फाल्टा उपचुनाव परिणाम पर दिलीप घोष का तंज: 'बंगाल में TMC का अस्तित्व खत्म होगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने 25 मई को न्यूटाउन में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होते, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहली जीत के बाद दोबारा सत्ता में नहीं आ पाती। उनके अनुसार, फाल्टा के नतीजों ने बंगाल की वास्तविक राजनीतिक स्थिति को उजागर कर दिया है।
फाल्टा परिणाम पर घोष का आकलन
घोष ने कहा कि उपचुनाव के नतीजे आने के बाद कोई 'पुष्पा' दिखाई नहीं दे रहा — यानी TMC की ओर से कोई जश्न नहीं है। उनके शब्दों में, फाल्टा में अब TMC का अस्तित्व ही नहीं बचा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीपीआई (CPI) भी इसी प्रकार के अनुकूल वातावरण के बल पर लंबे समय तक सत्ता में बनी रही थी।
घोष ने आगे कहा कि पूरे बंगाल में TMC की यही दशा होने वाली है। उनका यह बयान आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर BJP की रणनीतिक मंशा का संकेत देता है।
ममता बनर्जी और 'इंडिया' गठबंधन पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से 'इंडिया' गठबंधन को पुनर्जीवित करने की पहल पर घोष ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनमें जनता के सामने आकर बोलने की हिम्मत नहीं रही, इसीलिए उन्हें फेसबुक लाइव का सहारा लेना पड़ रहा है। घोष के अनुसार, वे 'फेस टू फेस' बोलने का अधिकार खो चुकी हैं।
ममता बनर्जी के उस आरोप पर — जिसमें उन्होंने किसी प्रतिमा निर्माण को लेकर सवाल उठाया था — घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या उन्होंने फीफा (FIFA) से पूछकर वह प्रतिमा बनाई थी? उनका कहना था कि इस बयान का अर्थ आम लोगों की समझ से परे है।
ईंधन मूल्य वृद्धि पर सफाई
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर घोष ने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन मिल ही नहीं रहा और लोगों को पूरी रात लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के निर्देश पर तेल कंपनियों को नुकसान उठाते हुए भी राहत दी गई थी, लेकिन वैश्विक दबाव के चलते कुछ मूल्य वृद्धि अपरिहार्य हो गई है।
बंगाल सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल
TMC के चुनावी प्रचार अभियान पर टिप्पणी करते हुए घोष ने कहा कि बंगाल सरकार का खजाना बेहद कमज़ोर हालत में है। सरकार के पास महंगाई भत्ता (DA) देने के लिए भी पर्याप्त धन नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है और फंड आने की उम्मीद है।
घोष ने यह भी स्वीकार किया कि बंगाल की स्थिति 'थोड़ी नाजुक' है और लोगों को कुछ समय प्रतीक्षा करनी होगी।
अतिक्रमण हटाने पर पलटवार
अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर ममता बनर्जी के सवालों का जवाब देते हुए घोष ने कहा कि पहले यह पूछा जाना चाहिए कि अवैध निर्माण हुआ ही क्यों। उन्होंने TMC सरकार पर आरोप लगाया कि उसने गलत काम होने दिया। घोष के अनुसार, लोगों को राहत देने के लिए अवैध निर्माण हटाना ज़रूरी है — अन्यथा अतिक्रमणकारियों को खुद ही हटना होगा।
गौरतलब है कि फाल्टा उपचुनाव का यह परिणाम बंगाल की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण की ओर संकेत करता है, और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले सभी दलों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है।