18 अक्टूबर 2026
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कोलकाता चोरबगान भगदड़: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले — 'बंगाल में प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर'

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कोलकाता चोरबगान भगदड़: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले — 'बंगाल में प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर'

सारांश

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने पश्चिम बंगाल प्रशासन पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर हो गया है — यह घटना उसी का नतीजा है।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में 18 अक्टूबर 2026 को भगदड़ की घटना हुई, जिसमें जनहानि हुई।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने घटना को प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा बताया।
तिवारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर हुआ है।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ग्वालियर हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट की माँग की।
दोनों नेताओं ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया और राज्य सरकार से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।

कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने 18 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल की सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने घटना में जान गँवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

कुप्रबंधन का आरोप

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस हादसे को प्रशासनिक कुप्रबंधन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में इससे पहले इस पैमाने की कोई बड़ी भगदड़ की घटना नहीं हुई थी। उनके अनुसार चोरबगान पंडाल में हुई यह घटना यह साबित करती है कि भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक हुई।

तिवारी ने कहा, 'जिन लोगों की जान गई है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ और जो लोग घायल हुए हैं, उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।' उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ।

कानून-व्यवस्था पर चिंता

तिवारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण कमज़ोर हो गया है। उनके अनुसार सरकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

इमरान मसूद की प्रतिक्रिया

सहारनपुर से कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ग्वालियर हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों और भीड़ से जुड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना ज़रूरी है।

मसूद ने ज़ोर देकर कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सीधे तौर पर प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट को अनिवार्य बताया।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ते हैं और भीड़ प्रबंधन एक स्थायी चुनौती रही है। गौरतलब है कि देश के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं, जिससे बड़े जमावड़े में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या

कांग्रेस सांसदों की माँग है कि पश्चिम बंगाल सरकार भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करे और जवाबदेही तय करे। इस मामले में राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक वास्तविक प्रशासनिक सवाल दबा हुआ है — देश के सबसे बड़े धार्मिक जमावड़ों में भीड़ नियंत्रण के लिए कोई मानकीकृत तंत्र क्यों नहीं है? चोरबगान जैसी घटनाएँ अपवाद नहीं, बल्कि एक पुरानी नीतिगत विफलता की अभिव्यक्ति हैं। तृणमूल कांग्रेस सरकार के लिए यह राजनीतिक दबाव का क्षण है, लेकिन बिना ठोस जवाबदेही तंत्र के विपक्षी बयान भी महज़ शोक-संवेदना तक सिमटने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ कब हुई?
यह घटना 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। इस हादसे में लोगों की जान गई और कई घायल हुए।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने क्या आरोप लगाए?
प्रमोद तिवारी ने चोरबगान भगदड़ को प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा बताया और कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उनके अनुसार राज्य में सरकारी नीतियाँ प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रही हैं।
इमरान मसूद ने किस हादसे पर प्रतिक्रिया दी?
सहारनपुर से कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ग्वालियर हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने देश में वाहनों और भीड़ से जुड़ी दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट की माँग की।
पश्चिम बंगाल सरकार की इस मामले में क्या प्रतिक्रिया रही?
घटना के बाद राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन क्यों अहम है?
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाती है। देश के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भगदड़ की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था में मानकीकृत तंत्र की ज़रूरत को रेखांकित करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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