6 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल दिवस पर CM सुवेंदु अधिकारी का हमला — TMC के 'तुष्टीकरण और वोट-बैंक राजनीति के काले अध्याय' का अंत

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पश्चिम बंगाल दिवस पर CM सुवेंदु अधिकारी का हमला — TMC के 'तुष्टीकरण और वोट-बैंक राजनीति के काले अध्याय' का अंत

सारांश

दशकों बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने 20 जून को आधिकारिक 'पश्चिम बंगाल दिवस' के रूप में मनाया। CM सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर तुष्टीकरण और वोट-बैंक राजनीति का आरोप लगाते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को राज्य का असली निर्माता बताया।

मुख्य बातें

20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP सरकार ने आधिकारिक रूप से 'पश्चिम बंगाल दिवस' मनाया।
CM सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर पिछली TMC सरकार पर वोट-बैंक राजनीति और तुष्टीकरण का आरोप लगाया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पश्चिम बंगाल के निर्माण का श्रेय दिया, कहा — उनके बिना राज्य का अस्तित्व ही न होता।
भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज और तत्कालीन विधानसभा सदस्यों को भी नमन किया गया।
CM ने राज्यवासियों से डॉ.
मुखर्जी के आदर्शों पर चलते हुए समृद्ध पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को बधाई देते हुए पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दशकों बाद पहली बार राज्य में एक राष्ट्रवादी सरकार इस ऐतिहासिक दिन को आधिकारिक मान्यता दे रही है। अधिकारी ने इसे बंगाली अस्मिता की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक क्षण बताया।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री अधिकारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कई दशकों के बाद, पहली बार उनकी राष्ट्रवादी सरकार 'भारत केसरी' डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के महान आदर्शों से प्रेरित होकर पश्चिम बंगाल के निर्माण की सच्ची और ऐतिहासिक घटनाओं को पूरी मान्यता देते हुए आधिकारिक रूप से 'पश्चिम बंगाल दिवस' मना रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे इतिहास को मिटाने की घिनौनी साजिश आज खत्म हो गई है। वोट-बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के काले अध्याय का अंत हो गया है।'

पिछली सरकार पर आरोप

अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केवल अपने वोट-बैंक को सुरक्षित रखने और तुष्टीकरण की राजनीति साधने के लिए इस पवित्र दिन के महत्व को जानबूझकर दबाया। उनके अनुसार, बंगाली अस्मिता के लिए किए गए संघर्ष को इतिहास के पन्नों से मिटाने का प्रयास किया गया, ताकि लोग अपनी जड़ों और पश्चिम बंगाल के निर्माण के पीछे के असली नायकों को भूल जाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आज उस ऐतिहासिक गलती को सुधारा है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विशेष रूप से याद किया और कहा कि बंगाली हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अविभाजित बंगाल को पूरी तरह पाकिस्तान में मिलाने की योजना बनाई जा रही थी, तब डॉ. मुखर्जी एक अटूट किले की तरह उसके विरुद्ध खड़े रहे। उन्हीं के अडिग नेतृत्व, व्यापक आंदोलन और दूरदर्शी सोच की वजह से पश्चिम बंगाल राज्य का गठन संभव हो पाया और वह भारत का अभिन्न अंग बना।

ऐतिहासिक महत्व और संकल्प

अधिकारी ने भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज और तत्कालीन पश्चिम बंगाल विधानसभा के उन सभी सदस्यों को भी नमन किया जिनके प्रयासों ने राज्य को भारत का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने बंगालियों के लिए यह सुरक्षित ठिकाना न बनाया होता, तो आज बंगाली संस्कृति, भाषा और अस्तित्व ही संकट में होता। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के सपनों और आदर्शों को मार्गदर्शक मानते हुए एक नए, सुरक्षित और समृद्ध पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर TMC को 'इतिहास-मिटाने वाली' पार्टी के रूप में स्थापित करने की कोशिश होती है। गौरतलब है कि यह आख्यान बंगाल में BJP की दीर्घकालिक पहचान-राजनीति का हिस्सा है, जहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। असली सवाल यह है कि क्या ऐतिहासिक पुनर्स्थापना की यह कवायद शासन के ठोस मुद्दों — रोज़गार, कानून-व्यवस्था, उद्योग — पर जनता की नज़र से ध्यान हटाती है या वास्तव में बंगाली अस्मिता की एक लंबे समय से उपेक्षित माँग को पूरा करती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल दिवस क्या है और यह 20 जून को क्यों मनाया जाता है?
पश्चिम बंगाल दिवस 20 जून को मनाया जाता है, जो राज्य के गठन की ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा है। BJP सरकार ने 2026 में इसे पहली बार आधिकारिक रूप से मान्यता दी है।
CM सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
CM अधिकारी ने आरोप लगाया कि TMC की पिछली सरकार ने वोट-बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व को जानबूझकर दबाया और बंगाली अस्मिता के संघर्ष को इतिहास से मिटाने की कोशिश की।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पश्चिम बंगाल के गठन में क्या योगदान था?
CM अधिकारी के अनुसार, जब अविभाजित बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की योजना बनाई जा रही थी, तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अडिग नेतृत्व और आंदोलन के ज़रिए पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
स्वामी प्रणवानंद महाराज का इस अवसर पर उल्लेख क्यों किया गया?
CM अधिकारी ने भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज को उन महान हस्तियों में शामिल किया जिनके प्रयासों ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाने में योगदान दिया। उन्हें डॉ. मुखर्जी के साथ राज्य के निर्माताओं में गिना गया।
पश्चिम बंगाल दिवस को आधिकारिक मान्यता मिलने का क्या महत्व है?
BJP सरकार का कहना है कि यह मान्यता बंगाली इतिहास और अस्मिता की पुनर्स्थापना है, जिसे पिछली सरकारों ने दशकों तक अनदेखा किया। CM अधिकारी ने इसे ऐतिहासिक गलती के सुधार के रूप में प्रस्तुत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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