शिवहर में SIT की छापेमारी: जाफरपुर से 10.641 किलो गांजा बरामद, एक बालक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिवहर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत 20 सितंबर 2026 को पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र के जाफरपुर गाँव में छापेमारी कर 10.641 किलोग्राम गांजा जब्त किया। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई
साइबर डीएसपी सह एसडीपीओ प्रभारी इशानी सिन्हा के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि जाफरपुर निवासी प्रमोद गिरी के पुत्र शिवम कुमार द्वारा अवैध रूप से गांजे का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई, जिसमें जिला इकाई की टीम और शिवहर थानाध्यक्ष को शामिल किया गया।
टीम ने पहले तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर प्राप्त जानकारी का सत्यापन किया। सत्यापन में सूचना सही पाए जाने के बाद प्रमोद गिरी के घर पर छापा मारा गया, जहाँ से 10.641 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
तलाशी के दौरान मौके पर मौजूद एक बालक को पकड़ा गया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है और मामले में शिवहर थाना कांड संख्या 412/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब इस गांजा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रही है।
सप्लाई चेन की जाँच जारी
पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे के अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है। इस धंधे की सप्लाई चेन और इसके तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं, यह भी जाँच के दायरे में है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार में शराबबंदी के साथ-साथ नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश
इशानी सिन्हा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिवहर पुलिस की यह कार्रवाई उसी व्यापक अभियान का हिस्सा है जो राज्य भर में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है।
क्या होगा आगे
पुलिस हिरासत में लिए गए बालक से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के बड़े सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिगों का नशे के कारोबार में इस्तेमाल एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों को विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है।