28 जुलाई 2026
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जसपाल राणा के निधन पर मनु भाकर का भावुक संदेश: 'अपूरणीय क्षति', शूटिंग जगत में शोक

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जसपाल राणा के निधन पर मनु भाकर का भावुक संदेश: 'अपूरणीय क्षति', शूटिंग जगत में शोक

सारांश

जसपाल राणा — खिलाड़ी से कोच तक का सफर तय करने वाले वह शख्स जिनकी छत्रछाया में मनु भाकर ने इतिहास रचा। 49 वर्ष की उम्र में उनका जाना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, भारतीय शूटिंग के एक पूरे युग का अंत है।

मुख्य बातें

दिग्गज शूटर और कोच जसपाल राणा का 13 जून 2025 को 49 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
मनु भाकर ने एक्स पर तस्वीरें साझा कर लिखा — 'अपूरणीय क्षति।' जसपाल की कोचिंग में मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीते — एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
जसपाल ने चार कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक और 2006 एशियाई खेलों में 3 स्वर्ण व 1 रजत जीते।
उन्हें अर्जुन पुरस्कार (1994) , पद्मश्री (1997) और द्रोणाचार्य पुरस्कार (2020) से सम्मानित किया गया था।
PM नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निधन पर शोक व्यक्त किया।

भारतीय शूटिंग के महान खिलाड़ी और राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का 13 जून 2025 को मात्र 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय खेल जगत को गहरा आघात पहुँचा है। ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने प्रिय कोच के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा — 'अपूरणीय क्षति।'

कैसे हुआ निधन

जसपाल राणा आईएसएसएफ विश्व कप में हिस्सा लेने के बाद जर्मनी से स्वदेश लौट रहे थे, जब फ्लाइट के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

मनु भाकर का भावुक श्रद्धांजलि

मनु भाकर ने एक्स पर जसपाल राणा के साथ अपनी यादगार तस्वीरें पोस्ट करते हुए दो शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त की — 'अपूरणीय क्षति।' गौरतलब है कि जसपाल राणा की कोचिंग में ही मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीते थे और एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बनी थीं। यह उपलब्धि जसपाल के मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं थी।

खिलाड़ी और कोच के रूप में विरासत

बतौर शूटर जसपाल राणा ने भारत का प्रतिनिधित्व चार कॉमनवेल्थ गेम्स में किया और कुल 15 पदक अपने नाम किए। 2006 के एशियाई खेलों में उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। खेल से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग का दायित्व संभाला और भारत को कई विश्वस्तरीय शूटर दिए।

पुरस्कार और सम्मान

जसपाल राणा को उनके खेल योगदान के लिए 1994 में अर्जुन पुरस्कार और 1997 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। कोच के रूप में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार भी प्रदान किया गया — यह तीनों प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे विरले शूटरों में से एक थे।

राजनीतिक जगत की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भावुक पोस्ट के ज़रिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। शूटिंग बिरादरी में जसपाल राणा के जाने को एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है — ऐसे कोच और खिलाड़ी जिन्होंने दशकों तक भारतीय शूटिंग की नींव मज़बूत की।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोच की भूमिका को उतना श्रेय नहीं मिलता जितना मिलना चाहिए। यह भी विचारणीय है कि भारतीय खेल तंत्र में अनुभवी कोचों की अगली पीढ़ी तैयार करने की व्यवस्था कितनी मज़बूत है — जसपाल जैसे कोच एक संस्था होते हैं, और उनके जाने के बाद वह शून्य भरना आसान नहीं होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जसपाल राणा का निधन कैसे हुआ?
जसपाल राणा आईएसएसएफ विश्व कप के बाद जर्मनी से भारत लौट रहे थे, जब फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 13 जून 2025 को 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
मनु भाकर ने जसपाल राणा को श्रद्धांजलि कैसे दी?
मनु भाकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जसपाल राणा के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा — 'अपूरणीय क्षति।' जसपाल की कोचिंग में ही मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीते थे।
जसपाल राणा की कोचिंग में मनु भाकर ने क्या उपलब्धि हासिल की?
जसपाल राणा की देखरेख में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीते और स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बनीं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक हासिल किए।
जसपाल राणा को कौन-कौन से राष्ट्रीय पुरस्कार मिले थे?
जसपाल राणा को 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्मश्री और 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में यह तीनों पुरस्कार पाना उनकी असाधारण विरासत को दर्शाता है।
बतौर खिलाड़ी जसपाल राणा की क्या उपलब्धियाँ रहीं?
जसपाल राणा ने चार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 15 पदक जीते। 2006 के एशियाई खेलों में उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था।
राष्ट्र प्रेस
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