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भगवान राम के नाम पर राजनीति हो रही है: तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष का BJP पर हमला

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भगवान राम के नाम पर राजनीति हो रही है: तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष का BJP पर हमला

सारांश

TMC विधायक कुणाल घोष ने BJP पर सीधा आरोप लगाया — भगवान राम के नाम को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। बारुईपुर से यूसीसी तक, घोष ने कई मोर्चों पर BJP को घेरा और आयुष्मान भारत को लेकर 'गलत जानकारी' फैलाने का भी आरोप लगाया।

मुख्य बातें

TMC विधायक कुणाल घोष ने 12 जुलाई को कोलकाता में BJP पर भगवान राम के नाम का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि TMC राजनीतिक रैलियों में देवताओं का नाम नहीं लेती, जबकि BJP 'जय श्री राम' को राजनीतिक नारे के रूप में इस्तेमाल करती है।
बारुईपुर घटना पर घोष ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के एक दिन के दौरे से कोई हल नहीं निकलेगा; BJP शासित राज्यों में भी महिला अपराध जारी हैं।
यूसीसी पर TMC का रुख — किसी भी बदलाव के लिए सभी धर्मों की सहमति ज़रूरी।
पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य साथी कार्ड पहले से सार्वभौमिक कवरेज देता है; आयुष्मान भारत को लेकर 'गलत जानकारी' फैलाई जा रही है — घोष।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने 12 जुलाई को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, बारुईपुर घटना, यूसीसी ड्राफ्टिंग कमिटी और आयुष्मान भारत समेत कई मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें भगवान राम के नाम का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए कर रही हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर TMC का रुख

कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि भगवान राम किसी एक दल की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'राम जी सबके हैं, लेकिन जब राजनीतिक रैली से 'जय श्री राम' का नारा लगाया जाता है तो वो मुद्दा बन जाता है।' घोष ने यह भी कहा कि TMC अपनी किसी भी राजनीतिक रैली में देवताओं का नाम नहीं लेती, और ऐसा करने वाले दलों पर धर्म का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल के बीच हिंदू पहचान की राजनीति पर टकराव तेज हो रहा है।

बारुईपुर दौरे पर सवाल

घोष ने बारुईपुर में हुई दुखद घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हादसे के बाद वहाँ गए थे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि BJP शासित राज्यों में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार हो रहे हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी के एक दिन के दौरे से क्या हल निकलेगा, जबकि उनकी अपनी पार्टी की सरकारों में भी इसी तरह के मामले सामने आते रहे हैं। गौरतलब है कि बारुईपुर मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में महिला सुरक्षा को एक बड़ा मुद्दा बना दिया है।

यूसीसी और असामाजिक तत्व विधेयक पर आपत्ति

पश्चिम बंगाल में यूसीसी ड्राफ्टिंग कमिटी के गठन पर घोष ने कहा कि देश में अनेक धर्मों और रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग हैं। उनका मत है कि किसी भी बदलाव के लिए 'सबको एक साथ लेकर, सबकी सहमति' ज़रूरी है। TMC सरकार की ओर से आने वाले प्रस्ताव का इंतज़ार करने की बात कहते हुए उन्होंने सतर्क रुख अपनाया। इसके साथ ही उन्होंने असामाजिक तत्वों के खिलाफ नए विधेयक लाने की जरूरत पर भी सवाल उठाया और कहा कि देश में पहले से भारतीय न्याय संहिता (BNS) जैसे कानून मौजूद हैं — ऐसे में अलग कानून की आवश्यकता क्यों है।

अभिषेक बनर्जी और रितब्रत बनर्जी प्रकरण

अभिषेक बनर्जी की आवाज़ की जाँच के मुद्दे पर घोष ने संक्षेप में कहा कि 'जाँच हो चुकी है।' वहीं, रितब्रत बनर्जी की TMC में नियुक्ति पर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि पार्टी ममता बनर्जी की है और नियुक्ति का अधिकार उन्हीं का है। उन्होंने उन नेताओं पर परोक्ष निशाना साधा जो पार्टी के टिकट और फंड पर चुनाव लड़ने के बाद आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।

आयुष्मान भारत पर TMC का पक्ष

केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लेकर घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य साथी कार्ड पहले से लागू है और यह सभी नागरिकों को कवर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत के बारे में 'गलत जानकारी' फैलाई जा रही है और यह योजना सभी लोगों तक नहीं पहुँच पाती। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य सरकार के बीच स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर तनातनी जारी है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर TMC और BJP के बीच राजनीतिक संघर्ष और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक स्पष्ट विरोधाभास है। आयुष्मान भारत पर 'गलत जानकारी' का आरोप लगाना तब तक कमज़ोर पड़ता है जब तक TMC स्वास्थ्य साथी के ठोस आँकड़े सार्वजनिक नहीं करती। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बचावात्मक राजनीतिक मुद्रा की तरह दिखती है, न कि किसी ठोस नीतिगत विकल्प की प्रस्तुति।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष ने राम मंदिर विवाद पर क्या कहा?
कुणाल घोष ने कहा कि भगवान राम सबके हैं, लेकिन राजनीतिक रैलियों में 'जय श्री राम' का नारा लगाना यह दर्शाता है कि कुछ लोग भगवान राम के नाम का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। TMC की रैलियों में देवताओं का नाम नहीं लिया जाता।
बारुईपुर घटना पर TMC का क्या रुख है?
TMC विधायक कुणाल घोष ने बारुईपुर की घटना को दुखद बताया और कहा कि मुख्यमंत्री वहाँ गए थे। उन्होंने BJP पर पलटवार करते हुए कहा कि BJP शासित राज्यों में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, इसलिए सुवेंदु अधिकारी का एक दिन का दौरा महज राजनीतिक प्रदर्शन है।
पश्चिम बंगाल में यूसीसी पर TMC का क्या रुख है?
कुणाल घोष ने कहा कि यूसीसी जैसे किसी भी बदलाव के लिए सभी धर्मों और समुदायों की सहमति ज़रूरी है। TMC सरकार की ओर से आने वाले प्रस्ताव का इंतज़ार करने की बात कहते हुए उन्होंने अभी कोई ठोस विरोध या समर्थन नहीं जताया।
आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य साथी में क्या फर्क है?
कुणाल घोष के अनुसार पश्चिम बंगाल में 'स्वास्थ्य साथी कार्ड' पहले से लागू है और यह सभी नागरिकों को कवर करता है, जबकि आयुष्मान भारत की सुविधा सभी लोगों तक नहीं पहुँच पाती। उन्होंने आयुष्मान भारत को लेकर 'गलत जानकारी' फैलाने का आरोप भी लगाया।
रितब्रत बनर्जी की TMC में नियुक्ति पर विवाद क्यों है?
रितब्रत बनर्जी की TMC में नियुक्ति पर कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं। कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी ममता बनर्जी की है और नियुक्ति का अधिकार उन्हीं का है। उन्होंने उन नेताओं पर निशाना साधा जो पार्टी के टिकट और फंड से चुनाव लड़ने के बाद अब आलोचना कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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