TMC में इस्तीफों की लहर: शांतनु सेन और अरूप चक्रवर्ती ने छोड़ा प्रवक्ता पद, विधानसभा हार के बाद उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में 28 मई 2026 को इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन तथा कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड संख्या 98 के पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने एक ही दिन पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं के इस कदम को हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
अरूप चक्रवर्ती का इस्तीफा: क्या हुआ
गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अरूप चक्रवर्ती ने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजकर पार्टी प्रवक्ता पद छोड़ने की घोषणा की। अपने इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया और कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी, उसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवक्ता के रूप में उन्होंने सदैव पार्टी की विचारधारा, मूल्यों और सिद्धांतों को जनता व मीडिया के समक्ष रखने का प्रयास किया।
इससे एक दिन पहले बुधवार को चक्रवर्ती ने KMC की लेखा समिति के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा उन्होंने KMC आयुक्त स्मिता पांडेय को सौंपा। इसी कड़ी में एक अन्य TMC पार्षद सुशांत घोष ने भी बरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने बाद में अपने-अपने इस्तीफे कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को भी सौंपे।
पार्षद पद बरकरार, केवल प्रशासनिक पदों से हटे
दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे पार्षद पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं — केवल निगम के प्रशासनिक और पार्टी के प्रवक्ता पदों से हट रहे हैं। यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी छोड़ने की अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगता है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष की तस्वीर साफ उभरती है।
चुनाव हार पर अरूप चक्रवर्ती की तीखी टिप्पणी
बाद में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चक्रवर्ती ने हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा, 'यह परिणाम अपेक्षित नहीं था। लेकिन जनता के फैसले को गंभीरता से स्वीकार करना होगा। यदि हम हार स्वीकार नहीं कर सकते, तो हमारी पिछली जीत भी अर्थहीन हो जाती है। पार्टी कार्यकर्ता इस समय संकट में हैं। जो नेता लंबे समय तक मंत्री रहे, वे अब कहां हैं?' यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व के प्रति एक परोक्ष लेकिन तीखा सवाल मानी जा रही है।
शांतनु सेन का इस्तीफा: ममता को भेजा पत्र
पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने अपना इस्तीफा पत्र सीधे TMC सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा। सेन ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनावों में जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है। गौरतलब है कि सेन TMC के राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय चेहरों में से एक रहे हैं और उनका इस्तीफा पार्टी के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
TMC के लिए आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब TMC विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद आंतरिक समीक्षा के दौर से गुजर रही है। एक ही दिन में दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं का पद छोड़ना और एक पार्षद का प्रशासनिक पद से हटना पार्टी के भीतर नेतृत्व और जवाबदेही को लेकर बहस को और तेज कर सकता है। आने वाले दिनों में पार्टी की आंतरिक बैठकों और नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।