जसपाल राणा के निधन पर मनु भाकर का भावुक संदेश: 'अपूरणीय क्षति', शूटिंग जगत में शोक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शूटिंग के महान खिलाड़ी और राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का 13 जून 2025 को मात्र 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय खेल जगत को गहरा आघात पहुँचा है। ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने प्रिय कोच के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा — 'अपूरणीय क्षति।'
कैसे हुआ निधन
जसपाल राणा आईएसएसएफ विश्व कप में हिस्सा लेने के बाद जर्मनी से स्वदेश लौट रहे थे, जब फ्लाइट के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
मनु भाकर का भावुक श्रद्धांजलि
मनु भाकर ने एक्स पर जसपाल राणा के साथ अपनी यादगार तस्वीरें पोस्ट करते हुए दो शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त की — 'अपूरणीय क्षति।' गौरतलब है कि जसपाल राणा की कोचिंग में ही मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीते थे और एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बनी थीं। यह उपलब्धि जसपाल के मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं थी।
खिलाड़ी और कोच के रूप में विरासत
बतौर शूटर जसपाल राणा ने भारत का प्रतिनिधित्व चार कॉमनवेल्थ गेम्स में किया और कुल 15 पदक अपने नाम किए। 2006 के एशियाई खेलों में उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। खेल से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग का दायित्व संभाला और भारत को कई विश्वस्तरीय शूटर दिए।
पुरस्कार और सम्मान
जसपाल राणा को उनके खेल योगदान के लिए 1994 में अर्जुन पुरस्कार और 1997 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। कोच के रूप में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार भी प्रदान किया गया — यह तीनों प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे विरले शूटरों में से एक थे।
राजनीतिक जगत की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भावुक पोस्ट के ज़रिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। शूटिंग बिरादरी में जसपाल राणा के जाने को एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है — ऐसे कोच और खिलाड़ी जिन्होंने दशकों तक भारतीय शूटिंग की नींव मज़बूत की।