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पूर्व TMC सांसद डॉ. शांतनु सेन ने CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को दी बधाई, तृणमूल फिर बेचैन

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पूर्व TMC सांसद डॉ. शांतनु सेन ने CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को दी बधाई, तृणमूल फिर बेचैन

सारांश

TMC से निलंबित होकर वापस आए और फिर चुनाव बाद भाजपा को बधाई देने वाले डॉ. शांतनु सेन की यह पोस्ट महज शिष्टाचार नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की बदली राजनीतिक हवा का संकेत है — जहाँ 207 सीटें जीतकर भाजपा सत्ता में आई और TMC के भीतर दरारें उभर रही हैं।

मुख्य बातें

पूर्व TMC राज्यसभा सांसद डॉ.
शांतनु सेन ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को बधाई दी।
उन्होंने यह पोस्ट IMA के अखिल भारतीय अध्यक्ष और बंगाल राज्य सचिव की हैसियत से की।
आरजीकर आंदोलन के दौरान पार्टी-विरोधी टिप्पणियों के कारण उन्हें TMC ने निलंबित किया था, जो बाद में 2026 चुनावों से पहले वापस लिया गया।
भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है।
TMC प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा — यह पोस्ट IMA पदाधिकारी के रूप में की गई, पार्टी की ओर से नहीं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सदस्य और चिकित्सक डॉ. शांतनु सेन ने पश्चिम बंगाल की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के लिए बधाई दी है। शनिवार रात सोशल मीडिया पर की गई इस पोस्ट ने तृणमूल खेमे में एक बार फिर हलचल मचा दी है।

शांतनु सेन ने क्या लिखा

डॉ. शांतनु सेन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चिकित्सा आंदोलन के एक दीर्घकालिक सिपाही के रूप में — इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अखिल भारतीय अध्यक्ष और IMA की बंगाल राज्य शाखा के वर्तमान राज्य सचिव के तौर पर — वे बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास एवं जन कल्याणकारी परियोजनाएं शुरू करने के लिए बधाई और आभार व्यक्त करते हैं।

उल्लेखनीय है कि उन्होंने यह पोस्ट TMC प्रवक्ता या पूर्व सांसद की हैसियत से नहीं, बल्कि IMA पदाधिकारी के रूप में की।

आरजीकर आंदोलन और तृणमूल से दूरी की पृष्ठभूमि

डॉ. शांतनु सेन ने आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या मामले में न्याय के लिए चले आंदोलन के दौरान 'रिक्लेम द नाइट' कार्यक्रम का खुलकर समर्थन किया था। उनकी पत्नी को भी विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के साथ खड़े देखा गया था। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे।

इन पार्टी-विरोधी टिप्पणियों के कारण उन्हें पहले TMC प्रवक्ता पद से हटाया गया और फिर तृणमूल अनुशासन समिति ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रचार के दौरान TMC ने उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें पार्टी प्रवक्ता के रूप में बहाल कर दिया था।

अभिषेक बनर्जी से नजदीकी और पार्टी भूमिका

तृणमूल के भीतर डॉ. शांतनु सेन को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। निलंबन के दौरान भी उन्होंने डायमंड हार्बर में आयोजित एक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी — डॉक्टर उपलब्ध कराने से लेकर पूरे आयोजन के प्रबंधन तक। बाद में उन्होंने नंदीग्राम में भी एक कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।

तृणमूल की प्रतिक्रिया

TMC प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतनु सेन ने यह पोस्ट तृणमूल के पूर्व सांसद या पार्टी प्रवक्ता के तौर पर नहीं, बल्कि IMA के एक पदाधिकारी के तौर पर की है और वे ऐसा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्ता परिवर्तन के बाद इस तरह की बधाई को TMC को एक सांकेतिक संदेश के रूप में भी देखा जा सकता है।

आगे क्या

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC के भीतर विभिन्न नेताओं की स्थिति और निष्ठा पर नजर बनी हुई है। डॉ. शांतनु सेन की यह पोस्ट उस व्यापक राजनीतिक पुनर्गठन की एक कड़ी मानी जा रही है, जो पश्चिम बंगाल में नए राजनीतिक समीकरणों के बीच सामने आ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निलंबन, बहाली और अब विजयी विपक्ष को बधाई — यह क्रम बताता है कि पश्चिम बंगाल में TMC की आंतरिक एकता पर दबाव गहरा है। IMA की ओट लेकर दी गई बधाई को 'तकनीकी रूप से पार्टी-तटस्थ' कहना आसान है, लेकिन राजनीतिक संदेश स्पष्ट है। मुख्यधारा की कवरेज इस घटना को अकेले देख रही है, जबकि असली सवाल यह है कि 207 सीटें जीतने के बाद भाजपा TMC के कितने और नेताओं को इसी तरह 'IMA की हैसियत' से बधाई देने पर मजबूर करेगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. शांतनु सेन ने भाजपा सरकार को बधाई क्यों दी?
डॉ. शांतनु सेन ने IMA के अखिल भारतीय अध्यक्ष और बंगाल राज्य सचिव की हैसियत से पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र में जन कल्याणकारी परियोजनाएं शुरू करने के लिए बधाई दी। उन्होंने यह पोस्ट TMC नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक चिकित्सा संगठन के पदाधिकारी के रूप में की।
शांतनु सेन को TMC से निलंबित क्यों किया गया था?
आरजीकर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या मामले में न्याय आंदोलन के दौरान पार्टी-विरोधी टिप्पणियाँ करने के आरोप में TMC अनुशासन समिति ने उन्हें निलंबित किया था। उन्होंने 'रिक्लेम द नाइट' कार्यक्रम का समर्थन किया था और अस्पताल प्रशासन में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने कितनी सीटें जीती हैं?
भाजपा ने विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है। सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।
TMC ने शांतनु सेन की इस पोस्ट पर क्या कहा?
TMC प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि यह पोस्ट शांतनु सेन ने पार्टी प्रवक्ता या पूर्व सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि IMA पदाधिकारी के तौर पर की है और वे ऐसा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
क्या शांतनु सेन अभी भी TMC में हैं?
2026 के विधानसभा चुनावों से पहले TMC ने उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें पार्टी प्रवक्ता के रूप में बहाल किया था। हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी भाजपा सरकार को बधाई देने वाली पोस्ट से तृणमूल और उनके बीच की दूरी फिर चर्चा में है।
राष्ट्र प्रेस
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