुद्दा इतिहासकारों के विचार का विषय है। उन्होंने 'जन गण मन' का उदाहरण देते हुए कहा, 'हम पूरा गीत नहीं गाते, केवल पहला पद गाते हैं — उसी तरह वंदे मातरम के मामले में भी अलग-अलग मत हैं।' उन्होंने इस प्रश्न का अंतिम उत्तर इतिहासकारों पर छोड़ा।
राजीव गांधी जयंती पर श्रद्धांजलि
TMC विधायक ने राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'अगर वे आज जीवित होते, तो पूरे देश और पश्चिम बंगाल की राजनीति, साथ ही समग्र दृष्टिकोण, अधिक सकारात्मक होता।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आगे क्या
जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा की जाँच की माँग तेज हो रही है। छात्र की मौत और TMC नेता पर हमले के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। यह देखना होगा कि पुलिस किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करती है या नहीं।