13 जुलाई 2026
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TMC में इस्तीफों की लहर: शांतनु सेन और अरूप चक्रवर्ती ने छोड़ा प्रवक्ता पद, विधानसभा हार के बाद उठे सवाल

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TMC में इस्तीफों की लहर: शांतनु सेन और अरूप चक्रवर्ती ने छोड़ा प्रवक्ता पद, विधानसभा हार के बाद उठे सवाल

सारांश

विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में असंतोष की आग भड़की — एक ही दिन में दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं शांतनु सेन और अरूप चक्रवर्ती ने पद छोड़ा। चक्रवर्ती का सीधा सवाल — 'जो नेता मंत्री रहे, वे अब कहां हैं?' — पार्टी नेतृत्व के लिए एक असहज संकेत है।

मुख्य बातें

TMC पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने 28 मई 2026 को पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया; ईमेल महासचिव अभिषेक बनर्जी को भेजा।
पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने भी उसी दिन प्रवक्ता पद छोड़ा; इस्तीफा TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी को भेजा।
TMC पार्षद सुशांत घोष ने बरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया।
चक्रवर्ती ने एक दिन पहले KMC लेखा समिति की सदस्यता भी छोड़ी; इस्तीफा KMC आयुक्त स्मिता पांडेय को सौंपा।
दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे पार्षद पद पर बने रहेंगे — केवल प्रशासनिक व प्रवक्ता पदों से हटे हैं।
चक्रवर्ती ने विधानसभा हार पर कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता इस समय संकट में हैं।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में 28 मई 2026 को इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन तथा कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड संख्या 98 के पार्षद अरूप चक्रवर्ती ने एक ही दिन पार्टी प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं के इस कदम को हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

अरूप चक्रवर्ती का इस्तीफा: क्या हुआ

गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अरूप चक्रवर्ती ने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजकर पार्टी प्रवक्ता पद छोड़ने की घोषणा की। अपने इस्तीफे में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया और कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी, उसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवक्ता के रूप में उन्होंने सदैव पार्टी की विचारधारा, मूल्यों और सिद्धांतों को जनता व मीडिया के समक्ष रखने का प्रयास किया।

इससे एक दिन पहले बुधवार को चक्रवर्ती ने KMC की लेखा समिति के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा उन्होंने KMC आयुक्त स्मिता पांडेय को सौंपा। इसी कड़ी में एक अन्य TMC पार्षद सुशांत घोष ने भी बरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने बाद में अपने-अपने इस्तीफे कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को भी सौंपे।

पार्षद पद बरकरार, केवल प्रशासनिक पदों से हटे

दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे पार्षद पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं — केवल निगम के प्रशासनिक और पार्टी के प्रवक्ता पदों से हट रहे हैं। यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी छोड़ने की अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगता है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष की तस्वीर साफ उभरती है।

चुनाव हार पर अरूप चक्रवर्ती की तीखी टिप्पणी

बाद में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चक्रवर्ती ने हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा, 'यह परिणाम अपेक्षित नहीं था। लेकिन जनता के फैसले को गंभीरता से स्वीकार करना होगा। यदि हम हार स्वीकार नहीं कर सकते, तो हमारी पिछली जीत भी अर्थहीन हो जाती है। पार्टी कार्यकर्ता इस समय संकट में हैं। जो नेता लंबे समय तक मंत्री रहे, वे अब कहां हैं?' यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व के प्रति एक परोक्ष लेकिन तीखा सवाल मानी जा रही है।

शांतनु सेन का इस्तीफा: ममता को भेजा पत्र

पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने अपना इस्तीफा पत्र सीधे TMC सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा। सेन ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनावों में जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है। गौरतलब है कि सेन TMC के राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय चेहरों में से एक रहे हैं और उनका इस्तीफा पार्टी के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

TMC के लिए आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब TMC विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद आंतरिक समीक्षा के दौर से गुजर रही है। एक ही दिन में दो वरिष्ठ प्रवक्ताओं का पद छोड़ना और एक पार्षद का प्रशासनिक पद से हटना पार्टी के भीतर नेतृत्व और जवाबदेही को लेकर बहस को और तेज कर सकता है। आने वाले दिनों में पार्टी की आंतरिक बैठकों और नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे अब कहां हैं?' — पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सीधी उंगली है, भले ही नाम न लिया गया हो। TMC का इतिहास बताता है कि ऐसे 'व्यक्तिगत कारणों' वाले इस्तीफे अक्सर बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की आहट होते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इन इस्तीफों को प्रशासनिक फेरबदल की तरह पेश कर रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि ममता बनर्जी चुनाव-पश्चात जवाबदेही की इस माँग को कब तक और कैसे संभालती हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TMC में एक साथ इतने इस्तीफे क्यों हो रहे हैं?
हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद TMC के भीतर असंतोष बढ़ा है। शांतनु सेन ने स्वयं कहा कि जनादेश को स्वीकार करते हुए उन्होंने प्रवक्ता पद छोड़ा, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की दुर्दशा और नेताओं की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए।
क्या अरूप चक्रवर्ती और शांतनु सेन TMC छोड़ रहे हैं?
नहीं, दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे पार्षद पद पर बने रहेंगे और TMC नहीं छोड़ रहे। उन्होंने केवल पार्टी प्रवक्ता और निगम के प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दिया है।
सुशांत घोष ने किस पद से इस्तीफा दिया?
TMC पार्षद सुशांत घोष ने कोलकाता नगर निगम के बरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह इस्तीफा कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को सौंपा।
अरूप चक्रवर्ती ने KMC में और किस पद से इस्तीफा दिया?
अरूप चक्रवर्ती ने बुधवार, 28 मई से एक दिन पहले, KMC की लेखा समिति के सदस्य पद से भी इस्तीफा दिया था। यह इस्तीफा उन्होंने KMC आयुक्त स्मिता पांडेय को सौंपा।
शांतनु सेन ने अपना इस्तीफा किसे भेजा?
पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने अपना इस्तीफा पत्र सीधे TMC सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा। उन्होंने विधानसभा चुनाव के जनादेश को इस्तीफे का आधार बताया।
राष्ट्र प्रेस
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