दुर्गा पूजा सर्वधर्म उत्सव है, हिंदुत्व की राजनीति अस्वीकार्य: TMC सांसद सौगत रॉय का सुवेंदु अधिकारी पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद प्रोफेसर सौगत रॉय ने 22 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन संबंधी बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल की सामासिक संस्कृति का प्रतीक है और इसे किसी एक धर्म के चश्मे से देखना बंगाल की परंपरा के विरुद्ध है।
सुवेंदु अधिकारी के बयान पर कड़ी आपत्ति
सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर कहा था कि हुगली नदी और अन्य घाटों पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म के अनुयायियों को ही प्रतिमा स्पर्श करने की अनुमति होगी। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने कहा, 'इससे खराब बयान मैंने कभी नहीं सुना। दुर्गा पूजा सभी लोगों का उत्सव है। इसमें हिंदुत्व लाना और हिंदू ध्रुवीकरण का प्रयास करना निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं।'
उन्होंने आगे कहा कि प्रतिमा कब और कैसे उठाई जाएगी, यह पूजा कमेटी का अंदरूनी विषय है और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।
चोरबागान भगदड़: 'यह स्वाभाविक नहीं'
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर सौगत रॉय ने गहरा दुख जताया। इस दुर्घटना में आधिकारिक तौर पर 19 लोगों की मौत हुई और 25 से अधिक लोग घायल हुए।
उन्होंने कहा, '60 साल से अधिक समय से कोलकाता में रहने के बावजूद मैंने दुर्गा पूजा के दौरान ऐसी दुखद घटना कभी नहीं देखी। एक ही स्थान पर 19 लोगों की जान जाना किसी भी तरह से स्वाभाविक नहीं है।' रॉय ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन और सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही, और साथ ही यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूजा कमेटियों में हस्तक्षेप इस हादसे की एक बड़ी वजह बना।
दलेर मेहंदी विवाद पर प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी के बीच उपजे विवाद पर सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन मंच पर किसी कलाकार को 'मतवाला' या 'नशे में' बताना सरासर गलत है। उन्होंने कहा, 'अगर मंत्री ही मंच पर ऐसी बातें करेंगे, तो कलाकारों के लिए मुश्किलें खड़ी होंगी।'
हामिद अंसारी के बयान का समर्थन
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा देश में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर दिए गए बयान का सौगत रॉय ने पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'हामिद अंसारी बहुत ही सम्मानित नेता रहे हैं। उनका कहने का तात्पर्य यह है कि देश में जो विरोध हो रहा है, वह बाहर से नहीं, बल्कि देश के भीतर से ही उठ रहा है — और यह स्वाभाविक लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति है।'
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और दुर्गा पूजा से जुड़े विवाद धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान की राजनीति का केंद्र बन चुके हैं। सौगत रॉय के ये बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की राजनीतिक नब्ज़ को और तीखा करने वाले हैं।