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जसपाल राणा की तेहरवीं पर राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, देहरादून में जुटे दिग्गज

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जसपाल राणा की तेहरवीं पर राजनाथ सिंह और सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, देहरादून में जुटे दिग्गज

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के मझौन में जसपाल राणा की तेहरवीं पर श्रद्धांजलि दी। 13 जून को निधन हुए राणा कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीतने वाले भारत के सबसे सफल एथलीट और मनु भाकर के कोच थे।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 24 जून 2026 को देहरादून के मझौन में जसपाल राणा की तेहरवीं पर श्रद्धांजलि दी।
जसपाल राणा का निधन 13 जून को नई दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था।
राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों में 9 स्वर्ण सहित 15 पदक और एशियन गेम्स में 4 स्वर्ण व 1 रजत पदक जीते।
1994 मिलान वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2006 दोहा एशियन गेम्स में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हैं।
पेरिस ओलंपिक में दो पदक विजेता मनु भाकर के कोच के रूप में राणा ने भारतीय निशानेबाज़ी को नई पीढ़ी दी।
राणा द्रोणाचार्य पुरस्कार , अर्जुन अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित थे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 24 जून 2026 को देहरादून के मझौन में दिवंगत शूटिंग चैंपियन एवं कोच जसपाल राणा की तेहरवीं पर पहुँचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 13 जून को नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हुए राणा भारतीय निशानेबाज़ी के सबसे चमकदार नामों में से एक थे।

श्रद्धांजलि समारोह का मुख्य घटनाक्रम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जसपाल राणा के परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, 'जसपाल राणा ने वैश्विक मंच पर भारतीय निशानेबाज़ी को नई पहचान देने और उसे ऊँचा करने में अहम भूमिका निभाई — उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा।'

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राणा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शानदार प्रदर्शन से उत्तराखंड और देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि राणा की विरासत आने वाली पीढ़ियों के एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत बनी रहेगी।

समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

तेहरवीं समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तराखंड के मंत्री सौरभ बहुगुणा और खजान दास, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद महेश शर्मा, अजय भट्ट और सुधांशु त्रिवेदी तथा BJP विधायक पंकज सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राणा का योगदान केवल खेल जगत तक सीमित नहीं था — वे राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक थे।

जसपाल राणा की अद्वितीय उपलब्धियाँ

द्रोणाचार्य पुरस्कार, अर्जुन अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित जसपाल राणा का करियर तीन दशक से भी अधिक लंबा रहा। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट हैं — उन्होंने चार संस्करणों में 9 स्वर्ण पदक सहित कुल 15 पदक जीते।

उनकी उपलब्धियों में एशियन गेम्स के 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक भी शामिल हैं। 1994 की मिलान वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता, और 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।

कोच के रूप में अमिट विरासत

खेल से संन्यास के बाद राणा ने एक सफल कोच के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब भारतीय निशानेबाज़ी ओलंपिक पदकों की दृष्टि से नई ऊँचाइयाँ छू रही है। पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्टार निशानेबाज़ मनु भाकर के कोच राणा ही थे — यह उनकी सबसे बड़ी विरासतों में से एक है।

आगे क्या

राणा के निधन के बाद भारतीय निशानेबाज़ी जगत में उनके जैसे अनुभवी कोच की कमी महसूस की जाएगी। खेल मंत्रालय और निशानेबाज़ी संघ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे राणा की स्मृति में युवा निशानेबाज़ों के प्रशिक्षण के लिए कोई ठोस पहल करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्हें गढ़ने वाले कोचों को जीते-जी वह सम्मान शायद ही मिलता है जो मृत्यु के बाद मिलता है। मनु भाकर की पेरिस सफलता राणा के बिना संभव नहीं थी — यह तथ्य भारतीय खेल नीति में कोचिंग इकोसिस्टम की उपेक्षा की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जसपाल राणा कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
जसपाल राणा भारत के सबसे महान निशानेबाज़ों में से एक और एक सफल शूटिंग कोच थे। उनका निधन 13 जून को नई दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ। वे द्रोणाचार्य पुरस्कार, अर्जुन अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित थे।
जसपाल राणा की तेहरवीं पर कौन-कौन से नेता उपस्थित रहे?
24 जून को देहरादून के मझौन में आयोजित तेहरवीं समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, BJP सांसद महेश शर्मा, अजय भट्ट और सुधांशु त्रिवेदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कितने पदक जीते?
जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों में 9 स्वर्ण पदक सहित कुल 15 पदक जीते, जिससे वे इस प्रतियोगिता में भारत के सबसे सफल एथलीट बने। इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स में 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक भी जीते।
क्या जसपाल राणा मनु भाकर के कोच थे?
हाँ, जसपाल राणा पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्टार निशानेबाज़ मनु भाकर के कोच थे। कोच के रूप में यह उनकी सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
जसपाल राणा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी?
जसपाल राणा ने 1994 की मिलान वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2006 दोहा एशियन गेम्स में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
राष्ट्र प्रेस
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