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सोनारपुर हमला: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद कुणाल घोष का भाजपा पर सीधा वार

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सोनारपुर हमला: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद कुणाल घोष का भाजपा पर सीधा वार

सारांश

सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। TMC ने BJP पर सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया है, जबकि अभिषेक कलकत्ता उच्च न्यायालय और राज्यपाल तक मामला पहुँचाने की तैयारी में हैं।

मुख्य बातें

सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर 30 मई को कथित हमला हुआ।
TMC नेता कुणाल घोष ने हमले को BJP की सुनियोजित साजिश बताया।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमले के समय मौके पर पुलिस अनुपस्थित थी।
अभिषेक बनर्जी मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय और राज्यपाल आर.एन.
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने घटना की कड़ी निंदा की और पार्टी स्तर पर कार्रवाई का संकेत दिया।

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घोष ने दावा किया कि यह हमला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इस घटना ने पुलिस तथा प्रशासन की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

हमले का पूरा घटनाक्रम

अभिषेक बनर्जी के अनुसार, वे अपने पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने सोनारपुर गए थे, जो कथित तौर पर चुनाव-बाद हिंसा का शिकार हुए थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह हमला BJP समर्थित तत्वों द्वारा करवाया गया और हमले के वक्त मौके पर पुलिस की अनुपस्थिति संदेह को और गहरा करती है।

कुणाल घोष की प्रतिक्रिया

TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी वही नेता हैं जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा, 'जब TMC नेता किसी दौरे पर जा रहे हों और उस समय इस तरह का हमला हो, तो यह साजिश के तहत ही होता है।' घोष ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में बदले की राजनीति हो रही है और यह घटना पूरी दुनिया ने देखी है।

घोष ने दावा किया कि BJP ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ माहौल बनाकर उल्टे उनकी राजनीतिक पहचान को और मजबूत कर दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है — ऐसे हमले नेताओं को कमज़ोर नहीं, बल्कि और अधिक सशक्त बनाते हैं।

TMC की आधिकारिक निंदा

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और उकसावे की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने संकेत दिया है कि इस मामले में पार्टी स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अभिषेक बनर्जी का अगला कदम

अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि को भी पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की 'दूसरी पारी' आज से शुरू हो रही है और वे जनता के बीच अपनी राजनीतिक लड़ाई और मजबूती से जारी रखेंगे।

यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव-बाद हिंसा को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि राज्य में BJP और TMC के बीच टकराव की यह कोई पहली घटना नहीं है — आने वाले दिनों में इस मामले की न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गूँज सुनाई देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनाव-बाद हिंसा के आरोपों से शुरू होकर अब सड़क से अदालत तक पहुँच रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि दोनों पक्ष हर घटना को अपने राजनीतिक आख्यान में ढालने में माहिर हैं — TMC इसे लोकतंत्र पर हमला बताती है, जबकि BJP पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस की कथित अनुपस्थिति का सवाल सबसे अहम है, क्योंकि यह राज्य प्रशासन की जवाबदेही पर सीधा सवाल उठाता है — और यही वह बिंदु है जिस पर मीडिया कवरेज प्रायः ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला कैसे हुआ?
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, वे अपने पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने सोनारपुर गए थे, जो चुनाव-बाद हिंसा का शिकार हुए थे। इसी दौरान कथित तौर पर उन पर हमला किया गया और उन्होंने आरोप लगाया कि उस वक्त मौके पर पुलिस मौजूद नहीं थी।
कुणाल घोष ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
TMC नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि यह हमला BJP की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब TMC नेता दौरे पर जाते हैं और उस समय हमला होता है, तो यह संयोग नहीं, बल्कि षड्यंत्र है।
अभिषेक बनर्जी इस मामले में आगे क्या कदम उठाएंगे?
अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की है कि वे इस मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय में ले जाएंगे। इसके अलावा वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि को भी पूरी घटना की जानकारी देंगे।
TMC ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया है?
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और उकसावे की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने पार्टी स्तर पर आवश्यक कदम उठाने का संकेत दिया है।
यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना राज्य में BJP और TMC के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव को और तीव्र करती है, जो पहले से ही चुनाव-बाद हिंसा के आरोपों को लेकर गरमाया हुआ है। पुलिस की कथित अनुपस्थिति राज्य प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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