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पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर PM मोदी का CM सुवेंदु को पत्र, बंगाल के ऐतिहासिक योगदान को किया नमन

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पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर PM मोदी का CM सुवेंदु को पत्र, बंगाल के ऐतिहासिक योगदान को किया नमन

सारांश

पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर PM मोदी का CM सुवेंदु अधिकारी को पत्र महज औपचारिक बधाई नहीं था — यह बंगाल पुनर्जागरण, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत को एक साथ जोड़ने वाला राजनीतिक-सांस्कृतिक संदेश था, साथ में ₹40,000 करोड़ की विकास प्रतिबद्धता।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2025 को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर CM सुवेंदु अधिकारी को विशेष शुभकामना पत्र लिखा।
प्रधानमंत्री ने तारकेश्वर में राज्य के लोगों के बीच यह दिन मनाया।
पत्र में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख।
केंद्र सरकार ने राज्य के विकास कार्यों के लिए लगभग ₹40,000 करोड़ जारी किए; रेलवे के लिए ₹15,000 करोड़ आवंटित, ₹60,000 करोड़ प्रक्रियाधीन।
पश्चिम बंगाल द्वारा आयुष्मान भारत योजना अपनाने और सातवें वेतन आयोग लागू करने के प्रयासों की सराहना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2025 को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को एक विशेष शुभकामना पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने भारत के बौद्धिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास में बंगाल की अतुलनीय भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वे इस ऐतिहासिक दिन को तारकेश्वर में राज्य के लोगों के बीच मना रहे हैं।

बंगाल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत के इतिहास के किसी भी कालखंड में — विशेषकर आधुनिक काल में — जीवन के किसी भी क्षेत्र को देखें, पश्चिम बंगाल और इस धरती से पोषित महान विभूतियों का व्यापक प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जब भी भारत को नए विचारों की आवश्यकता पड़ी, बंगाल ने उन्हें प्रदान किया; जब भी पुनर्जागरण की दरकार हुई, बंगाल ने मार्ग प्रशस्त किया।

प्रधानमंत्री ने उन्नीसवीं शताब्दी के बंगाल पुनर्जागरण का विशेष उल्लेख किया, जिसने राष्ट्र की चेतना को नया आयाम दिया। उन्होंने कहा कि इस पुनर्जागरण ने भारत को ऐसे विद्वान, दार्शनिक, सुधारक और वैज्ञानिक दिए जिन्होंने मानवीय समझ के क्षितिज को विस्तृत किया।

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और वैश्विक गूंज

पत्र में मोदी ने विशेष रूप से 'वंदे मातरम' का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष के दौर में बंगाल से ही इस राष्ट्रगीत का जन्म हुआ, जिसने प्रत्येक भारतीय की भावना को समाहित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है और उन्होंने स्लोवाकिया में स्लोवाकियाई गायकों द्वारा इस गीत के गायन का उल्लेख करते हुए इसकी वैश्विक लोकप्रियता को रेखांकित किया।

20 जून का ऐतिहासिक महत्व और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने 20 जून को एक ऐसे लोकतांत्रिक निर्णय के सम्मान का दिन बताया जिसने पश्चिम बंगाल की अनूठी भाषाई, सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान को संरक्षित किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को सम्मानपूर्वक याद करते हुए कहा कि अनिश्चितता और उथल-पुथल के समय में उन्होंने उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं को वाणी दी जो भारत का अभिन्न अंग बने रहना चाहते थे। गौरतलब है कि इस वर्ष डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है।

नई सरकार के कार्यों की सराहना और केंद्र का सहयोग

मोदी ने अप्रैल-मई के चुनावी जनादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने रिकॉर्ड मतदान के साथ सुशासन और विकास की राजनीति को समर्थन दिया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को अपनाने, महिलाओं के लिए बस यात्रा, अन्नपूर्णा योजना, मां आहार योजना के विस्तार और सातवें वेतन आयोग लागू करने के प्रयासों की सराहना की।

केंद्र सरकार के सहयोग के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन और बुनियादी ढाँचे से जुड़े रुके हुए विकास कार्यों के लिए लगभग ₹40,000 करोड़ जारी किए गए हैं। रेलवे विकास के लिए लगभग ₹15,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं और ₹60,000 करोड़ की राशि प्रक्रियाधीन है।

पश्चिम बंगाल के विकास का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल मत्स्य पालन, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, बंदरगाह-आधारित विकास, वस्त्र, पर्यटन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कोलकाता को एशिया के महान शहरों में उचित स्थान दिलाने के लिए शहरी परिवहन, सड़क, जल निकासी, आवास और विरासत-संवेदनशील आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल का विकास पथ आने वाले समय में और भी अधिक गति से आगे बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद पहला बड़ा सांकेतिक संदेश है — बंगाल पुनर्जागरण, वंदे मातरम और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत को एक साथ जोड़कर एक सांस्कृतिक-राजनीतिक आख्यान गढ़ा गया है। ₹40,000 करोड़ की विकास निधि की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि इसमें से कितनी राशि पहले से स्वीकृत थी और कितनी नई है। राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए निवेशकों का विश्वास बहाल करना और कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारना उतना ही ज़रूरी है, जितना कि केंद्रीय निधि का प्रवाह।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने 20 जून 2025 को CM सुवेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान को नमन किया। उन्होंने बंगाल पुनर्जागरण, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत का विशेष उल्लेख किया।
पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार ने कितनी विकास निधि दी है?
केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन और बुनियादी ढाँचे से जुड़े रुके कार्यों के लिए लगभग ₹40,000 करोड़ जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे विकास के लिए ₹15,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं और ₹60,000 करोड़ की राशि प्रक्रियाधीन है।
20 जून को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस क्यों मनाया जाता है?
20 जून उस लोकतांत्रिक निर्णय का स्मरण दिवस है जिसने पश्चिम बंगाल की भाषाई, सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान को संरक्षित करते हुए उसे भारत का अभिन्न अंग बनाए रखा। PM मोदी ने इस दिन को मनाने के निर्णय के लिए राज्य सरकार को बधाई दी।
PM मोदी ने पश्चिम बंगाल की नई सरकार के किन कदमों की सराहना की?
प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को अपनाने, महिलाओं के लिए बस यात्रा, अन्नपूर्णा योजना, मां आहार योजना के विस्तार और सातवें वेतन आयोग लागू करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सीमा बाड़बंदी के लिए भूमि उपलब्धता में तेजी लाने के निर्णय को भी सराहनीय बताया।
पश्चिम बंगाल के विकास के लिए PM मोदी ने क्या रोडमैप सुझाया?
PM मोदी ने पश्चिम बंगाल को मत्स्य पालन, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, बंदरगाह-आधारित विकास, वस्त्र, पर्यटन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावना जताई। उन्होंने कोलकाता के लिए आधुनिक शहरी बुनियादी ढाँचे और निवेशकों का विश्वास पुनर्जीवित करने पर भी बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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