9 जुलाई 2026
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पूर्व टीएमसी सांसद डॉ. शांतनु सेन ने CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को दी बधाई, तृणमूल फिर बेचैन

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पूर्व टीएमसी सांसद डॉ. शांतनु सेन ने CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को दी बधाई, तृणमूल फिर बेचैन

सारांश

तृणमूल से निलंबित और फिर बहाल हुए डॉ. शांतनु सेन ने सत्ता परिवर्तन के बाद IMA पदाधिकारी के रूप में CM सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी — एक ऐसा कदम जिसे राजनीतिक विश्लेषक तृणमूल को दिए गए अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में देख रहे हैं।

मुख्य बातें

शांतनु सेन , तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य, ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर CM सुवेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बधाई दी।
उन्होंने यह पोस्ट IMA के अखिल भारतीय अध्यक्ष और IMA बंगाल राज्य सचिव की हैसियत से किया।
आरजीकर आंदोलन के दौरान पार्टी-विरोधी टिप्पणियों के कारण उन्हें तृणमूल से निलंबित किया गया था, बाद में 2026 चुनावों से पहले बहाल किया गया।
तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि यह पोस्ट IMA पदाधिकारी की हैसियत से है, पार्टी की ओर से नहीं।
2026 विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शांतनु सेन ने पश्चिम बंगाल की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के लिए बधाई दी है। शनिवार रात सोशल मीडिया पर की गई यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है और तृणमूल को एक बार फिर असहज स्थिति में डाल दिया है।

क्या लिखा डॉ. शांतनु सेन ने

डॉ. सेन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अखिल भारतीय अध्यक्ष और IMA की बंगाल राज्य शाखा के वर्तमान राज्य सचिव के रूप में वे बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में जन कल्याणकारी परियोजनाएँ शुरू करने के लिए बधाई और आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह पोस्ट स्पष्ट रूप से एक चिकित्सा आंदोलन के 'दीर्घकालिक सिपाही' की हैसियत से की।

शांतनु सेन और तृणमूल के बीच दरार की पृष्ठभूमि

डॉ. शांतनु सेन तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य रहे हैं। आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय के लिए चले आंदोलन — जिसे 'आरजी आंदोलन' कहा गया — के दौरान उन पर पार्टी-विरोधी टिप्पणियाँ करने का आरोप लगा था। उन्होंने 'रिक्लेम द नाइट' कार्यक्रम का समर्थन किया था और अस्पताल प्रशासन के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। यहाँ तक कि उनकी पत्नी को भी विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के साथ खड़े देखा गया था।

इन टिप्पणियों के कारण पार्टी के भीतर भारी हंगामा हुआ और तृणमूल अनुशासन समिति ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया। उनका पार्टी प्रवक्ता पद भी छिन गया। गौरतलब है कि तृणमूल में डॉ. सेन को अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है।

निलंबन, वापसी और फिर विवाद

निलंबन के बावजूद, डॉ. सेन ने डायमंड हार्बर और नंदीग्राम में आयोजित कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई — डॉक्टर उपलब्ध कराने से लेकर कार्यक्रम प्रबंधन तक। 2026 विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान तृणमूल ने उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें पार्टी प्रवक्ता के रूप में बहाल कर दिया था।

अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डॉ. सेन ने IMA पदाधिकारी के रूप में अपनी पहचान सामने रखकर और सुवेंदु अधिकारी को बधाई देकर तृणमूल को एक अप्रत्यक्ष संदेश देने की कोशिश की है।

तृणमूल की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने इस मामले पर कहा कि डॉ. शांतनु सेन ने यह पोस्ट तृणमूल के पूर्व सांसद या पार्टी प्रवक्ता के रूप में नहीं, बल्कि IMA के एक पदाधिकारी के रूप में किया है और वे ऐसा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। हालाँकि, यह प्रतिक्रिया पार्टी की आंतरिक बेचैनी को पूरी तरह छुपा नहीं पाती।

राजनीतिक संदर्भ: बंगाल में सत्ता परिवर्तन

2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है। यह ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और समर्थकों की भविष्य की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठ रहे हैं। डॉ. सेन का यह कदम उन संकेतों में से एक माना जा रहा है जो बताते हैं कि बंगाल की राजनीति में पुनर्गठन की प्रक्रिया अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आरजीकर आंदोलन की विरासत और पार्टी के साथ वैचारिक दूरी कभी पूरी तरह मिटी नहीं। असली सवाल यह है कि तृणमूल के कितने और 'बहाल' नेता नई सत्ता की ओर झुकाव दिखाएँगे, और पार्टी के पास इस आंतरिक क्षरण को रोकने का कोई ठोस जवाब है या नहीं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. शांतनु सेन ने भाजपा सरकार को बधाई क्यों दी?
डॉ. शांतनु सेन ने IMA के अखिल भारतीय अध्यक्ष और IMA बंगाल राज्य सचिव की हैसियत से पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार और CM सुवेंदु अधिकारी को स्वास्थ्य क्षेत्र में जन कल्याणकारी परियोजनाएँ शुरू करने के लिए बधाई दी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसे तृणमूल को दिए गए अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
शांतनु सेन को तृणमूल से क्यों निलंबित किया गया था?
आरजीकर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय के लिए चले आंदोलन के दौरान उन्होंने पार्टी-विरोधी टिप्पणियाँ कीं और अस्पताल प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसके बाद तृणमूल अनुशासन समिति ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया और प्रवक्ता पद भी छिन गया।
क्या डॉ. शांतनु सेन अभी भी तृणमूल में हैं?
2026 विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान तृणमूल ने उनका निलंबन वापस लेकर उन्हें पार्टी प्रवक्ता के रूप में बहाल किया था। हालाँकि, भाजपा सरकार को बधाई देने वाली उनकी हालिया पोस्ट ने दोनों के बीच की दूरी को फिर से उजागर कर दिया है।
तृणमूल ने शांतनु सेन की इस पोस्ट पर क्या कहा?
तृणमूल प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि डॉ. सेन ने यह पोस्ट पार्टी के प्रवक्ता के रूप में नहीं, बल्कि IMA के एक पदाधिकारी के रूप में किया है और वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।
2026 पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने कितनी सीटें जीतीं?
2026 विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई। सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।
राष्ट्र प्रेस
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