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जादवपुर विश्वविद्यालय पर हमला: तन्मय घोष बोले — बंगाल के गौरव को बदनाम कर रहे हैं वे लोग

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जादवपुर विश्वविद्यालय पर हमला: तन्मय घोष बोले — बंगाल के गौरव को बदनाम कर रहे हैं वे लोग

सारांश

PM मोदी के बयान के बाद TMC नेता तन्मय घोष और CM ममता बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के बचाव में BJP पर जोरदार हमला बोला। घोष ने राष्ट्रपति तक लड़ाई ले जाने का ऐलान किया, जबकि ममता ने NIRF रैंकिंग का हवाला देकर केंद्र के दोहरे रवैये को उजागर किया।

मुख्य बातें

TMC नेता तन्मय घोष ने 24 अप्रैल 2025 को एक्स पर PM मोदी के बयान का कड़ा विरोध किया।
CM ममता बनर्जी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय को केंद्र की NIRF रैंकिंग में साल-दर-साल शीर्ष स्थान मिला है।
तन्मय घोष ने जादवपुर के छात्रों और पूर्व छात्रों के वैश्विक अभियान और राष्ट्रपति को ज्ञापन देने का ऐलान किया।
ममता बनर्जी ने कहा कि छात्रों का आवाज उठाना अराजकता नहीं, बल्कि बुलडोजर राजनीति असली अराजकता है।
यह विवाद 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव का नया केंद्रबिंदु बन गया है।
जादवपुर विश्वविद्यालय ऐतिहासिक रूप से प्रगतिशील छात्र राजनीति का केंद्र रहा है और इसे निशाना बनाना रणनीतिक माना जा रहा है।

कोलकाता, 24 अप्रैल 2025जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विवादित बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखा पलटवार किया है। TMC नेता तन्मय घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि जिन लोगों का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था, वे आज बंगाल के गौरव इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय को बदनाम करने की हिम्मत दिखा रहे हैं।

तन्मय घोष का तीखा हमला

तन्मय घोष ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह बंगाल की बौद्धिक विरासत पर एक खुला हमला है और असहमति की आवाज को दबाने का सुनियोजित प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस लोकतांत्रिक देश में अब नागरिकों को बोलने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है? उनके अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है।

घोष ने यह भी ऐलान किया कि जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र और पूर्व छात्र दुनियाभर में एकजुट होंगे, एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे और यह लड़ाई सीधे माननीय राष्ट्रपति तक पहुंचाई जाएगी।

ममता बनर्जी का BJP पर सीधा प्रहार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बड़े दुख के साथ पूछना पड़ रहा है — क्या किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों का वर्णन करने का यही तरीका है? उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जादवपुर विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के NIRF रैंकिंग फ्रेमवर्क में साल-दर-साल शीर्ष स्थान मिलते रहे हैं।

सीएम ममता ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपनी योग्यता के बल पर यहां स्थान बनाया है। वे यहां से डिग्री के साथ-साथ बौद्धिक क्षमता और सवाल पूछने की हिम्मत लेकर निकलते हैं। उनके अनुसार, यह अराजकता नहीं — यह असली शिक्षा और उत्कृष्टता है।

बुलडोजर राजनीति पर ममता का कड़ा जवाब

ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि छात्रों का अपनी आवाज उठाना अराजकता नहीं है। उन्होंने कहा कि असली अराजकता तो न्याय के बजाय सत्ता के औजार के रूप में बुलडोजरों का इस्तेमाल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अराजकता तब होती है जब किसान मरते हैं और उनकी आवाज को कुचल दिया जाता है, और जब दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के दोषी राजनीतिक स्वार्थ के चलते खुलेआम घूमते हैं।

विश्लेषण: राजनीतिक संदर्भ और व्यापक निहितार्थ

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं और BJP तथा TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। जादवपुर विश्वविद्यालय लंबे समय से वामपंथी और प्रगतिशील छात्र राजनीति का केंद्र रहा है, और इसे निशाना बनाना एक व्यापक रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।

गौरतलब है कि NIRF 2023 रैंकिंग में जादवपुर विश्वविद्यालय को देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्थान मिला था — यही वह केंद्र सरकार की रैंकिंग है जिसका हवाला ममता बनर्जी ने दिया। इस विरोधाभास को उजागर करते हुए TMC का कहना है कि एक तरफ केंद्र सरकार इस विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता का प्रमाण पत्र देती है, और दूसरी तरफ उसी के नेता इसे बदनाम करने पर उतारू हैं।

आने वाले दिनों में जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का वैश्विक अभियान और राष्ट्रपति को ज्ञापन इस मामले को और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक मंच पर उसी संस्थान को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। TMC का राष्ट्रपति को ज्ञापन की रणनीति इसे संवैधानिक मुद्दे में बदलने का प्रयास है, जो BJP के लिए एक नई चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसके बाद TMC नेताओं और CM ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। TMC का कहना है कि यह बंगाल की बौद्धिक विरासत पर हमला है।
तन्मय घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय पर क्या कहा?
TMC नेता तन्मय घोष ने कहा कि जिन लोगों का स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था, वे बंगाल के गौरव जादवपुर विश्वविद्यालय को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन देने का भी ऐलान किया।
ममता बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के बारे में क्या कहा?
CM ममता बनर्जी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार की NIRF रैंकिंग में शीर्ष स्थान मिलते रहे हैं। उन्होंने BJP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
जादवपुर विश्वविद्यालय की NIRF रैंकिंग क्या है?
जादवपुर विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार के NIRF (National Institutional Ranking Framework) में लगातार देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्थान मिलता रहा है। यही कारण है कि TMC ने केंद्र के रवैये को विरोधाभासी बताया है।
क्या जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे?
TMC नेता तन्मय घोष ने ऐलान किया है कि जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र और पूर्व छात्र दुनियाभर में एकजुट होकर एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। यह ज्ञापन माननीय राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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