18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता भगदड़ में 19 की मौत: CM सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष से राजनीति न करने की अपील की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता भगदड़ में 19 की मौत: CM सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष से राजनीति न करने की अपील की

सारांश

कोलकाता के चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 मौतें — और अब राजनीतिक घमासान भी शुरू। CM सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष को राजनीति न करने की नसीहत दी, तो TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन पर शर्म करने को कहा। त्रासदी अब शोक से आगे बढ़कर सियासी अखाड़े में तब्दील हो रही है।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरेबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को घटना की जानकारी शनिवार रात 8:20 बजे कोलकाता पुलिस कमिश्नर से मिली।
CM ने विपक्ष को राजनीति न करने की अपील की और पूर्व सरकार के कार्यकाल की आपदाओं का हवाला दिया — जिनमें 2016 पोस्ता ब्रिज हादसा (7 मौतें) और 2018 माजेरहाट ब्रिज ध्वस्त शामिल हैं।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कोलकाता पुलिस और CM की तीखी आलोचना की।
CM अधिकारी ने मृतकों के परिजनों से मिलकर माफी माँगी; परिजनों ने सरकार पर भरोसा जताया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 अक्टूबर 2026 को विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे कोलकाता के चोरेबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की त्रासदी को राजनीतिक रंग न दें। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जब प्रतिमाओं के दर्शन के लिए उमड़ी अत्यधिक भीड़ बेकाबू हो गई।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री अधिकारी ने मीडियाकर्मियों से कहा, 'मैं इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहता। मैं विपक्षी दलों से भी ऐसा न करने का आग्रह करता हूं।' उन्होंने बताया कि उन्हें शनिवार रात 8:20 बजे कोलकाता पुलिस कमिश्नर से इस त्रासदी की पहली जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि शोक के इस माहौल में वे सभी के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

पूर्व सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना

किसी विशेष राजनीतिक दल का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि जो दल पहले राज्य में सत्ता में था, उसके द्वारा इस त्रासदी पर राजनीति करना स्वीकार्य नहीं है — खासकर तब जब उनके कार्यकाल में भी ऐसी कई आपदाएँ हुईं जिनमें बड़ी संख्या में जानें गईं।

अधिकारी ने पुराने हादसों का हवाला देते हुए कहा कि 31 मार्च 2016 को उत्तरी कोलकाता में विवेकानंद रोड फ्लाईओवर (पोस्ता ब्रिज) का एक हिस्सा गिरने से 7 लोगों की मौत हुई और 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसी तरह 4 सितंबर 2018 को दक्षिणी कोलकाता में माजेरहाट ब्रिज का एक हिस्सा ढहा था और जुलाई 2022 में उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में एक मेले में भगदड़ मची थी।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल दुर्गा पूजा से पहले मानसून के दौरान कोलकाता में पानी में डूबे बिजली के तारों से 13 लोगों की मौत हुई थी और पिछले अक्टूबर में उत्तर बंगाल में अचानक आई बाढ़ में कई जानें गई थीं — जबकि उस समय राज्य प्रशासन कोलकाता में एक कार्निवल में व्यस्त था।

पीड़ित परिवारों से भावनात्मक मुलाकात

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि जब मृतकों के परिवारों ने उनका हाथ थामा तो उनकी आँखों में आँसू आ गए। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे माफी भी माँगी। वे भी रो पड़े और बोले कि उन्हें इस सरकार पर भरोसा है।' यह भावनात्मक मुलाकात दर्शाती है कि त्रासदी ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र को भी झकझोर दिया है।

तृणमूल कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य के मौजूदा प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, 'मेरे परिवार में पहली बार ऐसा हुआ है! कोलकाता पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस और मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए। मां दुर्गा शोक संतप्त परिवारों को शक्ति और सांत्वना दें, और घायलों को जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने का आशीर्वाद दें।'

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन की विफलता सामने आई हो। यह घटना उस समय हुई जब पंडाल में दर्शनार्थियों की संख्या नियंत्रण क्षमता से कहीं अधिक थी, जो एक बार फिर त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगे की राह

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली मुद्दा — भगदड़ की जाँच, मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए व्यवस्था — अभी भी केंद्र में बना हुआ है। सरकार से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह एक स्पष्ट जाँच आदेश और पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज की जल्द घोषणा करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों सरकारों के कार्यकाल में ऐसे हादसे बार-बार दोहराए गए हैं। जब तक जवाबदेही सिर्फ श्रेय-दोषारोपण की राजनीति तक सीमित रहेगी, भगदड़ रोकने के ठोस उपाय पीछे छूटते रहेंगे।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में कितने लोगों की मौत हुई?
कोलकाता के चोरेबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में प्रतिमाओं के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा शनिवार को हुआ, जब पंडाल में दर्शनार्थियों की संख्या नियंत्रण क्षमता से कहीं अधिक थी।
CM सुवेंदु अधिकारी ने भगदड़ पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों से इस त्रासदी पर राजनीति न करने की अपील की और कहा कि शोक की इस घड़ी में मिलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों के परिजनों ने उनका हाथ थामा और सरकार पर भरोसा जताया।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने भगदड़ पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तृणमूल कांग्रेस के डायमंड हार्बर लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कोलकाता पुलिस, पश्चिम बंगाल पुलिस और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि प्रशासन को शर्म आनी चाहिए।
CM अधिकारी ने पूर्व सरकार के कौन-से हादसों का हवाला दिया?
अधिकारी ने 31 मार्च 2016 को पोस्ता ब्रिज गिरने (7 मौतें, 80 से अधिक घायल), 4 सितंबर 2018 को माजेरहाट ब्रिज ध्वस्त होने और जुलाई 2022 में पानीहाटी मेले में भगदड़ का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल मानसून में डूबे बिजली के तारों से 13 लोगों की मौत हुई थी।
कोलकाता भगदड़ के बाद आगे क्या होगा?
सरकार से मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा और घटना की स्वतंत्र जाँच की माँग उठ रही है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना बाकी है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जाती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 57 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 5 घंटे पहले
  5. 8 घंटे पहले
  6. 15 घंटे पहले
  7. 15 घंटे पहले
  8. 17 घंटे पहले