15 अक्टूबर 2026
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सुकांत मजूमदार बोले — बंगाल में BJP सरकार आने के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में लौटी देशभक्ति

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सुकांत मजूमदार बोले — बंगाल में BJP सरकार आने के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में लौटी देशभक्ति

सारांश

BJP सांसद सुकांत मजूमदार का दावा है कि बंगाल में सरकार बदलने के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में वंदे मातरम और वीर सावरकर जैसे राष्ट्रवादी प्रतीक लौट आए हैं। साथ ही उन्होंने सीजेपी नेताओं की हिरासत, इमरान खान के 'एग्जिट नोटिस' और ज्ञानेश कुमार मामले पर भी अपना पक्ष रखा।

मुख्य बातें

सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में देशभक्ति का माहौल लौटा है।
सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया; मजूमदार ने इसे पूरी तरह न्यायिक मामला बताया।
अभिनेता इमरान खान को पुलिस ने 'एग्जिट नोटिस' दिया; मजूमदार ने कहा विदेशी नागरिक भारतीय राजनीति में भाग नहीं ले सकते।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर मजूमदार ने कहा कि कोर्ट का दरवाजा सबके लिए खुला है।
मजूमदार ने बंगाल को देशभक्ति और त्याग का 'क्रेडल' बताया और कहा कि राज्य अपनी ऐतिहासिक जड़ों की ओर लौट रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बालुरघाट लोकसभा सांसद सुकांत मजूमदार ने 15 अक्टूबर 2026 को पानीहाटी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद दुर्गा पूजा का सांस्कृतिक माहौल भी बदल गया है। उन्होंने सीजेपी नेताओं की न्यायिक हिरासत, अभिनेता इमरान खान के 'एग्जिट नोटिस' और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर भी अपना पक्ष रखा।

दुर्गा पूजा और सांस्कृतिक बदलाव का दावा

मजूमदार ने कहा, 'दुर्गा पूजा के दौरान का माहौल बताता है कि सरकार बदल गई है।' उनके अनुसार, अब पंडालों में वंदे मातरम, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और वीर सावरकर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल ऐतिहासिक रूप से देशभक्ति और राष्ट्रवाद का केंद्र रहा है और अब वह 'अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है।'

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बड़ी दुर्गा पूजा आयोजित हो रही है और राजनीतिक दलों के बीच सांस्कृतिक प्रतीकों को लेकर तीखी बहस जारी है।

सीजेपी नेताओं की न्यायिक हिरासत पर प्रतिक्रिया

सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर मजूमदार ने कहा, 'यह अदालत का आदेश है, और इसमें न तो आप कुछ कर सकते हैं और न ही मैं। अगर अदालत ने न्यायिक हिरासत का आदेश दिया है, तो यह पूरी तरह से न्यायपालिका का मामला है और हम अदालत के फैसले के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा सकते।' उन्होंने इसे पूरी तरह न्यायिक विषय बताते हुए कार्यपालिका की किसी भी भूमिका से इनकार किया।

ज्ञानेश कुमार और सुप्रीम कोर्ट की याचिका

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के सवालों के संदर्भ में मजूमदार ने कहा, 'लोकतंत्र में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना हर किसी का अधिकार है, लेकिन विपक्ष को सालों से लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री ने आँकड़ों के साथ बताया है कि कांग्रेस कितने लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सत्ता से बाहर है। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार ने लगभग एक साल पहले ही पद संभाला है।

इमरान खान के 'एग्जिट नोटिस' पर BJP सांसद का रुख

अभिनेता इमरान खान द्वारा विदेशी नागरिकता रखते हुए भी सीजेपी आंदोलन में शामिल होने और पुलिस द्वारा उन्हें देश छोड़ने का आदेश दिए जाने के सवाल पर मजूमदार ने कहा, 'अगर आप अमेरिका के नागरिक हैं तो आप वहाँ की राजनीति में भाग ले सकते हैं। मैं भारत का नागरिक हूँ तो दूसरे देश में रैली नहीं कर सकता। इमरान खान का भारत की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

मजूमदार के ये बयान बंगाल में सत्ता बदलाव के बाद BJP के उस व्यापक कथानक का हिस्सा हैं, जिसमें पार्टी राज्य में सांस्कृतिक और राजनीतिक पुनर्गठन का दावा करती रही है। आलोचकों का कहना है कि दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को राजनीतिक रंग देना समाज में विभाजन की रेखाएँ और गहरी करता है। आने वाले हफ्तों में सीजेपी नेताओं की हिरासत की अवधि और इमरान खान से जुड़ा मसला अदालत में आगे बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब वंदे मातरम' वाला बयान तथ्य नहीं, राजनीतिक कथानक है — और यही इसकी असली खबर है। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP लगातार सांस्कृतिक प्रतीकों को चुनावी पूँजी में बदलने की कोशिश कर रही है, और इस बयान को उसी रणनीति के हिस्से के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि ऐसे बयान एक साथ दो काम करते हैं — अपने समर्थकों को एकजुट करना और विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में ले आना। इमरान खान और सीजेपी जैसे कई मुद्दों पर एक साथ बोलना यह भी संकेत देता है कि BJP बंगाल में अपनी सरकार की छवि को जितना घरेलू मोर्चे पर साबित करना चाहती है, उससे ज्यादा राष्ट्रीय एजेंडे से जोड़कर दिखाना चाहती है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुकांत मजूमदार ने दुर्गा पूजा के माहौल में बदलाव का दावा क्यों किया?
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने 15 अक्टूबर 2026 को पानीहाटी में कहा कि बंगाल में सरकार बदलने के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में वंदे मातरम और वीर सावरकर जैसे राष्ट्रवादी प्रतीक लौट आए हैं। उनका यह बयान बंगाल में नई सरकार के तहत सांस्कृतिक बदलाव को रेखांकित करने की BJP की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सुकांत मजूमदार ने इसे पूरी तरह न्यायपालिका का मामला बताया और कहा कि कार्यपालिका इस फैसले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
अभिनेता इमरान खान को 'एग्जिट नोटिस' क्यों दिया गया?
अभिनेता इमरान खान विदेशी नागरिकता रखते हुए भारत में सीजेपी आंदोलन में शामिल हुए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें देश छोड़ने का आदेश दिया। सुकांत मजूमदार ने कहा कि विदेशी नागरिक भारत की राजनीति में भाग नहीं ले सकते।
ज्ञानेश कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट की क्या भूमिका है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। सुकांत मजूमदार ने कहा कि कोर्ट का दरवाजा खटखटाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि ज्ञानेश कुमार ने लगभग एक साल पहले ही पद संभाला है।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP की सांस्कृतिक नीति क्या है?
BJP बंगाल की नई सरकार के तहत राष्ट्रवादी प्रतीकों — जैसे वंदे मातरम, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और वीर सावरकर — को सार्वजनिक उत्सवों में प्रमुखता देने का दावा कर रही है। आलोचकों का कहना है कि धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों का राजनीतिकरण सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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