वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता के निधन पर PM मोदी, राजनाथ सिंह समेत तमाम नेताओं ने जताया गहरा शोक
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता के अचानक और असमय निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 20 सितंबर 2026 को गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। मुंबई यात्रा के दौरान बेचैनी महसूस होने के बाद शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि लगभग 2 बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज शुरू होने से पहले ही उनका निधन हो गया।
क्या हुआ — घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, पायल मेहता मुंबई यात्रा पर थीं, जब उन्हें अचानक बेचैनी हुई। मध्यरात्रि के करीब 2 बजे उन्हें नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया, किंतु चिकित्सकों के उपचार शुरू करने से पूर्व ही उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर ने पत्रकारिता जगत और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'पायल मेहता एक मेहनती पत्रकार थीं जो जमीन से जुड़ी रहीं और अपनी रिपोर्टिंग में राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ लेकर आईं। उनका अचानक और असमय निधन बेहद दुखद है। उनके परिवार, दोस्तों और सहयोगियों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर कहा, 'पायल एक बेहद मेहनती और समर्पित पत्रकार थीं, जिन्होंने पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संसद की कार्यवाही को कवर किया। संसद सत्र के दौरान, वह सुबह से देर रात तक मौजूद रहती थीं। ओम शांति।'
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर लिखा, 'पायल को उनके शांत स्वभाव, पत्रकारिता के प्रति गहरी समझ, सोच-समझकर पूछे गए सवालों और अपने काम के प्रति उनकी ईमानदारी के लिए याद किया जाएगा।' रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें 'पत्रकार और प्रिय मित्र' बताते हुए कहा कि 'रिपोर्टिंग के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय था।'
मुख्यमंत्रियों ने भी व्यक्त किया दुख
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'वह बहुत जिंदादिल थीं और जो भी काम करती थीं, उसमें गजब की ऊर्जा भर देती थीं। काम के प्रति उनके समर्पण के बावजूद, सबसे खास बात यह थी कि वह अपने रिश्तों को कितना महत्व देती थीं। ओम शांति।'
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर लिखा कि पायल ने कई बार आंध्र प्रदेश जाकर ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग की और संसद में भेंट होने पर हमेशा अपडेट साझा करती थीं। उन्होंने उनकी 'उत्साह से भरी मुस्कान' को अविस्मरणीय बताया।
पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति
पायल मेहता संसदीय पत्रकारिता में अपनी गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती थीं। यह ऐसे समय में हुआ है जब हिंदी पत्रकारिता जगत पहले से ही कई वरिष्ठ स्तंभों को खो चुका है। उनके परिजनों, मित्रों और सहयोगियों के प्रति देशभर से संवेदनाओं का सिलसिला जारी है।