सौगत रॉय का आरोप: मुकुंदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिला नेताओं के साथ की बदसलूकी, पूर्व विधायक को भी पीटा
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने 23 सितंबर 2026 को कोलकाता के जाधवपुर स्थित मुकुंदपुर में हुई कथित हिंसा की कड़ी निंदा की। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने TMC की महिला नेताओं उपासना चौधरी और प्रियंका चौधरी के साथ मारपीट की और उनके शरीर को अनुचित तरीके से स्पर्श किया। इस घटना ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपों के अनुसार, मुकुंदपुर में ममता बनर्जी गुट से जुड़े स्थानीय TMC कार्यकर्ता एक रैली निकाल रहे थे, जब कथित तौर पर BJP कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान महिला नेताओं उपासना चौधरी और प्रियंका चौधरी के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया।
सांसद सौगत रॉय ने बताया कि जब TMC के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर घटनास्थल पर स्थिति का जायज़ा लेने पहुँचे, तो उन्हें भी कथित तौर पर बुरी तरह मारा गया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
सौगत रॉय की प्रतिक्रिया
सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'मैं इसकी घोर निंदा करूँगा। जहाँ भी जुलूस होता है, BJP के लोग उन पर हमला करते हैं। वे उनके साथ बदसलूकी करते हैं। जाधवपुर के मुकुंदपुर में एक जुलूस हो रहा था। वहाँ तृणमूल के लोगों पर हमला किया गया।'
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और उन्हें उम्मीद है कि 'सभी लोकतांत्रिक पार्टियाँ इसका विरोध करेंगी।' गौरतलब है कि यह BJP पर लगाया गया आरोप है और पार्टी की तरफ से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल
उसी बातचीत में सौगत रॉय ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को भी गलत ठहराया। उनका कहना था, 'SIR एक गलत प्रक्रिया है। इसकी वजह से बहुत से जायज़ मतदाताओं को भी हटाया जा रहा है। अगर चुनाव आयोग (ECI) के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई है, तो यह अच्छी बात है। केंद्र सरकार को इस बारे में फैसला लेना चाहिए।'
NCPI विवाद पर टिप्पणी
सांसद ने ज्योतिप्रकाश चट्टोपाध्याय को नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। रॉय ने कहा, 'वे अभी एक सांसद हैं। NCPI पार्टी है या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। स्पीकर ने अभी तक स्वीकृति नहीं दी है।' उन्होंने यह भी बताया कि TMC ने NCPI के 20 सांसदों के खिलाफ याचिकाएँ दाखिल की हैं।
आगे क्या होगा
मुकुंदपुर हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई और BJP का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी मौसम से पहले इस तरह की घटनाएँ दोनों दलों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती हैं।