सोनारपुर हमला: अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद कुणाल घोष का भाजपा पर सीधा वार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घोष ने दावा किया कि यह हमला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इस घटना ने पुलिस तथा प्रशासन की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हमले का पूरा घटनाक्रम
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, वे अपने पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने सोनारपुर गए थे, जो कथित तौर पर चुनाव-बाद हिंसा का शिकार हुए थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह हमला BJP समर्थित तत्वों द्वारा करवाया गया और हमले के वक्त मौके पर पुलिस की अनुपस्थिति संदेह को और गहरा करती है।
कुणाल घोष की प्रतिक्रिया
TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी वही नेता हैं जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा, 'जब TMC नेता किसी दौरे पर जा रहे हों और उस समय इस तरह का हमला हो, तो यह साजिश के तहत ही होता है।' घोष ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में बदले की राजनीति हो रही है और यह घटना पूरी दुनिया ने देखी है।
घोष ने दावा किया कि BJP ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ माहौल बनाकर उल्टे उनकी राजनीतिक पहचान को और मजबूत कर दिया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है — ऐसे हमले नेताओं को कमज़ोर नहीं, बल्कि और अधिक सशक्त बनाते हैं।
TMC की आधिकारिक निंदा
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और उकसावे की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने संकेत दिया है कि इस मामले में पार्टी स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अभिषेक बनर्जी का अगला कदम
अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि को भी पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की 'दूसरी पारी' आज से शुरू हो रही है और वे जनता के बीच अपनी राजनीतिक लड़ाई और मजबूती से जारी रखेंगे।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव-बाद हिंसा को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि राज्य में BJP और TMC के बीच टकराव की यह कोई पहली घटना नहीं है — आने वाले दिनों में इस मामले की न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गूँज सुनाई देगी।