27 जुलाई 2026
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जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन, मनु भाकर के कोच और एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट नहीं रहे

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जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन, मनु भाकर के कोच और एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट नहीं रहे

सारांश

भारतीय शूटिंग के स्तंभ जसपाल राणा नहीं रहे — म्यूनिख वर्ल्ड कप में टीम को 2 गोल्ड दिलाकर लौटे और 49 की उम्र में दिल्ली में दम तोड़ा। कॉमनवेल्थ के 15 पदक, एशियन गेम्स के 8 पदक और मनु भाकर के दो ओलंपिक गोल्ड — यही उनकी अमर विरासत है।

मुख्य बातें

पूर्व शूटर और कोच जसपाल राणा का 12 जून 2026 को 49 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हुआ।
वह म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौटते समय बीमार पड़े थे; उनकी टीम ने वहाँ 2 गोल्ड और 2 सिल्वर जीते।
कोच के रूप में उनकी देखरेख में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में 2 गोल्ड मेडल जीते।
खिलाड़ी के रूप में कॉमनवेल्थ गेम्स के 4 संस्करणों में 15 पदक (9 गोल्ड, 4 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज) और एशियन गेम्स में 8 पदक ।
2020 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित।
एनआरएआई अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने इसे 'बहुत बड़ी क्षति' बताया।

भारतीय शूटिंग के दिग्गज खिलाड़ी और हाई परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का शुक्रवार, 12 जून 2026 को मात्र 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट राणा ने पेरिस ओलंपिक में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली शूटर मनु भाकर को तराशने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।

अचानक बिगड़ी तबीयत, दिल्ली में भर्ती

रिपोर्टों के अनुसार, जसपाल राणा म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से स्वदेश लौट रहे थे, जब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका निधन हुआ। वह उस समय भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) द्वारा नियुक्त 25 मीटर पिस्टल इवेंट के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में कार्यरत थे।

म्यूनिख वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक सफलता

जसपाल राणा की अगुवाई में भारतीय पिस्टल टीम ने म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते। यह उनके कोचिंग करियर की अंतिम बड़ी उपलब्धि साबित हुई। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट उनके निधन से ठीक पहले संपन्न हुआ था।

खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर

जसपाल राणा ने भारतीय शूटिंग में एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों1994, 1998, 2002 और 2006 — में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 15 पदक जीते, जिनमें 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल थे। इसके अलावा 1994, 1998 और 2006 के एशियन गेम्स में उन्होंने कुल 8 पदक हासिल किए। एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में उनके पदकों ने उन्हें भारत के सर्वकालिक महान शूटरों में स्थान दिलाया।

कोच के रूप में विरासत: मनु भाकर की सफलता

खिलाड़ी से कोच बनने के सफर में जसपाल राणा ने भारतीय शूटिंग की काया पलट दी। उनकी देखरेख में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो गोल्ड मेडल जीते और एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। शूटिंग में कड़ी ट्रेनिंग रूटीन स्थापित करने का श्रेय व्यापक रूप से राणा को दिया जाता है। उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था।

शोक और श्रद्धांजलि

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह बहुत बड़ी क्षति है। वह न केवल एक चैंपियन शूटर थे, बल्कि एक बेहतरीन मेंटर भी थे। वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।" जसपाल राणा का जाना भारतीय शूटिंग के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनकी विरासत उन हर निशानेबाज़ में जीवित रहेगी जिन्हें उन्होंने विश्व मंच पर चमकने के लिए तैयार किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राणा की असली विरासत वह प्रणाली है जो उन्होंने खड़ी की — एनआरएआई को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह प्रणाली एक व्यक्ति के साथ न चली जाए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जसपाल राणा कौन थे और उनका निधन कैसे हुआ?
जसपाल राणा भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर और एनआरएआई के 25 मीटर पिस्टल इवेंट के हाई परफॉर्मेंस कोच थे। म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और 12 जून 2026 को नई दिल्ली के एक अस्पताल में 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा ने अपने करियर में कितने पदक जीते?
जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के 1994, 1998, 2002 और 2006 के चार संस्करणों में कुल 15 पदक जीते, जिनमें 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल थे। इसके अलावा 1994, 1998 और 2006 के एशियन गेम्स में उन्होंने 8 पदक हासिल किए।
मनु भाकर की सफलता में जसपाल राणा की क्या भूमिका थी?
जसपाल राणा मनु भाकर के हाई परफॉर्मेंस कोच थे। उनकी देखरेख में मनु ने पेरिस ओलंपिक में दो गोल्ड मेडल जीते और एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं।
जसपाल राणा को द्रोणाचार्य पुरस्कार कब मिला?
भारत सरकार ने जसपाल राणा को बतौर कोच उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया था। यह पुरस्कार भारत में कोचों को दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल सम्मान है।
म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
जसपाल राणा के नेतृत्व में भारतीय पिस्टल टीम ने म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते। यह टूर्नामेंट उनके निधन से ठीक पहले संपन्न हुआ और उनके कोचिंग करियर की अंतिम बड़ी उपलब्धि बना।
राष्ट्र प्रेस
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