जसपाल राणा के निधन पर PM मोदी और राजनाथ सिंह ने जताया शोक, 49 साल में थमी चैंपियन की साँसें
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और हाई-परफॉर्मेंस पिस्टल शूटिंग कोच जसपाल राणा का 12 जून 2026 को मात्र 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने की खबर से पूरे भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'जसपाल राणा के निधन से गहरा दुख हुआ। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।' उन्होंने राणा की दोहरी विरासत को रेखांकित किया — एक असाधारण खिलाड़ी के रूप में और एक समर्पित मेंटोर के रूप में, जिन्होंने युवा शूटर्स को अत्यंत लगन से प्रशिक्षित किया। मोदी ने लिखा कि राणा की 'बेहतरीन प्रदर्शन, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें सम्मान दिलाया।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का शोक संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि वे राणा के 'आकस्मिक निधन से स्तब्ध और शोकाकुल' हैं। उन्होंने राणा को 'एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेक दिल इंसान' बताया। सिंह ने यह भी कहा कि वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर राणा ने देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया और भारत में शूटिंग को एक लोकप्रिय खेल बनाने में 'बड़ी प्रभावी भूमिका' निभाई।
NRAI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, 'यह बड़ी क्षति है। वह न सिर्फ एक चैंपियन शूटर थे, बल्कि एक बेहतरीन मेंटोर भी थे। उनकी बहुत याद आएगी।'
जसपाल राणा की विरासत
राणा भारतीय पिस्टल शूटिंग के उन स्तंभों में से थे जिन्होंने प्रतिस्पर्धी मैदान और प्रशिक्षण दोनों में देश की सेवा की। उन्होंने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर सहित कई प्रतिभाशाली भारतीय पिस्टल शूटर्स को कोचिंग दी। गौरतलब है कि वे हाल तक भारतीय पिस्टल टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में सक्रिय थे।
निधन की परिस्थितियाँ
जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारत लौटते समय राणा को अचानक बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 12 जून को उनका निधन हो गया। यह भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐसी रिक्तता है जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनके परिजनों, शिष्यों और खेल प्रेमियों के प्रति पूरे देश की संवेदनाएँ हैं।